आखिर लंबा इंतजार हुआ खत्म! 8 जून को जम्मू में अपने भक्तों को दर्शन देने वाले हैं तिरुपति बालाजी। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम् बोर्ड द्वारा निर्मित यह देश में भगवान वेंकटेश का 6ठवां मंदिर है। इससे पहले देश के कई अन्य शहरों में भगवान तिरुपति बालाजी के मंदिर स्थापित हो चुके हैं।

करीब 62 एकड़ भूमि पर जम्मू के सिधरा में बनाया गया यह विशाल मंदिर है। मंदिर के कपाट को भक्तों के लिए 8 जून को खोल दिया जाएगा।
माता वैष्णो देवी के बाद यह मंदिर जम्मू में सबसे बड़ा धार्मिक पर्यटन स्थल बनकर उभरने की उम्मीद है। मंदिर के उद्धाटन के लिए 3 दिवसीय पूजा-अर्चना की शुरुआत मंगलवार (6 जून) को ही हो चुकी है। पूरा जम्मू शहर इस समय तिरुपति बालाजी के 6ठवें मंदिर में होने वाले हवन पूजन की ध्वनी से गुंज रहा है। 8 जून को होने वाले भव्य उद्धाटन समारोह में जम्मु कश्मीर के लेफ्ट. राज्यपाल मनोज सिन्हा, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम् बोर्ड के अध्यक्ष वाई. वी. सुब्बा रेड्डी व अन्य पुजारी के उपस्थित रहने की संभावना है।

दो चरणों में तैयार हो रहे इस भव्य मंदिर का निर्माण करने में करीब 33.22 करोड़ रुपयों का खर्च आने वाला है। मंदिर परिसर में भगवान वेंकटेश, देवी पद्मावती और श्री अंदल श्रीवल्लीपुथुर का मंदिर बनाया गया है। मंदिर के पहले चरण का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इस चरण में मंदिर के पुजारियों, सेवकों के रहने के लिए घर, पार्किंग और शौचालय का निर्माण किया गया है।
मंदिर में स्थापित होने वाली भगवान की मूर्तियों को आंध्र प्रदेश से ही मंगवाया गया है। इससे पहले हैदराबाद, दिल्ली, कन्याकुमारी, चेन्नई और भुवनेश्वर में तिरुपति बालाजी के मंदिर स्थापित हो चुके हैं। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम् बोर्ड का कहना है कि देश के हर राज्य में भगवान वेंकटेश का मंदिर बनाया जाएगा। अगले चरण में मुंबई, रायपुर और अहमदाबाद में तिरुपति के भव्य मंदिर का निर्माण करने की योजना है।



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