बच्चे से लेकर बुढ़े तक हर कोई माता वैष्णो देवी के दरबार में जाने की इच्छा रखता है। लेकिन कई बार शारीरिक तकलीफों की वजह से लोग वैष्णों देवी नहीं जा पाते हैं। अब वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक अच्छी खबर आयी है। खासतौर पर बुजूर्ग और दिव्यांग श्रद्धालु, जिन्हें चलने-फिरने में तकलीफ होती है।
जल्द ही वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की तरफ से ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि माता वैष्णो देवी के दरबार तक पहुंचने में उनको कोई तकलीफ ही नहीं होगी।

वैष्णो देवी के भवन में अब श्रद्धालुओं को सीढ़ियां चढ़ने की जरुरत नहीं होगी। माता वैष्णो देवी के भवन में खड़ी चढ़ाई वाली सीढ़ियों पर चढ़ना श्रद्धालुओं के लिए एक चुनौतीपूर्ण काम होता था। खासतौर पर उम्रदराज और दिव्यांग लोगों के लिए, जिन्हें चलने-फिरने या सीढ़ियां आदि चढ़ने में दिक्कत महसूस होती होगी। वैष्णो माता श्राइन बोर्ड ने भवन में एस्केलेटर लगाने का फैसला लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार श्राइन बोर्ड ने मां वैष्णो देवी भवन परिसर के गौरी भवन में एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ियां) लगाने का फैसला लिया है। इससे भवन परिसर से गौरी भवन क्षेत्र अथवा पारंपरिक मार्ग से आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को खड़ी सीढ़ियां चढ़ने की जरुरत नहीं होगी।
गौरी भवन क्षेत्र से वैष्णो माता के भवन की दूरी लगभग डेढ़ किमी बतायी जाती है। गौरी भवन क्षेत्र से जब श्रद्धालु वैष्णो माता भवन की ओर पारंपरिक रास्ते से आगे बढ़ते हैं तो उन्हें लगभग 425 खड़ी चढ़ाई वाली सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है।

कम उम्र या युवा श्रद्धालु तो इस चढ़ाई को बड़ी ही आसानी से पूरा कर लेते हैं लेकिन मुश्किलें तब आती हैं जब वृद्ध या दिव्यांग श्रद्धालु इस रास्ते से आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं। एस्केलेटर के लग जाने से निश्चित रूप से श्रद्धालुओं को काफी सुविधा होने वाली है। उन्हें कठिन चढ़ाई से राहत मिल जाएगी।
गौरतलब है कि गौरी भवन क्षेत्र माता वैष्णो देवी भवन परिसर से दूर होने के बावजूद श्राइन बोर्ड ने गौरी भवन, वैष्णवी भवन आदि में श्रद्धालुओं के रहने के लिए जगह बनायी है, जिसमें 4 बेड और 6 बेड वाले कमरे उपलब्ध है। वैष्णवी भवन में भी 30 श्रद्धालुओं के रुकने लायक जगह है, जहां यात्रा के दौरान अक्सर श्रद्धालु रुकना पसंद करते हैं। बताया जाता है कि वैष्णो देवी भवन में भी श्रद्धालुओं के रुकने की जगह तो उपलब्ध है, लेकिन कई बार वहां उन्हें काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ता था।

वहीं पारंपरिक मार्ग से आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और हेलीकॉप्टर से भवन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी अगर खरीदारी के लिए भवन परिसर के मार्केट जाना होता तो उन्हें 425 खड़ी सीढ़ियों की चढ़ाई-उतराई करके ही वहां पहुंचना पड़ता था। ऐसे में एस्केलेटर लग जाने से इन श्रद्धालुओं को भी काफी ज्यादा सुविधा होने वाली है।
मिली जानकारी के अनुसार वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने एस्केलेटर परियोजना के लिए करीब 60 से 80 करोड़ रुपए तक की राशि खर्च करने की योजना बनायी है। मीडिया से बात करते हुए श्री वैष्णो माता श्राइन बोर्ड के सीईओ अशुल गर्ग ने बताया कि इस महत्वपूर्ण परियोजना पर तेजी से काम हो रहा है और जल्द ही टेंडरिंग की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। इसकेबाद ही इस परियोजना पर भी काम शुरू कर दिया जाएगा।



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