हाल ही में महाराष्ट्र परिषद ने मुंबई के 7 लोकल ट्रेन स्टेशनों का नाम बदलने का फैसला किया है। मौजूदा अधिकांश नाम अंग्रेजी में हैं जिनका औपनिवेशिक संबंध है। इस वजह से परेशानियां पैदा होती है जिसके कारण यह बदलाव किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार महायुति सरकार इन नए नामों को मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के समक्ष रखेगी।
राज्य के संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने प्रस्ताव पेश किया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया है।

मुंबई के जिन 7 स्टेशनों का नाम बदला गया
| पुराना नाम | नया नाम |
| करी रोड स्टेशन | लालबाग |
| सैंडहर्स्ट रोड | डोंगरी |
| मरीन लाइन्स | मुंबादेवी |
| चर्नी रोड | गिरगांव |
| कॉटन ग्रीन | कालाचौकी |
| डॉकयार्ड रोड | मझगांव |
| किंग्स सर्किल | तीर्थंकर पार्श्वनाथ |
रेलवे स्टेशनों का नाम परिवर्तित करने का प्रचलन सिर्फ महाराष्ट्र या मुंबई में ही नहीं है। इससे पहले विक्टोरिया टर्मिनस का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और एलफिंस्टन रोड का नाम बदलकर प्रभादेवी किए जाने जैसे बदलाव हुए हैं। साथ ही महाराष्ट्र सरकार ने मराठवाड़ा क्षेत्र के औरंगाबाद और उस्मानाबाद जिलों का नाम बदलकर क्रमशः छत्रपति संभाजीनगर और धाराशिव कर दिया था।
बता दें, शिवसेना के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व में भाजपा और एनसीपी के साथ महायुति सरकार अब इन प्रस्तावित नए नामों को मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजेगी।
हाल ही में बदले गये कई नाम
यह कोई अकेली घटना नहीं है। मार्च 2024 में, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश के अमेठी में आठ रेलवे स्टेशनों का नाम बदलने को मंज़ूरी दी। इससे पहले उत्तर प्रदेश राज्य सरकार ने 15 दिसंबर 2018 को इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किया था।
2021 में, मध्य प्रदेश के होशंगाबाद का नाम प्रसिद्ध नदी नर्मदा के नाम पर नर्मदापुरम रखा गया। इसी तरह, 2022 में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मुंडेरा बाजार का नाम बदलकर चौरी-चौरा कर दिया गया। उसी वर्ष मध्य प्रदेश के बाबई का नाम बदलकर माखन लाल चतुर्वेदी के जन्मस्थान होने के सम्मान में माखन नगर कर दिया गया।



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