
केरल पर्यटन में अब एक और भाग जुड़ गया है। दरअसल, बुधवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने केरल सावरी नाम की ऑनलाइन ई-टैक्सी सेवा ऐप लॉन्च किया, जो पूरे भारत की पहली सरकारी ऑनलाइन टैक्सी सेवा होगी। इससे पहले अब तक किसी भी राज्य ने इस प्रकार की पहल नहीं की थी। इस ऐप के लॉन्च इवेंट में ऑटो रिक्शा को भी मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो राज्य के श्रम विभाग द्वारा शुरू की गई नई ऑनलाइन टैक्सी हायरिंग सेवा के तहत काम करेगा।

मोटर परिवहन कर्मचारियों को मिलेगी नौकरी
इस पहल से केरल के लोग कम पैसों में सुरक्षित तरीके से यात्रा कर सकेंगे और इससे किसी प्रकार के विवाद की भी आशंका नहीं है। इस ऑनलाइन टैक्सी सेवा से कई मोटर परिवहन कर्मचारियों को नौकरी मिल सकेगी जो ऑनलाइन टैक्सी सेवाओं के चलते बेरोजगार हो गए थे।

8 फीसदी सेवा शुल्क वसूल करेगी राज्य सरकार
इसके लिए केरल मोटर ट्रांसपोर्ट वर्कर्स वेलफेयर फंड बोर्ड कार्यान्वयन एजेंसी लीगल मेट्रोलॉजी, ट्रांसपोर्ट, आईटी, पुलिस आदि विभागों के सहयोग से काम करेगी। 'केरल सावरी' सरकार द्वारा निर्धारित दर के अलावा केवल 8 फीसदी सेवा शुल्क वसूली करेगी जो अन्य ऑनलाइन टैक्सियों में 20 से 30 फीसदी होती है। इससे जो भी राशि इकट्ठा होगी, उसे इस परियोजना में जरूरी चीजों के लिए लगाया जाएगा।

ड्राइवरों के लिए पुलिस मंजूरी प्रमाण पत्र अनिवार्य
केरल सावरी योजना में शामिल होने वाले सभी ड्राइवरों के लिए एक पुलिस मंजूरी प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं, इस ऐप में एक पैनिक बटन की भी सुविधा दी गई है, जिसका उपयोग किसी भी दुर्घटना या कोई अन्य खतरा महसूस होने पर किया जा सकता है।

पूरे राज्य में लागू होगी यह योजना
केरल सावरी योजना को पूरे राज्य में लागू करने का निर्णय लिया गया है। फिलहाल, तिरुवंतपुरम निगम सीमा में 500 ऑटो टैक्सी चालकों को इस योजना का सदस्य बनाया गया हैं, जिसके लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने उन्हें प्रशिक्षण प्रदान किया है।



Click it and Unblock the Notifications












