
बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में बन रहे महाकाल कॉरिडोर का काम अब पूरा हो चुका है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अक्टूबर को करेंगे। ये कॉरिडोर काफी भव्य और सुंदर बना हुआ है। अगर काशी विश्वनाथ कॉरिडोर से इसकी तुलना की जाए तो महाकाल कॉरिडोर 20 हेक्टेयर में बना है जबकि विश्वनाथ कॉरिडोर सिर्फ 5 हेक्टेयर में बना है।

महाकाल कॉरिडोर का बजट
महाकाल कॉरिडोर को भी साल 2019 में शुरू किया गया था, जो शिवराज सरकार का एक काफी बड़ा और भव्य प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में करीब 793 करोड़ रुपये की लागत आई है, जिसमें मध्य प्रदेश सरकार की ओर से 421 करोड़, भारत सरकार की ओर से 271 करोड़, फ्रांस सरकार की ओर से 80 करोड़ और मंदिर समिति की ओर से 21 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट को महाकाल मंदिर के साथ लगे पौराणिक रुद्रसागर के पास बनाया गया है।

महाकाल कॉरिडोर का आकर्षण
इस शानदार कॉरिडोर में 200 से अधिक धार्मिक मूर्तियां लगाई गई है, जो काफी भव्य लग रहे हैं। इस कॉरिडोर में आपको शिव की अनसुनी कथाएं और कहानियां देखने और जानने को मिलेगी। यहां पर आपको सप्त ऋषि, नवग्रह मंडल, त्रिपुरासुर वध, कमल ताल में विराजित शिव, शिव स्तम्भ, भव्य प्रवेश द्वार पर विराजित नंदी की विशाल प्रतिमाएं देखने को मिलेंगी। इसके अलावा यहां पर बने 108 स्तम्भों में शिव के आनंद तांडव का अंकन हैं। सबसे खास यहां पर देश का पहला नाइट गार्डन भी बनाया गया है, जो पर्यटकों को काफी आकर्षित करने वाला है। इस प्रोजेक्ट में महाकाल पथ और महाकाल वाटिका शामिल है।

मध्य प्रदेश के पर्यटन में लगेगा चार-चांद
महाकाल कॉरिडोर बनने से मध्य प्रदेश पर्यटन को भी पंख लगने वाले है। ऐसे में एमपी पर्यटन विभाग को काफी बढ़ावा मिलेगा, प्रदेश सरकार और भी कुछ बेहतर करने का प्रयास करेगी। फिलहाल, आपको बता दें कि महाकाल कॉरिडोर का ये पहला चरण है अभी और भी काम इसमें होने वाले हैं, जिससे ये परिसर और भव्यता के साथ श्रद्धालुओं के सामने उभर कर सामने आएगा।



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