जब भी कोई साइकिल सवार कहीं बाहर निकलता है तो भले ही वह 30 या 40 किमी का सफर ही क्यों न तय कर लें, भले ही उन्हें अपने साइकिल रूट का पता हो लेकिन उन्हें पता नहीं चल पाता है कि उन्होंने किस आकार में साइकिल चलायी है।
लेकिन 3 जून को विश्व साइकिल दिवस (World Cycle Day) पर मध्य प्रदेश इंदौर के 300 साइकिल सवारों ने कमाल कर दिखाया। उन्होंने 25 किमी लंबा सफर न सिर्फ तय किया बल्कि GPS आर्ट भी बना डाला।

इंदौर में 3 जून को विश्व साइकिल दिवस और 5 जून को मनाये जाने वाले विश्व पर्यावरण दिवस से ठीक पहले पर्यावरण को बचाने का संदेश देने के लिए साइकिल रैली का आयोजन किया गया। इस रैली के माध्यम से साइकिल सवारों ने 'GPS आर्ट' के माध्यम से शहर के GPS नक्शे पर साइकिल की आकृति उकेरी। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार 300 सदस्यों के इस ग्रुप ने इस कारनामे की तैयारी पिछले 4 महीने से की थी।
GPS मैप पर इस कमाल को साकार कर दिखाया है इंदौर के ही स्थानीय समूह 'द पैडल एंथुजिएस्ट्स' के सदस्यों ने। साइकिल के आकार का GPS आर्ट बनाने वाले इस समुह में 45 महिला साइकिल सवार भी शामिल थी।

मीडिया से बात करते हुए इस ग्रुप के प्रमुख अमोल वाधवानी ने बताया कि 300 साइकिल सवारों ने GPS ड्राइंग से साइकिल की आकृति उकेरने के लिए पहले से निर्धारित रास्ते पर 25 किमी का रास्ता तय किया। इसके लिए चौड़ी सड़कों के अलावा तंग गलियों का चुनाव भी किया गया। बताया जाता है कि यह रैली गांधी हॉल के पास से शुरू हुई थी और सुभाष मार्ग, गंगवाल होते हुए फिर से गांधी हॉल के पास ही खत्म हुई। सुबह के 6 बजे इस रैली को शुरू किया गया था।
क्या होती है GPS ड्राइंग?

GPS ड्राइंग को GPS आर्ट के नाम से भी जाना जाता है। इसमें साइकिल सवार GPS मैप पर कोई भी नक्शा उभारने के लिए उन्हीं रास्तों का चुनाव करते हैं, जिससे वह नक्शा तैयार हो सकें। उन रास्तों पर साइकिल चलाने की गतिविधि को ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) से जुड़े मोबाइल ऐप पर दर्ज किया जाता है।
जब गतिविधि समाप्त हो जाती है, तब ऐप की मदद से जीपीएस नक्शा पर यात्रा के मार्ग से संबंधित आकृति उभरकर सामने आती है। इससे पहले इस समूह ने GPS मैप पर डायनासोर, हाथी, हार्ट, पक्षी आदि की आकृति भी उकेर चुके हैं। इनमें कुछ सोलो तो कुछ ग्रुप राइड हुए थे।



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