केदारनाथ जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी। भारी बारिश और भू-स्खलन की वजह से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके केदारनाथ धाम के पैदल मार्ग को मरम्मत के बाद खोल दिया गया है। लगभग 15 दिनों तक बंद रहने के बाद अब इस मार्ग को तीर्थ यात्रियों के लिए खोल दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार यात्रा मार्ग का पूरी तरह से मरम्मत कर दिया गया है। अगर आप पिछले 15 दिनों से इस मार्ग के खुलने का इंतजार कर रहे थे, तो अब आप अपनी यात्रा का प्लान बना सकते हैं।

बता दें, पिछले 31 अप्रैल की रात को बादल फटने की वजह से हुई भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से केदारनाथ धाम जाने का पैदल मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इसलिए उसे श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया था। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार 19 किमी लंबे इस मार्ग पर भू-स्खलन के मलबे की वजह से 29 जगहों पर रुकावट पैदा हो गयी थी। गत शुक्रवार यानी 16 अगस्त को सभी रुकावटों को दूर कर रास्ते को फिर से बहाल कर दिया गया है।
260 मजदूरों की मेहनत रंग लायी
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार इस यात्रा पथ की मरम्मत के लिए 260 मजदूरों ने रात-दिन एक कर काम किया। जिसकी वजह से ही इसे तीर्थयात्रियों के लिए फिर से खोला जा सका है। अधिकारियों ने बताया कि मार्ग की मरम्मत अब पूरी हो चुकी है। कुछ स्थान ऐसे हैं, जहां सुरक्षाकर्मी सड़क पार करने में आम लोगों की मदद कर रहे हैं।
बता दें, गत 31 जुलाई को हुई भारी बारिश की वजह से जगह-जगह भू-स्खलन के बाद यह रास्ता पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुआ था, जिससे हजारों तीर्थयात्री यहां फंस गये थे। बाद में प्रशासन ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व सेना की मदद से इन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

बताया जा रहा है कि पैदल मार्ग के खुल जाने से देश के विभिन्न हिस्सों से यहां केदारनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने पहुंच रहे श्रद्धालुओं में खुशी देखी जा रही है। जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग की ओर से भी तीर्थयात्रियों के लिए अच्छे प्रबंध किये जा रहे हैं। अब तक लगभग 10 लाख 93 हजार से ज्यादा तीर्थ यात्री केदारनाथ धाम की यात्रा पूरी कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि हर दिन लगभग 150 से 200 तीर्थ यात्री केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं जिसमें हेली सर्विस का लाभ उठाने के साथ-साथ पैदल पहुंचने वाले यात्री भी शामिल हैं।
पैदल मार्ग पर गुप्तकाशी में मजदूर सड़क निर्माण के कार्य में तेजी से लगे हुए हैं। इसके अलावा सोनप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग को भी ठीक करने की कोशिशें तेज कर दी गयी हैं। जल्द ही इन मार्गों पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी जिससे यहां रहने वाले लोगों के साथ-साथ तीर्थ यात्रियों को भी काफी आसानी होगी।



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