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केरल के अक्कूलम ग्लास ब्रिज पर आयी दरार, क्या घूमने के लिए अब यह रहा सुरक्षित?

केरल के तिरुवनंतपुरम के पास स्थित अक्कूलम गांव में बने ग्लास ब्रिज (Glass Bridge) पर हाल ही में दरार पड़ गयी है। मंगलवार (11 जून) को 52 मीटर लंबी इस ब्रिज पर दरार के नजर आते ही इसे पर्यटकों के लिए फिलहाल बंद कर दिया गया है। इससे ठीक 1 महीना पहले ही इस ब्रिज के एक पैनल में भी दरार पड़ी थी और अब यह दूसरी दरार है।

जिसके बारे में जानकारी मिलते ही ग्लास ब्रिज की गुणवत्ता को लेकर अब सवाल उठाये जाने लगे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार 75 फीट की ऊंचाई पर बने इस ग्लास ब्रिज को निजी कंपनी ने 1.2 करोड़ की लागत से बनाया था। बताया जाता है कि ग्लास ब्रिज में लगा हर पैनल 3 स्तर का है जो 36 मिमी मोटा और जिसका वजन करीब 1 टन है जिसे विदेश से मंगवाया गया था।

kerala akkulam glass bridge

ग्लास सप्लायर से सुरक्षा जांच के लिए कहा गया

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार अक्कूलम टूरिस्ट विलेज में ग्लास ब्रिज पर आए दरार की वजह से केरल के पर्यटन विभाग, जिला पर्यटन प्रमोशन काउंसिल (DTPC), ग्लास ब्रिज को बनाने वाली निजी कंपनी वट्टीयूर्कावु यूथ ब्रिगेड एंटरप्रेन्योर को-ऑपरेटिव सोसाइटी (VYBECOS) को बड़ी मुश्किलों में डाल दिया है।

ग्लास ब्रिज के लिए ग्लास पैनल की सप्लाई जिस कंपनी से की गयी थी, सेंट गोबैन, को सुरक्षा जांच करने के लिए कहा गया है। इस बारे में बात करते हुए VYBECOS के अध्यक्ष रथीश सी एस ने मीडिया को बताया कि उन्होंने ग्लास ब्रिज में लगे सभी ग्लास पैनल की गुणवत्ता की जांच के लिए कंपनी को लैब एनालिसीस करने के लिए कहा है।

कब से खुल सकता है ग्लास ब्रिज?

केरल का अक्कूलम गांव एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है जहां घूमने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग आते रहते हैं। ग्लास ब्रिज इस जगह का एक महत्वपूर्ण आकर्षण है लेकिन पिछले दिनों ग्लास ब्रिज में दूसरी बार दरार पड़ने की वजह से इसे पर्यटकों के लिए फिलहाल सुरक्षा के दृष्टिकोण से बंद कर दिया गया है।

glass bridge crack kerala akkulam

ग्लास ब्रिज को बनाने वाली निजी कंपनी VYBECOS के अध्यक्ष रथीश सी एस ने मीडिया से बात करते हुए यह आश्वस्त किया कि ग्लास ब्रिज की संरचना पर्यटकों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है। इसके बावजूद हमने सप्लायर से ग्लास ब्रिज के पैनल की केमिकल एनालिसीस करने के लिए कहा है। जिसे पूरा होने में और 10 से 15 दिनों का वक्त लग सकता है।

पर्यटन विभाग से भी सुरक्षात्मक जांच की अपील

बताया जाता है कि ग्लास ब्रिज पर अतिरिक्त कोटिंग की मदद से इसकी सुरक्षा को बढ़ाने के बारे में भी प्रशासन सोच रहा है। बता दें, 30 अप्रैल को इस ग्लास ब्रिज पर पहला दरार दिखाई दिया था। ग्लास ब्रिज को बनाने वाली कंपनी VYBECOS का एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में यह पहला अनुभव था, जिसने ग्लास ब्रिज की गुणवत्ता पर अब सवाल खड़े कर दिये हैं।

कंपनी के अध्यक्ष रथीश का कहना है कि हमने पर्यटन विभाग से एक एक्सपर्ट कमेटी का गठन करने का अनुरोध किया है, जो ग्लास ब्रिज की सुरक्षा को सुनिश्चित करेगी। हमें पूरी उम्मीद है कि जल्द ही विभाग इस बारे में सकरात्मक कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को पूरी तरह से हस्तांतरित करने से पहले हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि ब्रिज की सुरक्षा को विश्वस्तरीय हो। उन्होंने कहा कि अच्छा होगा कि पर्यटन विभाग अलग से एक सुरक्षात्मक जांच खुद से करें।

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