अगले महीने से मुंबईकरों की परेशानी बढ़ने वाली है। मुंबई का 125 साल पुराना एल्फिन्स्टन रोड ओवर ब्रिज तो गिराया जाएगा। यह रोड ओवर ब्रिज परेल और प्रभादेवी इलाकों को जोड़ने में बड़ी ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस वजह से अगले लंबे समय तक सेंट्रल मुंबई के परेल इलाके व आसपास में रहने वाले लोगों को अत्यधिक ट्रैफिक जाम जैसी परेशानियां झेलने के लिए तैयार होना पड़ेगा।
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार मुंबई मेट्रोपॉलिटन रिजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) ने इस 125 साल पुराने रोड ओवर ब्रिज को तोड़ने का फैसला लिया है।

बता दें, अंग्रेजों के जमाने का यह रोड ओवर ब्रिज न सिर्फ इस्ट-वेस्ट मुंबई को जोड़ने का काम करता है बल्कि प्रभादेवी और परेल स्टेशनों के पास इसके नीचे से होकर रेलवे ट्रैक भी गुजरती है।
क्यों तोड़ा जाएगा रोड ओवर ब्रिज?
Hindustan Times की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार एल्फिन्स्टन रोड ओवर ब्रिज को 2 प्रमुख कारणों से तोड़ने का फैसला MMRDA ने लिया है -
1. ब्रिज की ऊंचाई बढ़ने के साथ ही इसकी चौड़ाई को भी बढ़ाया जाएगा।
2. सेवरी-वर्ली कनेक्टर का निर्माण, जो इसके ऊपर से गुजरेगी।
मीडिया रिपोर्ट में बताया जाता है कि इस परियोजना के पूरे होने के बाद रेलवे ट्रैक के ऊपर एक डबल डेकर ब्रिज बन जाएगा, जो सांताक्रुज-चेम्बुर लिंक रोड के बाद मुंबई में दूसरी होगी। जानकारी के अनुसार सेवरी-वर्ली कनेक्टर, जो 4.5 किमी लंबी होगी, बांद्रा-वर्ली सी लिंक और मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (अटल सेतु) के बीच एक सिग्नल फ्री ब्रिज होगी।
यह सेंट्रल मुंबई के कई ऐसे इलाकों से होकर गुजरेगी जहां ट्रैफिक जाम की काफी गंभीर समस्या बनी रहती है। इस कनेक्टर की ऊंचाई 27 मीटर होगी, जो सेवरी, परेल और प्रभादेवी में कई रेलवे लाइन, मोनोरेल लाइन और इस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर परेल फ्लाईओवर व सेनापति बापट मार्ग पर एल्फिन्स्टन फ्लाईओवर के ऊपर से गुजरेगी।
इसका निर्माण पूरा हो जाने के बाद सेवरी से वर्ली के बीच आने-जाने में लगने वाला कम से कम 40 से 60 मिनट का समय घटकर 10 मिनट से भी कम पर पहुंच जाएगा। बताया जाता है कि इस कनेक्टर को 4 लेन चौड़ा बनाया जाएगा। इसे पूरा करने का लक्ष्य साल 2026 के शुरुआत में निर्धारित किया गया है।
कब से तोड़ा जाएगा रोड ओवर ब्रिज?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एल्फिन्स्टन रोड ओवर ब्रिज को कब से तोड़ा जाएगा इस बारे में अभी तक कुछ स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट में किये गये दावों की मानें तो फरवरी के अंतिम सप्ताह से इस ब्रिज को तोड़ने का काम शुरू हो सकता है।
अधिकारियों के हवाले से बताया जाता है कि जब ब्रिज को तोड़ने का काम किया जाएगा, उस समय प्रभादेवी स्टेशन पर ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित होने वाला है। क्योंकि स्टेशन से दो रास्ते आकर इस ब्रिज से जुड़ते हैं। पश्चिम रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि जब भी जरूरी होगा, ट्रैफिक ब्लॉक किया जाएगा।



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