स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने हाल ही में अपने FASTag का एक नया डिजाइन लॉन्च किया है। इसका मुख्य उद्देश्य यात्रा के समय को कम करना और यात्रियो की मुश्किलों को आसान बनाना है। इस बाबत जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि SBI द्वारा जारी नयी डिजाइन के FASTag की वजह से वाहनों की पहचान करना और टोल टैक्स को वसूलना ज्यादा आसान हो जाएगा। इससे देशभर के लाखों यात्रियों का काफी समय बचेगा। लेकिन अभी यह सभी वाहनों के लिए उपलब्ध नहीं है।

बता दें, SBI का FASTag रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन तकनीक (RFID) पर आधारित है। इसकी मदद से गाड़ियों को टोल टैक्स पर रुककर FASTag स्कैन करवाने की जरूरत नहीं पड़ती बल्कि प्रीपेड या FASTag के साथ लिंक किये हुए सेविंग्स अकाउंट से सीधा शुल्क वसूल लिया जाता है।
यह FASTag गाड़ियों की विंडस्क्रिन पर चिपकाया हुआ रहता है, जो टोल प्लाजा पर गाड़ियों को रुककर नगद रूपए देकर टोल टैक्स जमा करने के समय की बचत करता है। इस टैग को आसानी से टैग जारी करने वालों के पास से खरीदा जा सकता है। अगर आपने प्री-पेड टैग खरीदा है, तो उसे अपनी सुविधानुसार रिचार्ज अथवा टॉप-अप करने की जरूरत होती है।
कौन कर सकता है इन टैग्स का इस्तेमाल?
SBI द्वारा जारी नयी डिजाइन वाली FASTag को अभी सिर्फ (VC-04) श्रेणी की गाड़ियों के लिए ही जारी किया गया है। बैंक की तरफ से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि इस श्रेणी में आने वाले कार, जीप और वैन ही केवल इस टैग का इस्तेमाल कर सकेंगे। टैग को इस प्रकार से डिजाइन किया गया है कि वह गाड़ियों की पहचान को और स्पष्ट करेगा जिससे टोल वसूली और भी आसानी से हो सकेगी ताकि यात्रियों का समय बर्बाद न हो।
कैसे मिलेगा फायदा?
SBI द्वारा जारी नयी डिजाइन के FASTag से निम्न फायदे मिलेंगे :
गाड़ियों की होगी पहचान - नयी उच्च तकनीक की डिजाइन वाले FASTag की मदद से टोल प्लाजा पर गाड़ियों की सटीक पहचान हो सकेगी, जिससे टोल टैक्स की वसूली पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान होने की उम्मीद है।
चार्जबैक के मामलों में कमी - कई बार गाड़ियों की सही पहचान नहीं होने की वजह से गलत टोल टैक्स कट जाता था। लेकिन नयी डिजाइन वाले FASTag में चार्जबैक की संभावनाओं को काफी कम कर देगा। इससे एक ओर सरकार को गाड़ियों के लिए सटीक किराया मिलेगा वहीं दूसरी ओर वाहन के मालिकों को भी फायदा मिलेगा।
समय की बचत - नयी डिजाइन वाले FASTag की वजह से टोल प्लाजा पर रुककर गाड़ियों को टैक्स जमा करने की समस्या नहीं होगी। इससे टोल पेमेंट जल्दी और आसानी से होगा, नतीजन यात्रियों का काफी समय बच जाएगा।
बता दें, पिछले 1 अगस्त से FASTag से जुड़े नये नियमों को लागू किया गया है। अब कार लेने के 90 दिनों के अंदर FASTag नंबर पर गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन नंबर अपलोड करना अनिवार्य है। अगर ऐसा नहीं किया गया तो FASTag उस नंबर को हॉटलिस्ट कर देगा। इसके बाद 30 दिनों का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। अगर उन 30 दिनों के अंदर भी गाड़ी का नंबर अपडेट नहीं किया गया तो FASTag ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। यह FASTag 30 अगस्त 2024 से उपलब्ध है।



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