
हमारे जीवन में भारतीय रेलवे का योगदान क्या है, इसके बारे में किसी को बताने की जरूरत नहीं है। रेलवे के जरिए सफर करना जितना ही सस्ता होता है उतना ही सुगम भी। किसी इंसान को अपनों से मिलाना हो या किसी को अपनों के लिए घर से दूर जाना हो, हमेशा से ही रेलवे का योगदान हमारे जीवन में महत्वपूर्ण रहा है। भले ही भारत में रेलवे की लाइन ब्रिटिश काल में बिछाई गई हो लेकिन आजाद भारत में भारतीय नागरिकों को इसका फायदा भरपूर तरीके से मिला और मिल रहा है।

भारत का सबसे छोटे नाम वाला रेलवे स्टेशन
ऐसे में अगर आपने ट्रेन से यात्रा की होगी तो कई ऐसे रेलवे स्टेशन है, जिनके नाम रिश्तेदारों के नाम पर, स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर या कोई हास्यास्पद रखा गया है। लेकिन आज हम एक ऐसे रेलवे स्टेशन के बारे में बताने जा रहे हैं जो अपने आप इतना छोटा है कि पता ही नहीं चलता कि इसका नाम कब शुरू होता है और कब खत्म। मतलब साफ है कि ये भारत का एक ऐसा रेलवे स्टेशन है, जिसका नाम बेहद छोटा है और इसका नाम 'ईब' (IB) है।

ईब रेलवे स्टेशन कहां पर है?
ईब रेलवे स्टेशन उड़ीसा राज्य के झारसुगुड़ा जिले में स्थित है, जो देश के सबसे छोटे नाम वाला रेलवे स्टेशन है। यही कारण है कि इस रेलवे स्टेशन को इतना खास बनाती है। इस फेमस रेलवे स्टेशन का नाम 'ईब नदी' से लिया गया है, जो महानदी की एक सहायक नदी है।

कब शुरू हुई ईब रेलवे स्टेशन?
ईब रेलवे स्टेशन की शुरुआत 1891 ई. में हुई थी। उस समय इसका तत्कालीन नाम बंगाल नागपुर रेलवे था। फिर साल 1900 में इसके लिए एक ब्रिज तैयार की गई जो ईब नदी से होकर गुजरती थी। इसी के चलते बाद में इस स्टेशन का नाम ईब पड़ गया।



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