देश की सबसे कठिन चढ़ाई में से एक श्रीखंड महादेव यात्रा का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है। कहा जाता है कि श्रीखंड महादेव की यात्रा इतनी कठिन होती है कि कोई भी व्यक्ति इसे जीवन में बस एक बार ही कर पाता है। अमरनाथ यात्रा से भी इस यात्रा को ज्यादा कठिन माना जाता है।
लेकिन जो लोग महादेव के भक्त होते हैं और जिन्हें ट्रेकिंग करने का शौक होता है, ऐसे लोगों को भला कोई कैसे रोक सकता है।
कहां होती है श्रीखंड महादेव की यात्रा
श्रीखंड महादेव की यात्रा हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में होती है। साल 2014 से इसे कुल्लू जिला प्रशासन द्वारा आधिकारिक रूप से करवायी जा रही है। हालांकि इस यात्रा को अमरनाथ धाम यात्रा से भी अधिक कठिन माना जाता है लेकिन हर साल देश के हर एक कोने से हजारों की संख्या में श्रद्धालु श्रीखंड महादेव की यात्रा पर आते हैं। यात्रा पर आने वाले हर श्रद्धालु का ऑफलाइन अथवा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होता है।
कब से कब तक होगी श्रीखंड महादेव की यात्रा
श्रीखंड महादेव ट्रस्ट की तरफ से इस साल यह यात्रा 14 जुलाई से शुरू होगी जो 27 जुलाई तक ही चलेगी। यानी श्रीखंड महादेव की यात्रा करने का मौका बस कुछ दिनों के लिए ही मिलेगा। इस साल दूसरे सालों के मुकाबले श्रीखंड महादेव की यात्रा काफी अधिक जोखिम भरी है।
बताया जाता है कि इस साल अधिक बर्फबारी होने के कारण ग्लेशियर अधिक बने हैं और श्रीखंड महादेव यात्रा के रास्ते में अधिक बर्फ है। तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन की तरफ से यात्रा के दौरान बेस कैंप में रेस्क्यू, मेडिकल और प्रशासन की टीमें मौजूद रहेंगी।
कैसे करें रजिस्ट्रेशन
श्रीखंड महादेव की यात्रा के रजिस्ट्रेशन के लिए आधिकारिक वेबसाइट https://shrikhandyatra.hp.gov.in पर जाना होगा। यहां रजिस्ट्रेशन पर क्लीक कर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
ध्यान देने योग्य बातें :
- 18 साल से कम और 60 साल से अधिक उम्र के व्यक्तियों को श्रीखंड महादेव की यात्रा न करने की सलाह दी जाती है।
- हर यात्री के लिए पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) करवाना अनिवार्य है।
- पंजीकरण का शुल्क प्रति यात्री ₹250 है।
- यात्रा न कर पाने की स्थिति में या बेसकैंप सिंहगढ़ के मेडिकल चेकअप में अस्वस्थ पाए जाने पर पंजीकरण शुल्क वापस नहीं किया जाएगा।
- अधिक जानकारी के लिए SDM ऑफिस में 01904-299139 पर संपर्क कर सकते हैं।
क्यों कहा जाता है अमरनाथ से भी कठिन
श्रीखंड महादेव की यात्रा पंच कैलाश यात्रा का ही एक हिस्सा है। यह हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में निरमंड में स्थित है। हर साल सावन के महीने में श्रीखंड महादेव की कठिन यात्रा करवायी जाती है। इसे दुनिया के सबसे कठिन ट्रेक में से एक माना जाता है।
अमरनाथ यात्रा के दौरान लोग खच्चर, घोड़ा या पालकी का सहारा लेते हैं लेकिन श्रीखंड महादेव की ट्रेकिंग पैदल ही पूरी करनी पड़ती है। अमरनाथ यात्रा की चढ़ाई 13 हजार फीट है लेकिन श्रीखंड महादेव की चढ़ाई 18 हजार फीट से भी ज्यादा है। 35 किमी का सफर तीर्थ यात्रियों को पैदल ही पूरी करनी पड़ती है।
क्या है श्रीखंड महादेव का इतिहास
कहा जाता है भस्मासुर असुर ने भगवान शिव से आर्शिवाद प्राप्त कर उन्हें ही मारने का प्रयास किया था। तब उसके आतंक से महादेव इस जगह (श्रीखंड महादेव) में जाकर छिप गये। बाद में भगवान विष्णु ने मोहिनी के अवतार में भस्मासुर का अंत किया। उसके बाद महादेव इस जगह से बाहर निकले थे। लोगों की मान्यता है कि भगवान शिव आज भी एक शिला के रूप में इस जगह पर मौजूद है। श्रीखंड महादेव पंच कैलाश में से एक माना जाता है।
कैसे पहुंचे श्रीखंड महादेव
हिमाचल प्रदेश के शिमला के रामपुर से कुल्लू के निरमंड होकर बागीपुल व जाओं तक कार या बस से जा सकते हैं। उससे आगे की 35 किमी यात्रा पैदल ही पूरी करनी पड़ती है जो बहुत कठिन चढ़ाई है। सिंहगढ़, थाचड़ू, भीम डवारी और पार्वती बाग में मुख्य बेस कैंप मौजूद है। यहां मेडिकल जांच, दवा और ऑक्सीजन की पूरी व्यवस्था रहती है।



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