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इन जगहों के खत्‍म होने से पहले इन्‍हें जरूर देख लें

भारत में कई खूबसूरत किले, झरने, समुद्र तट और प्राकृतिक छटाओं से सराबोर स्‍थल हैं। हर राज्‍य और देश के हर कोने की एक अलग कहानी है। पर्यटन के सबसे रोमांचित हिस्‍सों की कहानी के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं।

हालांकि, इनके महत्‍व के बारे में ना जानने और रख-रखाव ना करने के कारण ये खूबसूरत इमारतें और किले अब जर्जर होने को आए हैं। 

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कुछ सालों में पर्यटन के मामले में लोग इन जगहों को पूरी तरह से ही भूल गए हैं। लेकिन आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के ज़रिए इन्‍हीं जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं। इन जगहों के खत्‍म होने से पहले बेहतर होगा कि आप यहां एक बार जरूर घूमकर आएं।

चिकतन किला, कश्‍मीर

चिकतन किला, कश्‍मीर

कश्‍मीर में स्थित चिकतन किले का निर्माण 16वीं शताब्‍दी में हुआ था। ये ऐतिहासिक किला युद्धों में हिस्‍सा लेने वाले योद्धाओं की शक्‍ति और एकता का प्रतीक है। पहाड़ी की चोटि पर स्थित होने के कारण ये किला काफी खूबसूरत है। 19वीं सदी में इस किले को बंद कर दिया गया और रखरखाव की व्‍यवस्‍था ना होने के कारण ये इमारत जर्जर होने लगी है और इस पर मौसम का असर भी दिखने लगता है। हालांकि, आप इस किले में आराम से घूमने आ सकते हैं।

राखीगढ़ी, हरियाणा

राखीगढ़ी, हरियाणा

भारत के पांच सबसे बड़े शहरों में से एक हड़प्‍पा संस्‍कृति की धरोहर हे राखीगढ़ी। ये 5 टीलों के साथ फैला हुआ है जो एकदूसरे से जुड़े हुए हैं और इनमें से दो टीलों में भारी संख्‍या में लोग रहते हैं। भारतीय पुरातत्‍व सर्वेक्षण द्वारा उत्‍खनन में इस शहर में परिष्‍कृत जल प्रणाली और ईंटों से बने घर मिले हैं। यहां मिट्टी, जानवरों की आकृतियां, तांबे की वस्‍तुएं और मोहरें मिली हैं। पर्याप्‍त रखरखाव की कमी है कारण इस स्‍थान पर कई बार चोरी हो चुकी है। भारत का ये ऐतिहासिक स्‍थान आज खतरे में है।

मजुली, असम

मजुली, असम

दुनिया के सबसे बड़े समुद्री तटों में से एक है असम का मजुली तट जोकि बेहद खूबसूरत है। अपनी इस खूबी के कारण इसका नाम गिनीज़ बु‍क ऑफ रिकॉर्ड में भी आ चुका है। अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ब्रहमपुत्र नदी के निकट होने के कारण प्रसिद्ध है।

ऐसा माना जाता है कि इस नदी का तट पिछले 10-20 सालों में जलमग्‍न हो चुका है। बाढ़ और भूकंप के कारण इस नदी तट को भारी नुकसान हुआ है और इसको बचाने के लिए सरकार द्वारा कुछ भी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इस तरह इस स्‍थान का भविष्‍य खतरे में है।

pc:Dhrubazaan Photography

 डेचेन नाम्‍ग्‍याल मठ, जम्‍मू-कश्‍मीर

डेचेन नाम्‍ग्‍याल मठ, जम्‍मू-कश्‍मीर

डेचेन नाम्‍ग्‍याल मठ को 17वीं शताब्‍दी में तिब्‍बती बौद्ध धर्म के द्रुबा काग्‍यू द्वारा बनवाया गया था। इसे गोंपा भी कहा जाता है। ये मठ 14,000 फीट की ऊंचाई पर बना है। सुविधाजनक स्‍थान होने के कारण इस जगह को लद्दाख से व्‍यापार मार्ग के रूप में इस्‍तेमाल किया जाता है। ये जगह अपनी अद्भुत वास्‍तुकला के लिए भी मशहूर है।आर्थिक सहायता की कमी के कारण ये मठ जर्जर होता जा रहा है और इसे संरक्षित करने के लिए कोई महत्‍वपूर्ण कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। जम्‍मू-कश्‍मीर आने पर गोंपा आना बिलकुल ना भूलें।

pc:Jan Reurink

गिर राष्‍ट्रीय उद्यान, गुजरात

गिर राष्‍ट्रीय उद्यान, गुजरात

पूरे एशिया में सिर्फ गिर राष्‍ट्रीय उद्यान में ही आपको एशियाई शेर मिलेंगें। इसे 1975 में राष्‍ट्रीय उद्यान घोषित किया जा चुका है। ये जगह एशियाई शेरों के लिए मशहूर है और यहां पर 40 से ज्‍यादा अन्‍य स्‍तनधारी जीवों की प्रजातियां पाईं जाती हैं। यहां पर वनस्‍पति और जीव बहुतायत में मिलते हैं।

