मध्य प्रदेश के चंबल घाटी में स्थित कूनो नेशनल पार्क आज से जगमगा गया है। दरअसल, पीएम मोदी के जन्मदिन के खास अवसर पर इन वन्यजीव अभयारण्य में 8 अफ्रीकी चीतों का आगमन हो रहा है, जो भारत में 70 सालों के बाद संभव हो पाया है। ऐसे में एमपी का कूनो अभयारण्य अब देश का पहला चीता अभयारण्य बन गया है, जिससे इसके पर्यटन में भी काफी बढ़ावा मिलेगा।
चीतों को लाने के लिए विशेष विमान
नामीबिया से आ रहे इन चीतों के लिए एक विशेष कार्गो विमान मुहैया कराई गई है, जिसके अगले हिस्से पर आप चीते की पेंटिंग भी देख सकते हैं। ये चीते आज सुबह 10 घंटे का सफर करके नामीबिया की राजधानी विंडहोक से जयपुर पहुंचा, जिन्हें हेलीकॉप्टर की मदद से कूनो-पालपुर राष्ट्रीय उद्यान में ला दिया गया है।

3 नर और 5 मादा चीते शामिल
अफ्रीका से आ रहे इन आठों चीतों में 3 नर और 5 मादा चीता है। एक द्वीप से दूसरे द्वीप में बड़े जानवर के स्थानांतरण और पुनर्वास की ये घटना अब तक इतिहास पहली बार हो रही है। इन चीतों के लिए पार्क में 6 स्पेशल बाड़े बनाए गए हैं, जिनमें प्रधानमंत्री कार्यक्रम के दौरान उन चीतों को छोड़ेंगे। दरअसल, एक द्वीप से दूसरे द्वीप में जाने के लिए वन्यजीवों को एक महीने के लिए क्वॉरंटाइन किया जाता है, ऐसे में इन चीतों को भी एक महीने के लिए इन बाड़ों में क्वॉरंटाइन में रखा जाएगा।

काफी जोरों से हो रही तैयारियां
चीतों के आने को लेकर अभयारण्य में काफी तैयारियों भी चल रही थी, जो लगभग पूरी हो चुकी है। अगर, कूनो पार्क की बात की जाए तो ये पार्क चीतों के लिए बेहतर घर माना जाता है। कूनो, चीतों के लिए हर प्रकार से सुविधाजनक है। चाहे वो सुरक्षा हो, शिकार हो या फिर उनके रहने के लिए हो, सभी प्रकार कुनो नेशनल पार्क को अच्छा माना जाता है। इस पार्क में चीतों के लिए 10 से 20 वर्ग किमी. का क्षेत्रफल है, जो कि काफी पर्याप्त है। यही कारण है कि इन अफ्रीकी चीतों के लिए इस पार्क को चुना गया है।



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