पर्यटन को बढ़ावा देते हुए जल्द ही मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी में रिवर क्रुज सेवा को शुरू किया जाएगा। यह रिवर क्रूज करीब 130 किमी का सफर तय तक 'स्टैच्यू ऑफ वननेस' को गुजरात के 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' से जोड़ेगी। यानी गुजरात के 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' तक पहुंचने का एक और नया मार्ग जल्द ही खुलने वाला है।

मध्य प्रदेश ओम्कारेश्वर में 'स्टैच्यू ऑफ वननेस' को देखकर पर्यटक चाहे तो सीधे गुजरात के केवड़िया में मौजूद 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' को देखने के लिए निकल सकता है। इसके साथ में बोनस के तौर पर मिलेगा नर्मदा नदी में क्रूज की सवारी का रोमांचक अनुभव और कुछ ऐसे नजारे जिन्हें भूल पाना संभव नहीं होगा।
नर्मदा नदी के तट पर ही बने दो विख्यात प्रतिमाएं जिन्हें देखने के दूर-दूर से सैलानी यहां पहुंचते हैं। एक ही ट्रिप में दोनों प्रतिमाओं को देख पाना आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व को एक साथ जोड़ेगी। गुजरात के केवड़िया में स्थापित 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी', जो आज के समय में विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है, भारत के संविधान के रचयिता और लौह पुरुष के नाम से विख्यात सरदार बल्लभभाई पटेल के बारे में बताता है।
वहीं पिछले साल ही स्थापित मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में 'स्टैच्यू ऑफ वननेस' आदि शंकराचार्य और अद्वैतवाद के बारे में पूरी दुनिया को जानकारी देता है। पर्यटकों को सबसे अधिक अचंभित दोनों मूर्तियों को वास्तुकला और इनकी ऊंचाई करती है।
क्रूज सेवा का होगा कौन सा रूट

रिवर क्रूज के इस सफर के दौरान विशेष रूप से शहरी पर्यटकों को जो चीज आकर्षित करने वाली है, वह है ग्रामीण परिवेश और परिदृश्य। इस यात्रा के दौरान खुद को हर तरफ बेहद खुबसूरत प्राकृतिक और शांत ग्रामिण नजारों से घिरा हुआ पाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के चंदेरी के पास राजहाट बांध को उत्तर प्रदेश के देवगढ़ से जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है। इस योजना के पूरा होते ही यहां एक आकर्षक रास्ता तैयार हो जाएगा जो सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ प्राकृतिक सुन्दरता को भी अपने अंदर समेटे होगा।
बता दें, अक्टूबर 2022 में पहली बार नर्मदा परिक्रमा की पहल को शुरू करते हुए जबलपुर से क्रूज सेवा की शुरुआत की थी। जबलपुर के बरगी से कुछ दूरी तक नर्मदा नदी में क्रूज का संचालन भी हो रहा है। अब कुछ और कदम आगे बढ़ाते हुए मध्य प्रदेश के पर्यटन विभाग ने गुजरात तक के लिए अंतर-राज्य क्रूज सेवा को शुरू करने की पहल की है।
मिली जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस बाबत पर्यटन संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव और भारतीय अंतर्देशीय जल मार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक भी की है और जल्द ही इस बारे में कोई सकरात्मक फैसला लिया जा सकता है।



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