पुणे के साधु वासवानी ब्रिज को तोड़ने का काम पुणे म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (PMC) आखिरकार शुरू करने वाली है। इस बाबत मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार ब्रिज के पास स्थित झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों को हदप्सर इलाके में स्थानांतरित करने के बाद इस ब्रिज को तोड़ने का काम शुरू किया जा रहा है।
कुछ समय पहले ही इस ब्रिज को तोड़ने का काम शुरू तो कर दिया गया था लेकिन ब्रिज के पास झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को स्थानांतरित नहीं करने की वजह से ब्रिज को तोड़ने का काम रोक दिया गया था। जिसके बाद PMC पिछले कुछ महीनों से इन लोगों को स्थानांतरित करने का काम कर रही थी।

इस बारे में मीडिया से बात करते हुए PMC के एक अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में इन लोगों ने ब्रिज के नीचे अपनी जगह छोड़ने से इनकार कर दिया था। लेकिन कई बार बैठकर बात की गयी, जिसके बाद आखिरकार झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले ये लोग ब्रिज के नीचे से हटने के लिए राजी हो गये। उक्त अधिकारी ने बताया कि इन लोगों को यहां से स्थानांतरित करने की कागजी कार्रवाई करने में भी कुछ समय लग गया और इन्हें हदप्सर इलाके में भेजने के बाद अब ब्रिज को तोड़ने का काम फिर से शुरू कर दिया गया है।
गौरतलब है कि पुणे के साधु वासवानी ब्रिज को तोड़ने का काम शुरू करने के कुछ समय बाद ब्रिज के नीचे रहने वाले कबाड़ीवाले व भिखारी आदि ने अपनी जगह छोड़ने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद ब्रिज के सर्किट हाउस की तरफ वाला हिस्सा नहीं तोड़ा जा सका था। पुराने ब्रिज को तोड़कर नई ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। इस ब्रिज का एक हिस्सा रेलवे ट्रैक पर से भी गुजरता है, जिसे तोड़ने की रेलवे की तरफ से मंजूरी मिलने के बाद आखिरकार अब तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है।
पर नई ब्रिज कब तक बनकर होगा तैयार?
Times of India की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार पिछले लंबे समय से इस ब्रिज को तोड़ने का काम चल रहा है, जिस वजह से कोरेगांव पार्क इलाके में रहने वाले लोगों को आवाजाही करने में काफी परेशानी हो रही है। न सिर्फ ट्रैफिक की गति धीमी पड़ गयी है बल्कि इस ब्रिज को तोड़ देने की वजह से नित्य यात्रियों को भी घूमकर डायवर्जन लेकर आना-जाना पड़ रहा है। ऐसे में स्थानीय लोगों के मन में यह सवाल जरूर आ रहा है कि आखिर नए ब्रिज का निर्माण कब तक पूरा होगा?
इस बारे में मीडिया से बात करते हुए PMC के अधिकारियों ने बताया कि साधु वासवानी ब्रिज को पूरी तरह से तोड़ने से पहले ही नई ब्रिज का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है। नई ब्रिज को कुल 8 स्तंभों पर बनाया जाने वाला है, जिसमें से 7 खंभों का निर्माण पूरा हो चुका है। इन सभी खंभों का निर्माण कोरेगांव पार्क की तरफ वाले हिस्से में किया गया है।
बताया जाता है कि PMC पुराने ब्रिज को गिराने और नई ब्रिज के निर्माण का काम अगले 9 महीनों में खत्म कर लेना चाहती है, ताकि लोगों को अधिक असुविधा न उठानी पड़े। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार साधु वासवानी ब्रिज की जगह पर नई ब्रिज का निर्माण लगभग ₹83 करोड़ की लागत से की जाएगी।



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