कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NSCBI) ने यात्री सेवाओं में अपने 100 सालों का सफर पूरा कर लिया है। इस बात की जानकारी कोलकाता एयरपोर्ट की तरफ से अपने आधिकारिक X हैंडल पर एक पोस्ट शेयर कर दी गयी। इस बाबत मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार अगले 3 महीने तक कोलकाता एयरपोर्ट के 100 साल पूरे होने का जश्न मनाया जाएगा, जिसकी शुरुआत शनिवार (21 दिसंबर) को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू करेंगे।
NSCB एयरपोर्ट के 100 साल पूरे होने की खुशी में एयरपोर्ट को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। इसके साथ ही कई तरह के कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।
होगा मिनी विस्तार
कोलकाता एयरपोर्ट के 100 साल पूरे होने का सिर्फ जश्न ही नहीं मनाया जाएगा बल्कि यात्री सेवाओं को पहले के मुकाबले बेहतर बनाते हुए एयरपोर्ट परिसर का मिनी विस्तार (Expansion) करने की भी योजना बनायी गयी है। इस बाबत Times of India की रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार एयरपोर्ट परिसर में नए टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा। दावा किया जाता है कि इससे एयरपोर्ट पर यात्री क्षमताएं करीब 40% तक बढ़ जाएंगी।
इसके साथ ही एक और रनवे भी तैयार किया जाएगा, ताकि वर्तमान रनवे पर बढ़ते दबाव को कम किया जा सकें। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार साल 2025 से कोलकाता एयरपोर्ट के नए ATC टावर और अत्याधुनिक सुविधाओं वाले टेक्नीकल कॉम्प्लेक्स की शुरुआत भी कर दी जाएगी। बताया जाता है कि साल 2025 की पहली तिमाही में ATC की पूरी प्रक्रिया को लगभग ₹350 करोड़ की लागत से बने एक ATC टावर में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
विस्तार की लागत
मिली जानकारी के अनुसार कोलकाता एयरपोर्ट के विस्तार का जो कार्य किया जा रहा है, उसके पूरा होने के बाद अगले करीब 4 से 5 सालों में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। एयरपोर्ट के विस्तार की कुल लागत करीब ₹4500 करोड़ बतायी जाती है। बताया जाता है कि एयरपोर्ट के नए यात्री टर्मिनल का विस्तार 2 चरणों में किया जाएगा। दावा किया जा रहा है कि एक बार यात्री टर्मिनल का निर्माण पूरा हो जाएगी, उसके बाद बोर्डिंग और सिक्योरिटी एरिया के साथ-साथ हैंड लगेज स्कैन आदि की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इस बारे में मीडिया से बात करते हुए कोलकाता एयरपोर्ट के निदेशक प्रभात रंजन बरुआ का कहना है कि अगले साल पुराने घरेलु टर्मिनल को तोड़ने का काम शुरू हो जाएगा। इसके बाद ही टर्मिनल के फेज 1 के निर्माण का टेंडर भी आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो अगले साल या साल 2026 के शुरुआत तक नए टर्मिनल का निर्माण शुरू हो जाएगा।
बरुआ ने आगे कहा कि एक बार नए टर्मिनल का निर्माण साल 2029-30 तक पूरा हो जाएगा तो टर्मिनल से घरेलु और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का संचालन शुरू हो जाएगा। वर्तमान टर्मिनल से उसके बाद सिर्फ और सिर्फ घरेलु विमानों का संचालन किया जाएगा। बताया जाता है कि वर्ष 2032-33 तक कोलकाता एयरपोर्ट की क्षमता बढ़कर लगभग 45 मिलियन यात्री प्रतिवर्ष पर पहुंच जाएगी। गौरतलब है कि साल 2013 तक कोलकाता एयरपोर्ट के वर्तमान टर्मिनल की क्षमता 5 मिलियन यात्री प्रति वर्ष हुआ करती थी।



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