कोरोना वायरस को लेकर एक बार फिर से खतरे की घंटी बज गयी है। भारत में भले ही कोरोना संक्रमण का असर खत्म हो गया है लेकिन दुनिया के कई देशों में यह वायरस अभी भी कई तरीकों से लोगों को संक्रमित कर रहा है। हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बताया कि अबू धाबी में MERS-CoV का नया मामला सामने आया है।

जांच में पता चला है कि कोरोना संक्रमित युवक मिडिल ईस्ट रेस्पिडेटरी सिंड्रोम कोरोना वायरस (MERS-CoV) से पीड़ित है।
अबू धाबी के एक 28 वर्षीय युवक के शरीर में यह वायरस पाया गया है जिसे पिछले महीने ही अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। WHO के अधिकारियों का कहना है कि संक्रमित युवक के संपर्क में आए सभी लोगों की टेस्ट की जा रही है। बताया जाता है कि अभी तक उन्होंने कुल 108 लोगों को टेस्ट किया है लेकिन इस युवक के अलावा और कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं पाया गया है। रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार संक्रमित युवक ऊंटों की ड्रोमेटरी के संपर्क में आया था। संभावना जतायी जा रही है कि वहीं से उसे यह बीमारी फैली थी।
क्या है और कैसे फैलता है MERS-CoV?
WHO के अनुसार यह मिडिल ईस्ट रेस्पिडेटरी सिंड्रोम कोरोना वायरस है जो पहली बार साल 2012 में सऊदी अरब में पाया गया था। अब तक यह मिडिल ईस्ट देशों, फ्रांस, जर्मनी, इटली, अमेरिका, ब्रिटेन जैसे देशों समेत कुल 27 देशों में पाया जा चुका है। जानकारी के अनुसार अब तक इस संक्रमण के कुल 2,605 मामले सामने आए हुए हैं, जिनमें से 936 लोगों की मौतें भी हो चुकी है।

यानी इस वेरिएंट से संक्रमित लगभग 45% लोगों की मौत हुई है। WHO के अधिकारियों का कहना है कि यह एक जूटोनिक वायरस है, जो जानवरों से लोगों के बीच फैलता है। सऊदी अरब में जितने भी लोग इससे संक्रमित हुए उनमें से ज्यादातर ड्रोमेटरी ऊंटों के असुरक्षित संपर्क में आने से ही संक्रमित हुए।
क्या है MERS-CoV का लक्षण और इलाज?

MERS-CoV संक्रमण के लक्षण बिल्कुल कोरोना वायरस के लक्षणों की तरह ही है।
- सर्दी-जुकाम
- बुखार
- खांसी
- सांस लेने में तकलीफ
- कुछ संक्रमितों को निमोनिया की शिकायत भी हुई है।
अभी तक MERS-CoV वायरस का कोई इलाज नहीं ढूंढा जा सका है। बताया जाता है कि इसके टीके पर काम चल रहा है। इसलिए फिलहाल अपनी सुझबुझ से इस वायरस से बचकर रहना ही सबसे ज्यादा सुरक्षित माना जा रहा है।



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