यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए कोलकाता एयरपोर्ट के विस्तार की योजना बनायी गयी है। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार कोलकाता एयरपोर्ट का विस्तार करीब 5,000 करोड़ रुपए की लागत से करना सुनिश्चित किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार अगले महीने से ही कोलकाता एयरपोर्ट के एक हिस्से को ध्वस्त करने का काम शुरू कर दिया जाएगा, जिसका निर्माण बाद में आधुनिक सुविधाओं के करने की योजनाएं बनायी गयी हैं।
ऐसे में कोलकाता एयरपोर्ट से होकर आवाजाही करने वाले यात्रियों के मन में एक सवाल जरूर उठ रहा है कि क्या विस्तार कार्यों के शुरू होने का असर यात्री सेवाओं पर भी पड़ेगा? क्या कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बंद करके इसका विस्तार किया जाएगा?
Times of India की एक रिपोर्ट के अनुसार अगले 6 सालों में कोलकाता एयरपोर्ट के विस्तार का कार्य पूरा किया जाएगा। इस विस्तार के बाद हर साल कोलकाता एयरपोर्ट से होकर करीब 1.1 करोड़ यात्री घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय गंतव्यों के लिए आवाजाही कर सकेंगे।
क्या यात्री सेवाएं भी होंगी प्रभावित?
कोलकाता एयरपोर्ट के विस्तार कार्य के बारे में सुनते ही सबसे पहला सवाल उठता है कि क्या इस वजह से वर्तमान यात्री सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं? तो इसका जवाब है नहीं। कोलकाता एयरपोर्ट के पुराने डोमेस्टिक टर्मिनल और वर्तमान एयर ट्रैफिक सर्विस (ATS) बिल्डिंग को तोड़कर, वहां नए टर्मिनल का निर्माण किया जाएगा। ATS के लिए नयी जगह का निर्माण हो चुका है लेकिन यहां से सेवाओं को शुरू करने के लिए मशीनें अभी तक लगायी जानी बाकी हैं।
कब से शुरू हो सकता है निर्माण?
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कोलकाता एयरपोर्ट के पुराने घरेलू उड़ान बिल्डिंग और ATS बिल्डिंग को तोड़ने का काम अगले महीने यानी अगस्त से शुरू होने की संभावना है। इस बारे में मीडिया से बात करते हुए कोलकाता एयरपोर्ट के डायरेक्टर प्रभात रंजन बेउरिया ने कहा कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) अगले 6 सालों में कोलकाता को पूर्व और दक्षिण पूर्व एशिया के फ्लाइट का हब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

कैसे होगा नया टर्मिनल?
एयरपोर्ट डायरेक्टर बेउरिया ने बताया कि नये टर्मिनल का आकार U जैसा होगा। इसके 3 भाग होंगे। एक चौकोर हिस्सा, जो पुराने टर्मिनल में पार्किंग लॉट था, में चेक-इन काउंटर, सिक्योरिटी चेक पोर्टल और बैगेज हैंडलिंग सुविधाएं होंगी। इसके सामने के दोनों भाग ऑपरेशनल एरिया और बोर्डिंग गेट व एयरोब्रिज तक जाएंगी।
कोलकाता एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल में जहां सभी बोर्डिंग गेट एक ही लाइन में बने हुए हैं, वहीं नये टर्मिनल के बोर्डिंग गेट दोनों तरफ बने होंगे। उन्होंने कहा कि नये टर्मिनल के सामने वाला भाग ज्यादा लंबा नहीं होगा लेकिन काफी ज्यादा विमानों को यहां खड़ी करने की जगह मिल जाएगी जिससे यात्रियों को भी सुविधाएं होंगी।
2 फेज में होगा निर्माण
मिली जानकारी के अनुसार कोलकाता एयरपोर्ट पर नये टर्मिनल का निर्माण 2 फेज में किया जाएगा। पहले फेज में नये टर्मिनल की मुख्य इमारत का निर्माण किया जाएगा और इसके साथ ही दक्षिणी भाग वाले हिस्से का निर्माण होगा और दूसरे फेज में टर्मिनल के उत्तरी भाग वाले हिस्से का निर्माण होगा।
इस बारे में कोलकाता एयरपोर्ट के एक अधिकारी ने मीडिया को बताया कि नयी टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण दो फेज में किया जाएगा जिससे ATS बिल्डिंग को कुछ देर से तोड़ा जा सकें, जब तक नये ATS टावर और टेक्नीकल ब्लॉक से विमानों का संचालन पूरी तरह से शुरू नहीं हो जाता है।
कौन-कौन सी बढ़ेंगी सुविधाएं!
| सुविधाएं | पुराना टर्मिनल | नया टर्मिनल |
| टर्मिनल क्षेत्र | 24 लाख वर्ग फीट | 13 लाख वर्ग फीट |
| एयरोब्रिज | 18 | 12 |
| यात्री हैंडलिंग संख्या | 2.6 करोड़ प्रति वर्ष | 1.1 करोड़ प्रति वर्ष |
नोट - पुराने टर्मिनल में प्रति वर्ष यात्री हैंडलिंग संख्या को 2025 के अंत तक बढ़ाकर 2.8 करोड़ किया जाएगा।



Click it and Unblock the Notifications














