अगले महाकुंभ मेले का आगाज साल 2025 में होने वाला है, जिसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। दरअसल, दो साल बाद होने वाले कुंभ मेले में उत्तर प्रदेश सरकार ने 5000 बसें शामिल करने का फैसला लिया है, ताकि कुंभ में आने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो और वे आसानी से आ जा सकें। इसके लिए यूपी सरकार 2000 करोड़ रुपये लगाएगी।
40 करोड़ श्रद्धालु आने की उम्मीद
आपको बता दें, महाकुंभ के आयोजन की तैयारी साल 2019 से चल रही है और आने वाले महाकुंभ मेले में करीब 40 करोड़ श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। इस विषय में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नई बसें खरीदने की योजना बनाई गई है। इसके अंतर्गत महाकुंभ से पहले नई बसों को योजनाबद्ध तरीके से यूपीएसआरटीसी के बेड़े में शामिल किया जाएगा।

सभी रूटों पर हर 10 मिनट में उपलब्ध रहेंगी बसें
इन नई बसों का इस्तेमाल विशेष रूप से यात्रियों को महाकुंभ तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा। इससे बड़ी संख्या में महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा आसान हो जाएगी। पीटीआई के विज्ञप्ति के अनुसार, महाकुंभ के सभी रूटों पर हर 10 मिनट में बसें उपलब्ध रहेंगी। वहीं, यूपीएसआरटीसी के एमडी संजय कुमार ने कहा, नगर निगम मार्च 2023 तक 1575 बसें खरीदेगा। इसमें से 1,200 बसें यूपीएसआरटीसी के बेड़े में तुरंत जोड़ी जाएंगी, जबकि बाकी अप्रैल-मई में जोड़ी जाएंगी।
2000 करोड़ रुपये का है बजट
संजय ने कहा कि यूपीएसआरटीसी अप्रैल 2023 व मार्च 2024 के बीच 2000 बसें और अप्रैल व दिसंबर 2024 के बीच 1500 बसें खरीदेगा। उन्होंने कहा कि ये बसें अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी और यूपी सरकार इसके लिए लगभग 2000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। ऐसे में नई बसें के शामिल होने से पुरानी बसों को हटाया जाएगा। वर्तमान में यूपीएसआरटीसी के बेड़े में 11200 बसें हैं।
महाकुंभ 2025 के लिए 6800 करोड़ का बजट निर्धारित
आकड़ों के मुताबिक, 2019 के महाकुंभ में 24 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया था। विज्ञप्ति में कहा गया है कि जहां 2019 के महाकुंभ पर 4200 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। वहीं, सरकार ने 2025 में होने वाले धार्मिक समागम महाकुंभ के लिए 6800 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।



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