रक्षाबंधन पर कई राज्यों की सरकारों ने बहनों को खास तोहफा दिया है। भाईयों के घर आने-जाने में किसी तरह की कोई दिक्कत न हो, इसलिए राज्य सरकारों ने खासतौर पर महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा की घोषणा की गयी है। इस साल रक्षाबंधन 19 अगस्त (सोमवार) को मनायी जाएगी।
जिन राज्यों में रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त में बस सेवा की सुविधा का लाभ मिलेगा, उनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा शामिल है।

उत्तर प्रदेश में मुफ्त बस सेवा
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार रक्षाबंधन पर भाईयों के घर आने-जाने में बहनों को कोई असुविधा न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश में 2 दिन महिलाओं को मुफ्त बस सेवा का लाभ मिलेगा। 18 अगस्त की रात को 12 बजे से लेकर 19 अगस्त तक महिलाओं को यह सुविधा दी जाएगी। महिलाएं मुफ्त बस सेवा का लाभ नॉन एसी बसों के साथ-साथ एसी बसों में भी उठा सकेंगी।
इस दिन जो भी महिला बस की सवारी करेगी बस में उनका टिकट तो काटा जाएगा लेकिन इसपर शुल्क शून्य अंकित होगा। इससे कितनी बहनों ने रोडवेज की बसों से यात्रा की, इसका आंकड़ा भी विभाग को मिल सकेगा और बहनें भी निश्चिंत होकर अपना सफर पूरा कर सकेंगी।
हरियाणा में मां के साथ बच्चे को भी मुफ्त में यात्रा
हरियाणा रोडवेज ने घोषणा की है कि रक्षाबंधन के दिन मां के साथ 15 साल तक के बच्चे को बस में निःशुल्क सफर करने का मौका दिया जाएगा। बताया जाता है कि इसके लिए रोडवेज मुख्यालय की ओर से पत्र जारी किये जा चुके हैं। 18 अगस्त की दोपहर को 12 बजे से लेकर 19 अगस्त को रात 12 बजे तक महिलाओं और 15 साल तक के बच्चों के लिए यह सुविधा उपलब्ध होगी।
हरियाणा रोडवेज की बसों से बहनें अगर दिल्ली, चंडीगढ़ या हरियाणा में ही यात्रा करने वाली हैं तो उन्हें निःशुल्क यात्रा करने दिया जाएगा लेकिन अगर बहनें उत्तराखंड या उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों में जाना चाहती हैं तो उन्हें किराया चुकाना होगा।
उत्तराखंड में भी बहनें करेंगी मुफ्त में बस से यात्रा
उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने भी महिलाओं के लिए रक्षाबंधन के दिन मुफ्त बस सेवाओं की घोषणा की है। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार इस बाबत परिवहन सचिव ब्रजेश संत ने संबंधित अधिकारियों को पत्र भेज दिया है, जिसमें उत्तराखंड परिवहन निगम की ओर से संचालित बसों में रक्षाबंधन वाले दिन महिलाओं को किराए में शत-प्रतिशत छूट की घोषणा की गयी है।
बताया जाता है कि यह किराया राज्य सरकार की ओर से भरा जाएगा। हालांकि इस पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि महिलाओं को यह सुविधा केवल उत्तराखंड राज्य के अंदर ही दी जाएगी। अगर कोई बहन राज्य से बाहर यात्रा करती है तो उसे बस में किराया भरना पड़ेगा।



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