ऑफिस में काम करते हुए घर लौटने में देर हो गयी हो या फिर दोस्तों के घर पर बैठकर कॉलेज का असाइंमेंट पूरा करने में देर हो गयी हो...कोलकाता में आखिरी मेट्रो निकल जाने की चिंता हमेशा सताती रहती है। पर अब ऐसा नहीं होगा...अब रात को दौड़ते हुए मेट्रो पकड़ने के दिन गये, क्योंकि कोलकाता मेट्रो प्रबंधन ने मेट्रो सेवा की समयसीमा को बढ़ाने का फैसला लिया है।
अब से रात को 11 बजे आखिरी मेट्रो खुलेगी। प्रयोगात्मक रूप से यह सेवा शुक्रवार से ही शुरू कर दी गयी है। मेट्रो रेल प्रबंधन के इस फैसले से निश्चित रूप से ऑफिस जाने वाले नित्य यात्रियों को काफी सुविधा होने वाली है।

इस बारे में कोलकाता मेट्रो के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कौशिक मित्रा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी कि कोलकाता मेट्रो के ब्लू लाइन (नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर) पर शुक्रवार, 24 मई से ही प्रयोगात्मक रूप से रात 11 बजे तक मेट्रो सेवा उपलब्ध करवायी जाएगी।
शनिवार और रविवार को छोड़कर सप्ताह के बाकी 5 दिन रात 11 बजे तक मेट्रो सेवा कविसुभाष से दमदम स्टेशनों के बीच उपलब्ध रहेगी। मेट्रो का ठहराव सभी स्टेशनों पर होगा। यात्रियों की सुविधा के लिए हर स्टेशन पर एक-एक टिकट काउंटर खुले रहेंगे ताकि यात्री अपना स्मार्ट कार्ड रिचार्ज या टोकन खरीद सकें।
कब खुलेगी आखिरी मेट्रो
कोलकाता मेट्रो के वर्तमान नियमानुसार सोमवार से शुक्रवार तक कवि सुभाष मेट्रो स्टेशन से आखिरी मेट्रो रात को 9.40 बजे खुलती है जो दमदम स्टेशन तक जाती है। यह मेट्रो रात 10.29 बजे दमदम स्टेशन पर पहुंचती है। वहीं दक्षिणेश्वर से आखिरी मेट्रो रात 9.28 बजे खुलती है जो रात 10.29 बजे कवि सुभाष स्टेशन पर पहुंचती है।
हालांकि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रात को 9.40 बजे के बाद से लेकर रात को 11 बजे के बीच कोई भी मेट्रो नहीं खुलेगी। यानी पुराने नियमानुसार रात 9.40 बजे खुलने वाली आखिरी मेट्रो के बाद अब मात्र एक अतिरिक्त मेट्रो रात को 11 बजे कवि सुभाष और दमदम स्टेशनों से खुलेगी।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही कोलकाता हाई कोर्ट ने मेट्रो रेल प्रबंधन से ट्रेन की समयसीमा बढ़ाने के बारे में विचार करने का आग्रह किया था। खासतौर पर ऑफिस जाने वाले यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर ही रात को भी मेट्रो सेवा जारी रखने का आग्रह करते हुए हाई कोर्ट में एक मामला दायर किया गया था।
हाई कोर्ट के आग्रह का जवाब देते हुए मेट्रो रेल प्रबंधन ने उस समय जवाब दिया था कि तकनीकी रूप से कुछ समस्याएं हैं, जिस कारण आखिरी मेट्रो का समय नहीं बढ़ाया जा रहा है। लेकिन जब हाई कोर्ट की तरफ से सवाल किया गया कि देश के किसी भी दूसरे शहर में तो इतनी जल्द मेट्रो सेवा को बंद नहीं किया जाता है, तो कोलकाता में क्यों? बताया जाता है कि मेट्रो प्रबंधन के पास इसका कोई सटिक जवाब नहीं था।



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