जापान की मदद से भारत मुंबई से अहमदाबाद के बीच अपना पहला बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बना रहा है। इस बीच बुलेट ट्रेन को लेकर एक बड़ी खबर सामने आयी है। सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि जापान दो शिंकसेन (बुलेट) ट्रेन सेट भारत को भेंट में देने वाला है, जो होगी पूरी तरह से निःशुल्क भेंट।
बताया जाता है कि जापान बुलेट ट्रेन की जिस सेट को भारत को भेंट में देने वाला है वह E5 और E3 सीरीज का होने वाला है। बताया जाता है कि इस भेंट का मुख्य उद्देश्य निर्माणाधीन मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेलवे कॉरिडोर की जांच और टेस्टिंग में मदद पहुंचाना है।

Times of India की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार जापान जिन दोनों बुलेट ट्रेन भारत को भेंट में देने वाला है, जापान समेत भारत में लॉन्च होने वाली E10 सीरीज का ही बेहतर मॉडल E5 और E3 सीरीज होने वाला है, जिसे भारत और जापान दोनों जगह पर ही लॉन्च किया जा रहा है। बता दें, E10 सीरीज बुलेट ट्रेन का अत्याधुनिक शिंकसेन मॉडल होने वाला है, जिसे वर्ष 2030 में जापान समेत भारत में भी लॉन्च किया जाएगा।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर इस ट्रेन का संचालन होगा। हालांकि भारत में जिस E10 मॉडल की शिंकसेन ट्रेन सेट का संचालन होगा, उसका निर्माण अभी तक पूरा नहीं हुआ है। बताया जाता है कि अगस्त 2027 तक उसका निर्माण पूरा हो जाएगा।
क्या होगी विशेषताएं?
E5 सीरीज की बुलेट ट्रेन का निर्माण ईस्ट जापान रेलवे (JR East) द्वारा किया गया है। इसकी शुरुआत वर्ष 2011 में हुई थी। शुरुआत में भारत में बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए इस सीरीज को ही चुना गया था। बताया जाता है कि यह ट्रेन 320 किमी प्रति घंटा की रफ्तार तक पहुंचने की क्षमता रखता है। जबकि इससे थोड़ी पुरानी है E3 सीरीज की बुलेट ट्रेन। इसे शुरुआत में मिनी-शिंकसेन सेवाओं के लिए इस्तेमाल किया जाता था, जो एडवांस सुरक्षा के साथ आरामदायक सफर को भी सुनिश्चित करता है।
भारत को E5 और E3 सीरीज की बुलेट ट्रेन उपहार में देना और E5 सीरीज को भारत में यात्री सेवाओं के लिए उपयोग करने की अपनी शुरुआती फैसले से अलग एडवांस E10 मॉडल का उपयोग करने का फैसले ने भारत की बुलेट ट्रेन परियोजना को पहले के मुकाबले बेहतर बना दिया है।
भारत में जिस मॉडल (E10) को यात्री सेवाओं के लिए उतारा जाएगा वह 400 किमी प्रति घंटा की रफ्तार तक पहुंचने में सक्षम है। इसे अभी तक जापानी रेल तकनीक का सर्वोच्य और सबसे अच्छी बुलेट ट्रेन मानी जाती है।
अगर भारत में E5 और E3 सीरीज का इस्तेमाल कर जांच अन्य कार्य किये जाते हैं, तो इससे भारत को भी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के संचालन का अनुभव मिलेगा। जो E10 सीरीज की अत्याधुनिक तकनीक वाली बुलेट ट्रेन के संचालन से पहले काफी ज्यादा महत्वपूर्ण साबित होने वाली है।
गौरतलब है कि भारत में बुलेट ट्रेन परियोजना का लगभग 80% खर्च जापान की JICA से ऋण के तौर पर लिया गया है जिसे अगले 50 सालों तक बहुत ही कम ब्याज पर भारत वापस लौटाएगा।



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