देशभर का एकमात्र शहर है कोलकाता जहां आप ट्राम की सवारी कर सकते थे। लेकिन अब यह भी इतिहास के पन्नों में दर्ज होने वाला है। पश्चिम बंगाल राज्य सरकार ने कोलकाता में ऐतिहासिक ट्राम सेवाओं को बंद करने का फैसला लिया है। पर क्यों? क्या कोलकाता में पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी ऐतिहासिक ट्राम सेवाएं? क्या बस किताबों में दर्ज होकर रह जाएगा कोलकाता ट्राम के 150 सालों का इतिहास?
ट्राम के साथ न सिर्फ कोलकाता का इतिहास का बल्कि इसकी भावनाएं और कई यादें भी जुड़ी हुई हैं। अब क्या उन यादों पर समय की धूल जमने का वक्त आ गया है?

क्या कहा राज्य सरकार ने?
सोमवार को मीडिया को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल के परिवहन मंत्री स्नेहाशीष चक्रवर्ती ने कहा कि कोलकाता हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका चल रही है, जिसमें अदालत हमारा फैसला जानना चाहती है। हम अदालत को अपना फैसला बताएंगे। बता दें, कोलकाता में ट्राम का संचालन जारी रखने के लिए कलकत्ता ट्राम यूजर्स एसोसिएशन की तरफ से हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका जारी की गयी थी।
परिवहन मंत्री ने कहा कि महानगर कोलकाता में नयी सड़कें तो नहीं बनी हैं लेकिन गाड़ियों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है। इन रास्तों पर अगर ट्राम चलाया जाएगा तो ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहेगी। इस तरह से ट्राम का संचालन जारी रखना असंभव है।
क्या हमेशा के लिए बंद हो रही है ट्राम?
परिवहन मंत्री ने अपने बयान में बताया कि वर्तमान में कोलकाता में दो रूट्स पर ही ट्राम का संचालन किया जाता है - 1. धर्मतल्ला से श्यामबाजार और 2. धर्मतल्ला से बालीगंज। अब इन दोनों रूट्स पर भी ट्राम का संचालन बंद करने का फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि ट्राम को परिवहन के सार्वजनिक साधन के तौर पर बंद कर दिया जा रहा है लेकिन जॉय राइड अथवा हेरिटेज के रूप में ट्राम का संचालन धर्मतल्ला (एस्प्लेनेड) से मैदान के बीच किया जाएगा।
एक सुसज्जित ट्राम को इस रूट पर बतौर हेरिटेज चलाया जाएगा। जो पर्यटक कोलकाता घूमने आएंगे वे इसकी सवारी कर सकेंगे। परिवहन मंत्री ने आगे कहा कि छोटी गाड़ियों को दुर्घटनाग्रस्त होने से बचाने के लिए पूरे शहर में जिन-जिन सड़कों पर ट्राम की पटरियां बिछी हुई हैं, उन सभी को उखाड़ दिया जाएगा।

कोलकाता से है ट्राम का भावनात्मक संबंध
कोलकाता में ट्राम न सिर्फ परिवहन का एक साधन है बल्कि इससे हर कोलकातावासी की यादें भी जुड़ी हुई है। समय के साथ आधुनिकता की दौड़ में भले ही ट्राम पीछे छूट गया हो लेकिन 150 सालों के इस ऐतिहासिक सवारी का बंद हो जाना हर किसी को कचोट रहा है।
बता दें, इससे पहले कोलकाता में परिवहन का एक प्रमुख साधन डबल डेकर बसों का संचालन भी बंद कर दिया गया था। हालांकि मुंबई में डबल डेकर BEST बसों का संचालन अभी तक जारी है। हालांकि कब कोलकाता में आखिरी बार बतौर सार्वजनिक परिवहन का साधन ट्राम दौड़ेगी, इस बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है।



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