इन एशियाई शेरों की संख्‍या में कमी आने के कारण इस वन को आईयूसीएन ने लुप्‍तप्राय घोषित कर दिया है। हालांकि, वन में पर्णपाती वन के कारण जीवों की संख्‍या में वृद्धि हो रही है। शाही जानवरों को देखने का शौक रखते हैं तो इस जगह पर जरूर आएं।

pc:vaidyarupal

बालपकारम वन, मेघालय

बालपकारम वन, मेघालय

मेघालय का बालपकारम वन एक घाटी है जो अपनी प्राकृतिक छटा के कारण मशहूर है। ये पूरा स्‍थान हरे-भरे पेड़ों से घिरा हुआ है। इस स्‍थान पर स्‍थानीय जनजाति गरोस रहती है। माना जाता है कि इस जंगल में आत्‍माएं भी भटकती हैं।

कोयले की खदानों, इमारतों और पहाड़ों पर खनन के कारण ये वन अब खत्‍म होने की कगार पर है। राष्‍ट्रीय उद्यान घोषित किया जा चुका ये जंगल अत्‍यधिक मानव हस्‍तक्षेप के कारण खत्‍म हो रहा है।

pc:Hgm2016

कोरल चट्टान, लक्ष्‍द्वीप

कोरल चट्टान, लक्ष्‍द्वीप

लक्ष्‍द्वीप का ये समुद्रीतट कोरल चट्टानों और स्‍कूबा डाइविंग जैसी रोमांचक गतिविधियों के लिए मशहूर है। इस जगह पर आपको पक्षियों की विभिन्‍न प्रजातियां भी देखने को मिलेंगीं।

हालांकि, एक ताजा अध्‍ययम में ये बात सामने आई है कि कोयले की खदानों के कारण इस चट्टान को भारी नुकसान हो रहा है। वहीं ग्‍लोबल वार्मिंग के कारण यहां पानी का स्‍तर भी बढ़ रहा है।

pc:PoojaRathod

भितारकनिका कच्‍छ वनस्‍पति, ओडिशा

भितारकनिका कच्‍छ वनस्‍पति, ओडिशा

शानदार ओडिशा शहर में स्थित है भितारकनिका कच्‍छ वनस्‍पति जहां आपको कई लुप्‍तप्राय प्रजातियां जैसे सफेद मगरमच्‍छ, भारतीय पायथॉन, काले आइबिस आदि देखने को मिलते हैं। ये भारत का दूसरा सबसे बड़ा पारिस्थितिकी तंत्र है जिसे 1988 में राष्‍ट्रीय उद्यान घोषित किया जा चुका है।

मानव हस्‍तक्षेप और अतिक्रमण के कारण यहां का काफी हिस्‍सा खराब हो चुका है। यहां के सुरक्षाकर्मी बाहर के लोगों को अंदर आकर अनैतिक कार्य करने देते हैं और उनसे रिश्‍वत भी लेते हैं।

Pc:AbhipshaRay93

कोठी, उत्तर प्रदेश

कोठी, उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के किला महमूदाबाद में स्थित है कोठी। इस इमारत को सदियों पहले 17वीं सदी में बनवाया गया था। ये कोठी अपनी अवधी वास्‍तुकला के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन 1857 में ब्रिटिशों ने इस जगह को पूरी तरह से खराब कर दिया था। बाद में इसके मूल आधार पर दोबारा बनवाया गया था।

67,000 फीट में फैली इस विशाल जगह का रखरखाव करना काफी मुश्किल है। इस कारण ये स्‍थान खराब होता जा रहा है।

हिमालय ग्‍लेशियर

हिमालय ग्‍लेशियर

खूबसूरत हिमालय दुनियाभर में अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और बर्फ से ढकी पर्वत श्रृंख्‍लाओं के लिए मशहूर है। इन पहाड़ों पर असंख्‍य ऊंचे ग्‍लेशियर जैसे माउंट एवरेस्‍ट, सियाचिन ग्‍लेशियर आदि हैं।

ग्‍लोबल वार्मिंग के बढ़ते प्रभाव के कारण ये ग्‍लेशियर पिघलते जा रहे हैं। एक अध्‍ययन में ये बात सामने आई है कि पिछले 50 वर्षों में ये ग्‍लेशियर 13 प्रतिशत सिकुड गए हैं।

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