भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेलवे नेटवर्क में से एक है। यहां की 80 फीसदी आबादी ट्रेन से सफर करना पसंद करती है। यही कारण है कि भारतीय रेलवे का राजस्व भी काफी अच्छा है और देश की उन्नति में अपना योगदान देता है। इन दिनों देखा जाए तो करीब-करीब हर महीने दो-तीन ट्रेन रेलवे में शामिल की जा रही है और यात्रा को सुखद बनाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन इन सब के बीच एक सवाल...
भारतीय रेलवे का नेटवर्क जितना अधिक बड़ा है, उतना ही हादसे भी होते हैं। भारत में हर साल कोई न कोई ट्रेन दुर्घटना की खबर सुनने में आती रहती है।
2 जून 2023: कोरमंडल एक्सप्रेस
रेल दुर्घटना की ताज़ा खबर ओडिशा से आयी है, जहां बेंगलुरु से कोलकाता जा रही यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस के करीब 12 डिब्बे बहानागाबाज़ार के पास पटरी से उतर गये। उसी दौरान दूसरे ट्रैक पर अपनी फुल स्पीड पर शालीमार-कोरमंडल एक्सप्रेस आ रही थी, जो सीधे यशवंतपुर एक्सप्रेस से टकरा गई। इसके चार डिब्बे पटरी से उतर कर तीसरे ट्रैक पर चले गए, जिस पर एक माल गाड़ी आ रही थी। यह बीते दस वर्षों में सबसे दर्दनाक रेल हादसा माना जा रहा है, जिसमें 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं और मृतकों की संख्या 20 से अधिक बताई जा रही है। हालांकि मृतकों की संख्या की अधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इससे पहले जनवरी 2013 को सुबह साढ़े तीन बजे के आसपास राजस्थान के पाली जिले में बांद्रा टर्मिनस जोधपुर सूर्य नगरी एक्सप्रेस की बोगियां सुबह बेपटरी हो गईं थीं, हालांकि इसमें किसी की जान नहीं गई थी लेकिन बड़ा हादसा हो सकता था। तो आइए जानते हैं कि देश-दुनिया में बीते १0 साल में कहां-कहां बड़ा रेल हादसा हुआ...

2 अप्रैल 2021 (ताइवान)
2 अप्रैल 202। को पूर्वी ताइवान में बड़ा रेल हादसा देखने को मिला था। दरअसल, दुर्घटना के दौरान क्षतिग्रस्त गाड़ी पहाड़ी से गिरकर पटरी पर आ गिरी थी, जिससे ट्रेन टकराने के बाद पटरी से उत्तर गई थी। इस दर्दनाक हादसे में 48 लोगों ने जान गई थी और 00 से अधिक लोग घायल हुआ थे। उस समय ताइवान सरकार ने इसे देश का सबसे घातक रेल हादसा बताया था।
31 अक्टूबर 209 (पाकिस्तान)
31 अक्टूबर 209 का दिन पाकिस्तान के लिए काला दिन के रूप में माना जाता है। इस दिन कराची-रावलपिंडी तेजगाम एक्सप्रेस में बम धमाका हुआ था। रेलवे अधिकारियों की मानें तो यह हादसा खाना पकाने के लिए इस्तेमाल किए गए गैस कनस्तर में धमाका के कारण हुआ था, जिससे तीन बोगियां आग की लपटों का शिकार हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे में 74 लोगों की जान गई थी और 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
19 अक्टूबर 2018: (अमृतसर - 'खूनी दशहरा")
19 अक्टूबर 2018 का दिन अमृतसर में 'खूनी दशहरा' के रूप में जाना जाता है। दरअसल, इस दिन दशहरे का दिन था और लोग आतिशबाजी करते हुए धूमधाम से पर्व मना रहे थे। लेकिन किसी को पता नहीं था कि कुछ लोगों की मौत वहां उनका इंतजार कर रही थी। दरअसल, अमृतसर के चौड़ा बाजार के पास स्थित रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर काफी लोग रावण दहन देख रहे थे। तभी जालंधर से अमृतसर जा रही ट्रेन तेज रफ्तार में यहां से गुजरी और महज 10-15
सेकेंड में करीब 60 लोग इसकी चपेट में आने से अपनी जिंदगी गंवा बैठे। यह हादसा भारत के दर्दनाक हादसों में से एक था।
11 अगस्त 2017 (मिस्र)
11 अगस्त 2017 के दिन मिस्र के तटीय शहर अलेक्जांड्रिया के पास दो ट्रेनें आपस में टकरा गईं थी। इस हादसे में 44.लोगों की मौत हो गई थी जबकि 200 के आसपास लोग घायल हो गए थे।

