उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में बादल फटने की वजह से हुई भारी बारिश और भूस्खलन में कम से कम 12 लोगों के मारे जाने और कई लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है। अचानक आयी बाढ़ ने नदियों का जलस्तर बढ़ा दिया जिस वजह से कई घर बाढ़ की चपेट में आकर बह गये। बताया जाता है कि राज्य के कई नदियों का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।
मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। वहीं दूसरी ओर केदारनाथ धाम जाने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए भी पुलिस प्रशासन ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है।

मीडिया रिपोर्ट में डिजास्टर कंट्रोल रूम देहरादून के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार हरिद्वार जिले में 6 लोग, टिहरी में 3, देहरादून में 2 और चमोली में 1 व्यक्ति के मारे जाने की जानकारी मिली है। इसके अलावा हलद्वानी में 2 लोग लापता हैं, जिनके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।
रुद्रप्रयाग पुलिस की तरफ से बताया गया है कि गौरीकुंड के आस-पास, जंगल चट्टी और भीमबली में कई जगहों पर पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। हालांकि इस इलाके में नदियों का जलस्तर अब खतरे के निशान से नीचे होने की जानकारी दी गयी है।
कहां कितने यात्रियों को किया गया रेस्क्यू

रुद्रप्रयाग पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार केदारनाथ धाम यात्रा पैदल मार्ग में जगह-जगह फंसे यात्रियों को रेस्क्यू करने का काम जारी है। लिंचोली और भीमबली में फंसे 425 यात्रियों को हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित स्थानों पर लाया गया है। वहीं लगभग 1100 यात्री विभिन्न रेस्क्यू टीम के सहयोग से अलग-अलग जगहों से सोनप्रयाग पहुंचे।
इसके बाद लगभग 630 तीर्थ यात्रियों को हेलीकॉप्टर और 1450 यात्रियों को पैदल चलकर विभिन्न रेस्क्यू टीम की मदद से सोनप्रयाग पहुंचाया गया। इसमें बड़ी संख्या में केदारनाथ धाम के तीर्थ यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोग भी शामिल हैं।

केदारनाथ धाम के यात्रियों के लिए एडवाइजरी
रुद्रप्रयाग पुलिस की तरफ से खासतौर पर केदारनाथ धाम के यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे मार्ग के सुचारु रुप से फिर से शुरू होने तक अपनी तीर्थ यात्रा को स्थगित कर दे। बताया जाता है कि इस वक्त श्री केदारनाथ धाम जाने वाला पैदल मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। सोनप्रयाग मुख्य बाजार से लगभग 1 किमी आगे सड़क का काफी बड़ा हिस्सा उफनती नदी और पहाड़ी के दरकने के कारण पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है।
इस मार्ग से पैदल आवाजाही करना संभव नहीं है। इसलिए सभी यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि रुद्रप्रयाग जनपद में जो यात्री जहां है, वहीं सुरक्षित रहे। केदारनाथ धाम की अपनी यात्रा को फिलहाल स्थगित कर दें। क्योंकि सोनप्रयाग से आगे न तो मोटर मार्ग और न ही पैदल मार्ग की स्थिति सही है। इसलिए यात्री अपनी जान को जोखिम में न डालें।



Click it and Unblock the Notifications














