अगर आप बड़ा चार धाम में से एक ओडिशा के पुरी में स्थित जगन्नाथ मंदिर में दर्शन करने के लिए जाने की योजना बना रहे हैं तो ध्यान दें। आज से 3 दिनों के लिए बंद रहेंगे जगन्नाथ मंदिर के सभी कपाट। यह फैसला लिया है जगन्नाथ मंदिर प्रशासन की तरफ से। पर अचानक ऐसा क्या हुआ कि जगन्नाथ मंदिर के सभी कपाटों को एक साथ 3 दिनों के लिए बंद रखने का फैसला लिया गया है?
क्या दिन में कभी भी भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन करने का मौका नहीं मिलेगा? मंदिर में तो कोई निर्माण कार्य भी नहीं चल रहा है, फिर क्यों ऐसा फैसला लिया गया?

दरअसल, जगन्नाथ मंदिर के कपाट को 3 दिनों के लिए बंद रखने का फैसला ASI (आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया) की सुविधा के लिए लिया गया है। 21 से 23 सितंबर तक ASI पुरी के जगन्नाथ मंदिर के रत्नभंडार की एक बार फिर से समीक्षा करने वाला है।
इसलिए उनकी सुविधा के लिए ही इन 3 दिनों तक मंदिर में सामान्य भक्तों के प्रवेश को नियंत्रित करते हुए सभी कपाटों को बंद रखने का फैसला मंदिर प्रशासन ने लिया है। लेकिन जरा रुकिए। अगर आप यह समझ रहे हैं कि मंदिर के कपाट पूरे दिन के लिए ही बंद रहेंगे, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार ASI दोपहर को 1 बजे से शाम 6 बजे तक रत्नभंडार के समीक्षा का काम करेगी। इसलिए दिनभर में सिर्फ इन 5 घंटों (दोपहर 1 से शाम 6 बजे तक) के लिए ही मंदिर के सभी द्वारों को बंद कर दिया जाएगा।
शनिवार, रविवार और सोमवार (21, 22 और 23 सितंबर) को दोपहर 1 से शाम 6 बजे के पहले अथवा बाद में भक्तों को मंदिर में प्रवेश कर भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और दाऊ बलभद्र के दर्शन करने का अवसर दिया जाएगा। दोपहर के वक्त भक्तों की संख्या को भी नियंत्रित किया जाएगा।
मिली जानकारी के अनुसार जगन्नाथ मंदिर की ओर से 18 सितंबर को ASI के निदेशन जनरल को एक पत्र लिखकर उनसे अनुरोध भी किया गया है कि मंदिर के रत्नभंडार की समीक्षा का काम 24 सितंबर तक खत्म कर लिया जाए। क्योंकि सितंबर खत्म होने के बाद ही और कार्तिक महीना शुरू होने से पहले जगन्नाथ देव के कई पूजा का अनुष्ठान भी होगा। इसलिए उस समय समीक्षा का कार्य करना मंदिर में संभव नहीं हो पाएगा।



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