25 नवंबर 2016 (ईरान)
25 नवंबर 2016 को ईरान के सुदूर उत्तरी क्षेत्र सेमनन में बड़ा रेल हादसा देखने को मिला था, जिसे ईरान की सबसे भीषण रेल दुर्घटना करार दिया गया। दरअसल, इस हादसे का मुख्य कारण दो ट्रेनों का आपस में टकरा जाना था और टक्कर के बाद इन कोचों में आग भी लग गई थी, जिससे 44 यात्री इस दर्दनाक का हादसे का शिकार हो गए थे।
20 नवंबर 2016 (कानपुर- भारतीय रेल इतिहास का काला दिन)
भारतीय रेल के इतिहास में 20 नवंबर 2016 को काला दिन के रूप में जाना जाता है। इस दिन कानपुर के पास पुखरायां में पटना-इंदौर एक्सप्रेस के 14 कोच एक साथ पटरी से उतर गए थे। इस हादसे में करीब 150 यात्रियों की जान गई थी। इस रेल हादसे को दुनिया का सबसे बड़ा रेल हादसा माना जाता है।
21 अक्टूबर 2016 (कैमरुन)
21 अक्टूबर 2016 को सेंट्रल अफ्रीकी देश कैमरुन के एसेका में रेल हादसा हुआ था। इस दिन कैमरुन की राजधानी योन्डे से दुआला शहर की ओर जा रही एक पैसेंजर ट्रेन अचानक पटरी से उतर गई थी, जिससे 79 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 300 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
22 अप्रैल 2014 (कांगो)
22 अप्रैल 2014 को कांगो के हौत-लोमामी प्रांत के काटोंगोला में एक मालगाड़ी पलट गई थी। बताया जाता है कि इस मालगाड़ी में घटना के वक्त सैकड़ों लोग अवैध तरीके से बैठकर सफर कर रहे थे। ऐसे में जब ये हादसा हुआ तो इसमें बैठे 136 लोग मर गए थे और 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
24 जुलाई 2013 (स्पेन)
24 जुलाई 2013 को स्पेन के सैंटियागो डी कॉमपोस्टेला में एक दर्दनाक रेल हादसा देखने को मिला था। दरसअल, यहां से गुजर रही एक तेज रफ्तार की ट्रेन पलट गई थी, जिसकी चपेट में आने 79 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी। जांच में पता चला था कि हादसे के समय ड्राइवर फोन पर व्यस्त था और उस दौरान ट्रेन की स्पीड 192 किमी प्रति घंटा थी, जबकि निर्धारित रफ्तार महज 80 किमी प्रति घंटा की ही थी।
6 जुलाई 2013 (कनाडा)
6 जुलाई 2013 को कनाडा के लैक-मैगांटिक शहर में ट्रेन (तेल टैंकर) पटरी से उतर गई थी, जिससे उसमें विस्फोट हो गया था। इस हादसे में 47 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी। जानकारी के मुताबिक, इस ट्रेन में 72 टैंकर थीं और सभी में कच्चा तेल भरा हुआ था। इस दौरान जब ट्रेन पलटी तो इससे हुए विस्फोट से शहर की सड़कें तक जल गईं थी और आम नागरिक इसका शिकार हो गए थे।



Click it and Unblock the Notifications











