वंदे भारत एक्सप्रेस की सफलता के बाद भारतीय रेलवे ने देश का पहला वंदे भारत मेट्रो को लॉन्च करने का फैसला लिया है। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार नयी वंदे भारत मेट्रो का ट्रायल रन शुरू हो चुका है, जिसके जल्द ही पूरा हो जाने की संभावना है।
बताया जाता है कि सफलतापूर्वक ट्रायल रन को पूरा कर लेने के बाद इस प्रीमियम ट्रेन को यात्री सेवा के लिए शुरू कर दिया जाएगा।

इस बाबत DNA में छपी एक रिपोर्ट में रेलवे के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया कि वंदे भारत मेट्रो, मेट्रो रेल और वंदे भारत एक्सप्रेस के कॉम्बीनेशन के रूप में काम करेगा। वर्तमान में देशभर में कुल 52 वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन होता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि वंदे भारत मेट्रो बहुत कम समय में ही तेज रफ्तार पकड़ सकती है।
वहीं वंदे भारत एक्सप्रेस कम समय में लंबी दूरी तय करने में माहिर है। बताया जाता है कि वंदे भारत एक्सप्रेस को शून्य से 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ने में जहां 52 सेकंड का समय लगता है वहीं वंदे भारत मेट्रो को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह शून्य से 100 किमी की रफ्तार मात्र 45 से 47 सेकंड में ही पकड़ लेगी।
हालांकि इसके बावजूद वंदे भारत मेट्रो की स्पीड को वंदे भारत एक्सप्रेस से कम ही रखने का फैसला लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार वंदे भारत एक्सप्रेस को अधिकतम 180 किमी प्रतिघंटा की गति से पटरियों पर दौड़ने के लिए डिजाइन किया गया है, जबकि वंदे भारत मेट्रो अधिकतम 130 किमी प्रतिघंटा की गति से चलेगी। हालांकि इसकी वजह मेट्रो स्टेशनों का नजदीक होना माना जाता है। अधिक तेजी से चलने पर नजदीक के स्टेशनों पर ट्रेन का रुकना मुश्किल हो सकता है।
बताया जाता है कि वंदे भारत मेट्रो को मुख्य रूप से इंटरसिटी ट्रैवल के लिए डिजाइन किया गया है। इसके कोच का निर्माण ICF चेन्नई और कपूरथला RCF में किया गया है। देश में पहली 12 कोच की वंदे भारत मेट्रो रेल का ट्रायल रन विल्लिवक्कम और वलजाह रोड के बीच किया गया है। संभावना है कि इसी रूट पर सबसे पहली वंदे भारत मेट्रो का संचालन किया जाएगा।

कितना होगा किराया
वंदे बारत मेट्रो के किराया के बारे में अभी तक रेलवे के अधिकारियों ने कुछ भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी है लेकिन इसका किराया AC चेयरकार से कम होने की संभावना जरूर जतायी गयी है। बताया जाता है कि वंदे भारत मेट्रो के किराया का निर्धारण वर्तमान मेट्रो और रैपिड ट्रांसिट सिस्टम (RRTS) सेवाओं के किराए के आधार पर किया जाएगा। लेकिन रेलवे इसका किराया बहुत ज्यादा रखने से संभवतः परहेज करेगी क्योंकि वंदे भारत मेट्रो को काफी ज्यादा लोगों तक भारतीय रेलवे पहुंचाना चाहती है।
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारियों को मानें तो देश के 124 शहरों को जोड़ने के लिए वंदे भारत मेट्रो का संचालन किया जाएगा। जिन रूट्स पर वंदे भारत मेट्रो का प्रस्ताव दिया जा चुका है उनमें प्रमुख रूट्स हैं :
- लखनऊ-कानपुर
- आगरा-मथुरा
- दिल्ली-रेवाड़ी
- भुवनेश्वर-बालासोर
- आगरा-दिल्ली
- तिरुपति-चेन्नई
- दिल्ली-मुरादाबाद
काफी सोच-विचार के बाद ही इन शहरों का चुनाव किया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को इसका लाभ मिल सकें।



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