महाराणा प्रताप की 481वीं जयंती के मौके पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 100 करोड़ की लागत से 'महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट' को विकसित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने इस बात की घोषणा करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप के संदेशों को हमें पूरी दुनिया तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप सिर्फ राजस्थान और भारत के ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनकी वीरता, शौर्य और देशभक्ति को काल और भौगोलिक सीमाओं में नहीं बांधा जा सकता है।

महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट के बारे में बात करते हुए सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य में जो भी पर्यटक आएं, वे महाराणा प्रताप की शौर्य गाथा भी अपने साथ लेकर जाएं। इसे ध्यान में रखते हुए ही राजस्थान में 100 करोड़ रुपए की लागत से 'महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट' को विकसित करने की घोषणा की है।
8 जून को वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप की जयंती पर उदयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक की शौर्यगाथा, पन्नाधाय के बलिदान, बप्पा रावल, महाराणा कुंभा और महाराणा सांगा की वीरता उनके पराक्रम को भी याद किया।
महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट में कौन सी जगहें शामिल?

राजस्थान सरकार द्वारा घोषित 'महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट' में उन जगहों को शामिल किया गया है, जिनका संबंध महाराणा प्रताप के जीवन से रहा है। इस सर्किट में जो जगहें शामिल हैं वो हैं :
- चावंड
- हल्दीघाटी
- गोगुंदा
- कुंभलगढ़
- दिवेर
- उदयपुर
बता दें, महाराणा प्रताप की जयंती एक महीने पहले ही मनायी जा चुकी है लेकिन हिंदू कैलेंडर के अनुसार मेवाड़ में उनकी जयंती 9 जून को मनायी जाएगी। मेवाड़ में 6 दिन पहले से ही विशेष कार्यक्रमों की शुरुआत हो चुकी है। पूरे मेवाड़ में महाराणा प्रताप की जयंती अलग-अलग संगठनों द्वारा मनायी जा रही है। इन कार्यक्रमों की शुरुआत महिलाओं के तलवार रास से हुई है। मुख्यमंत्री शर्मा ने 8 जून को प्रताप गौरव केंद्र परिसर में स्थित पद्मिनी सभागार में महाराणा प्रताप को समर्पित चित्र प्रदर्शनी की भी शुरुआत की।



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