लखनऊ से नेपाल की दूरी को सड़क मार्ग से और भी कम करने की दिशा में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) काम कर रही है। इसी क्रम में NHAI ने उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से रुपैडिहा तक 4 लेन हाईवे बनाने की योजना बनायी है। रुपैडिहा भारत-नेपाल की सीमा से सटा बहराईच जिले का एक छोटे से कस्बा है। बता दें, इस रूट पर फिलहाल जो सड़क है, उसपर गाड़ियों का आवागमन काफी कम होता है।
प्रतिदिन इस रास्ते से लगभग 30,000 गाड़ियां आवाजाही करती हैं। लेकिन इस रास्ते के अपग्रेड हो जाने के बाद गाड़ियों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है।

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार बाराबंकी से रुपैडिहा हाईवे के लगभग 150 किमी लंबे स्ट्रेच को अपग्रेड कर 4 लेन किया जाएगा, जो लखनऊ से नेपाल की पहुंचने के समय में कमी लाएगा। इस वजह से नेपाल के साथ व्यापार करने में आसानी होगी और सामानों की आवाजाही कम समय में की जा सकेगी। मिली जानकारी के अनुसार 4 लेन के इस हाईवे के सीविल और निर्माण कार्य में लगभग 3,000 करोड़ रुपए की लागत आ सकती है और अगले 3 साल में यह परियोजना पूरी होगी।
इस हाईवे को चौड़ा बनाने के लिए जो भूमि अधिग्रहण किया जाएगा, उसका खर्च अलग होगा। अभी उत्तर प्रदेश से नेपाल पहुंचने में जहां 3 घंटे से अधिक का समय लगता है। वहीं 4 लेन इस हाईवे के बन जाने के बाद नेपाल महज 2 घंटे में पहुंचा जा सकेगा। बताया जाता है कि इस हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण और टेंडर की प्रक्रिया में काफी तेजी लायी गयी है। हाईवे के निर्माण के दौरान एक तरफ से आवागमन जारी रहेगा।
NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सौरभ चौरसिया ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि एक बार भूमि अधिग्रहण का काम पूरा हो जाता है तो वे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे मॉडल के तर्ज पर इस हाईवे का निर्माण कार्य करेंगे। इससे वे खेतों के बीच से होकर सड़क निकालने का काम कुशलता से कर सकेंगे।
बाराबंकी से रुपैडिहा के बीच हाईवे को अपग्रेड करने के NHAI के फैसले का फायदा नेपाल से अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को भी निश्चित रूप से मिलेगा, क्योंकि वे पहले के मुकाबले कम समय में नेपाल से अयोध्या पहुंच सकेंगे।



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