लगभग 6 महीनों तक बंद रहने के बाद आखिरकार केदारनाथ धाम मंदिर के कपाट खुलने की तारीख आ गयी। हर साल महाशिवरात्रि के दिन केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तारीख की घोषणा की जाती है। इस साल 10 मई को बाबा केदारनाथ मंदिर के कपाट खोले जाएंगे।
वहीं कुछ दिनों पहले ही घोषणा की जा चुकी है कि 12 मई को बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खोल दिये जाएंगे। अभी तक गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट खोलने की तारीख का निर्धारण नहीं हुआ है। हर साल बर्फबारी की वजह से केदारनाथ मंदिर से बाबा केदार के चल विग्रह को बाहर निकालकर ऊखीमठ में रखा जाता है।

लगभग 6 महीनों के दौरान जब केदारनाथधाम में अत्यधिक बर्फबारी होती है तब बाबा की शीतकालिन गद्दी ऊखीमठ में ही रखी जाती है। इस साल 10 मई को केदारनाथ धाम के कपाट आम भक्त जनों के लिए खोल दिये जाएंगे।
क्या होगी कपाट खोलने की प्रक्रिया
- 6 मई को कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
- बाबा केदार के चल विग्रह को 6 मई को ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ से गुप्तकाशी पहुंचाया जाएगा।
- 7 मई को चल विग्रह रामपुर पहुंचेगी।
- 8 मई को गौरीकुंड और 9 मई को केदारनाथ धाम में विग्रह को विराजमान कर दिया जाएगा।
- 10 मई को सुबह 7 बजे केदारनाथ धाम के कपाट खोल दिये जाएंगे।

हर साल अक्षय तृतिया के दिन केदारनाथ धाम मंदिर के कपाट को खोल दिया जाता है। इस साल भी अक्षय तृतिया के पावन अवसर पर 10 मई को सुबह 7 बजे मंदिर का द्वार आम भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा। गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर के कपाट कब खुलेंगे, इसकी घोषणा चैत्र नवरात्रि में की जाएगी। इसके बाद ही आधिकारिक रूप से चारधाम यात्रा की शुरुआत हो सकेगी।
बता दें, उत्तराखंड के सबसे अधिक प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है केदारनाथ धाम। यह हिमाचल की चोटी और बर्फ से ढकी पहाड़ियों के बीच स्थित है, जहां महादेव के दर्शन करने हर साल देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। यह मंदिर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित और 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। हर साल अक्षय तृतिया के दिन केदारनाथ धाम के कपाट खुलते हैं जिसकी घोषणा महाशिवरात्रि के दिन होती है। वहीं भाईदूज के दिन केदारनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिये जाते हैं।



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