केदारनाथ धाम समेत उत्तराखंड में चल रहे चार धाम यात्रा के दौरान लगातार सोशल मीडिया के लिए वीडियो और Reels बनाने की शिकायतें मिल रही थी। आरोप लगाया जा रहा था कि चार धाम यात्रा में आस्था के कारण आने वाले श्रद्धालुओं की तुलना में Reels और वीडियो बनाने व बस यूं ही घूमने आने वाले लोगों की संख्या ज्यादा है। इन शिकायतों के मद्देनजर उत्तराखंड की सरकार ने सख्त कार्रवाई की है।
वहीं चार धाम की यात्रा में हो रही अत्यधिक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन को बंद करने के साथ ही कुछ वाहनों के प्रवेश पर भी पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गयी है। अगले कुछ दिनों तक उत्तराखंड समेत चार धाम यात्रा मार्ग पर कैसा रहेगा मौसम?

वीडियो और Reels बनाने पर पूरी पाबंदी
उत्तराखंड सरकार की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि केदारनाथ धाम समेत सभी धामों में मंदिर परिसर में 50 मीटर की परिधि में Reels या वीडियो बनाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। अगर कोई भी व्यक्ति ऐसा करता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पहले चार धाम मंदिर परिसर से 200 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर ही बैन लगायी गयी थी।
लेकिन ऐसा करने पर किसी भी आपातकाल की स्थिति में मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए मोबाइल के इस्तेमाल पर बैन नहीं लगाया गया है लेकिन 50 मीटर के दायरे में वीडियो अथवा Reels बनाने पर रोक लगा दी गयी है।

ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन-वीआईपी दर्शन बंद
मिली जानकारी के अनुसार केदारनाथ धाम समेत चार धाम यात्रा के लिए अभी ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन रविवार 19 मई तक बंद रहेगी। ऐसा फैसला चार धाम यात्रा में हो रही अनियंत्रित भीड़ को काबू में लाने के लिए लिया गया है। इस बात की घोषणा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक समीक्षा बैठक के बाद की। दर्शन करने आने वाले वैसे श्रद्धालु जो चार धाम यात्रा का रजिस्ट्रेशन किसी भी कारणवश ऑनलाइन माध्यम से नहीं करवा पाते थे, उनके लिए हरिद्वार और ऋषिकेश में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गयी है, जिसे 19 मई तक बंद रखा जाएगा।
इसके साथ ही 31 मई तक वीआईपी दर्शन की व्यवस्था को भी बंद रखा जाएगा। सिर्फ रजिस्टर्ड भक्तों को ही उनकी निर्दिष्ट तिथियों पर दर्शन करने की अनुमति दी जाएगी। बता दें, 25 अप्रैल से चार धाम यात्रा का रजिस्ट्रेशन शुरू हुआ था और 16 मई तक 27 लाख श्रद्धालुओं का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। देश-विदेश से आने वाले करीब 3,34,732 श्रद्धालु शुरुआती 6 दिनों में चार धाम के दर्शन करने के लिए पहुंच चुके हैं।

बिना पंजीकृत वाहनों को लौटाया जा रहा
केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु केदारनाथ धाम में पैदल, घोड़ा-खच्चर अथवा हेलीकॉप्टर सेवा से पहुंच रहे हैं। लेकिन धाम समेत सभी पड़ावों पर रुकने की एक निश्चित क्षमता है। इस वजह से राज्य प्रशासन बिना रजिस्ट्रेशन के चार धाम में आने वाले सभी वाहनों के प्रवेश पर कड़ाई से रोक लगा रही है। इस बारे में पुलिस अधीक्षक विशाखा अशोक ने बताया कि वाहनों के दबाव को कम करने के लिए उनकी कड़ाई से चेकिंग की जा रही है।
जो यात्री बिना पंजीकरण के ही चार धाम की यात्रा पर आ रहे हैं, ऐसे वाहनों को केदारनाथ धाम में एंट्री नहीं दी जा रही है। पंजीकरण के बाद उन वाहनों को रोक कर रखा जा रहा है और निर्धारित तिथि पर ही केदारनाथ धाम के लिए रवाना किया जा रहा है। ऐसा नहीं करने पर वाहनों को वापस लौटा दिया जा रहा है।

अब तक हो चुकी है 11 श्रद्धालुओं की मौत
NDTV इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल चार धाम यात्रा के दौरान करीब 11 लोगों की मौत हो गयी। पिछले साल चार धाम यात्रा के दौरान कुल 200 श्रद्धालुओं की मौत हो गयी थी। पिछले साल चार धाम यात्रा खत्म होने के बाद जारी सरकारी आंकड़ों से मिली जानकारी के अनुसार केदारनाथ धाम में 96, यमुनोत्री धाम में 34, गंगोत्री धाम में 29, बद्रीनाथ धाम में 33 और हेमकुंड साहिब में 7 व गोमुख ट्रेक में 1 श्रद्धालु की मौत हो गयी थी।
उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में स्थित चार धाम यात्रा की शुरुआत 10 मई को हुई थी। अक्षय तृतीया के दिन 10 मई को केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट व 12 मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट खोल दिये गये थे।
कहीं-कहीं बारिश के आसार
मौसम विभाग से जारी की गई एडवाजरी के मुताबिक उत्तराखंड के पौड़ी, देहरादून, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, टिहरी, बागेश्वर और चंपावत में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। मौसम विभाग की मानें तो मौसम में ये बदलाव 20 मई तक देखा जा सकता है।
मौसम विभाग ने चार धाम यात्रा करने वालों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। यात्रा करने वालों को मौसम देखकर यात्रा करने और बरसाती व बारिश से बचने के उपायों को भी ध्यान देने की एडवाइजरी जारी की गई है। चारधाम यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्री अपने साथ बरसाती और छाता जरूर रखें, क्योंकि चारधाम में कभी मौसम बदल सकता है।



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