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जम्मू-कश्मीर की बेहद खूबसूरत जगह, जिनके बारे में आपको कोई बतायेगा

Written By: Goldi

भारत का स्वर्ग जम्मू कश्मीर जिसकी खूबसूरती देख मुग़ल बादशाह जहांगीर ने भी इसे जमीन पर जन्नत का दर्जा दिया था। जहांगीर ने कहा था कि "अगर इस धरती पर कहीं स्वर्ग है, (तो वो) यहीं है। इस राज्य की सीमा चाइना, तिब्बत और पाकिस्तान से लगती है, साथ ही यह राज्य भारत के बेहद खूबसूरत राज्यों में से एक है, जिसकी खूबसूरती देखने लोग दूर दूर से यहां पहुंचते हैं।

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इस राज्य में अक्सर हिंसक घटनाएं होती रहती है, लेकिन इसके बावजूद इसकी खूबसूरती यूं ही बरकरार है। हिमालय की वादियों में स्थित जम्मू कश्मीर में कई पर्यटन स्थल जैसे वैष्णो देवी,डल झील,लद्दाख,श्रीनगर आदि, जो हर सीजन में पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। अगर आप सोच रहे हैं कि जम्मू कश्मीर में घूमने को बस इतना ही है, तो आप गलत है, क्यों कि इस राज्य में घूमने की बहुतयात जगह है, जिनके बारे में हम अब तक अनिभिज्ञ है। जैसे हमने आपको बताया कि यह जगह पर्यटकों की नजरों से दूर हैं, तो आप यहां अपनी छुट्टियों को अच्छे से एन्जॉय कर सकते हैं।

कोकरनाग

कोकरनाग

कुकरनाग अथवा कोकरनाग जम्मू और कश्मीर राज्य के अनंतनाग में स्थित एक पर्यटन स्थल है।कोकरनाग दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है 'कोकर' और 'नाग'। कोकर शब्द कश्मीरी शब्द मोरगी से लिया गया है जिसका अर्थ 'चिकन' होता है। जबकि नाग संस्कृत का एक शब्द है जिसका अर्थ 'सांप' होता है। कोकरनाग श्रीनगर से 80और अनन्तनाग से 25 किमी की दूरी पर स्थित है।यहां शुद्ध जल की कश्मीर की सबसे विशाल सरोवर है। पर्यटक यहां कई मन्दिरों को देख सकते हैं जैसे हनुमान मंदिर,सीता मंदिर,नीला नाग,गणेश मंदिर ,शिवा मंदिर आदि। इसके अलावा पर्यटक अनंतनाग को भी घूम सकते हैं।
PC:Naina Sandhir

पुलवामा

पुलवामा

जम्‍मू और कश्‍मीर राज्‍य में स्थित पुलवामा जिला बेहद सुंदर है जिसे कश्‍मीर का धान का कटोरा कहा जाता है।पुलवामा को सबसे पहले पनवानगम के नाम से जाना जाता था, बाद में पुलगाम कहा जाने लगा और वर्तमान में पुलवामा नाम हो गया। पुलवामा समुद्री स्तर से करीबन 1630 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एक खूबसूरत हिल स्टेशन है..यहां पर्यटकों के लिए घूमने लिए काफी कुछ है जैसे अहरबाल झरना, शिकारगाह, अरीपाल नाग, हुरपूरा और तरसार व मरसार झील और मुग़ल रोड। इसके साथ ही यहां कई मंदिर भी है पायेर मंदिर, अवंतेश्‍वर मंदिर, द श्राइन ऑफ शाह हमदेन, द श्राइन ऑफ सैयद हसन मांताक्‍यू आदि। पुलवामा पर्यटकों के बीच यहां की प्राकृतिक सुंदरता और आर्दश वातावरण के कारण प्रसिद्ध है। पुलवामा श्रीनगर से 25 किमी की दूरी पर स्थित है।PC:Jimmyeager

हेमिस

हेमिस

हेमिस लद्दाख से 40 किमी की दूरी पर स्थित है जोकि पर्यटकों के बीच हेमिस मठ और हेमिस नेशनल पार्क के लिए लोकप्रिय है। हेमिस मठ का निर्माण नवांग ग्‍यात्‍सों ने कराया था, जिसे बाद में 1972 ई. में पुर्नस्‍थापना भी की गई और यहां एक महायोग तंत्र स्‍कूल चलाया जाने लगा जिसके आचार्य सेंज नामवार ग्‍वालवा थे। गुरू पद्मसभंव के सम्‍मान में प्रत्‍येक वर्ष जून या जुलाई के महीने में हजारों श्रद्धालु यहां मनाए जाने वाले वार्षिक उत्‍सव में भाग लेते है। हेमिस का राष्‍ट्रीय उद्यान जो सिंधु नदी के तट पर स्थित है यह यहां का एक और लोकप्रिय आकर्षण है जिसे हेमिस हाई आल्‍टीट्यूट राष्‍ट्रीय पार्क कहा जाता है। हेमिस राष्‍ट्रीय उद्यान, दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा नेशनल पार्क है जहां बर्फ में पाई जाने वाली लिओपार्ड, हिरण, मकाऊ, लाल भेडि़यां, गिद्ध और गोल्‍डन ईगल जैसे कई जानवर देखने को मिलते हैं।PC:Michael Day

युसमर्ग

युसमर्ग

श्रीनगर से लगभग 50 किमी की दूरी पर बडगाम जिले में स्थित एक शहर है जो अपनी सुंदरता के लिए जाना जाता है। यह स्थान समुद्र तल से 7500 फुट की ऊंचाई पर पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला में स्थित है। प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आदर्श गंतव्य युसमर्ग पर्यटकों को घाटी के मनोरम दृश्य, चोटियाँ और घास के मैदान देखने का अवसर प्रदान करता है। पर्यटक यहाँ विभिन्न प्रकार की गतिविधियों जैसे ट्रेकिंग, स्कीइंग और घुड़सवारी आदि का भी लुत्फ उठा सकते हैं। पर्यटक यहां नीले पानी की झील नील्नाग झील भी देख सकते हैं।

तुलियन झील

तुलियन झील

तुलियन झील पहलगाम से 15 कि.मी. की दूरी पर स्थित है। यह झील वर्ष के अधिकांश समय बर्फ से जमी रहती है। यहाँ के ख़ूबसूरत दृश्य सभी को आश्चर्यचकित कर देने की सामर्थ्य रखते हैं।यह ख़ूबसूरत झील 3353 मीटर की ऊंचाई पर है।इस झील को 'तारसीर झील' के नाम से भी जाना जाता है। आप इस झील की सैर कभी भी करने जा सकते हैं। अगर आप को फोटोग्राफी का शौक है, तो यह जगह आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं है।PC:Raqueeb Mir

सिंथन टॉप

सिंथन टॉप

सिंथन टॉप अनंतनाग के पास स्थित एक छोटा सा हिल स्टेशन है जोकि कश्मीर घाटी और जम्मू को जोड़ता है।3800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह खूबसूरत हिल स्टेशन पूरी साल बर्फ से ढका रहता है..यहां कोई रहता नहीं है, लेकिन पर्यटन की नजर से यहां कुछ होटल और टेंट आदि है...जहां पर्यटक रुक सकते हैं।श्रीनगर से 140 किमी की दूरी पर स्थित यह सिंथन की यात्रा बेहद रोमांचक है। जब आप 360 डिग्री के व्यू पर पहुंचकर जम्मू और कश्मीर की को निहारेंगे तो बस देखते ही रह जायेंगे। पर्यटकों की ज्यादा भीड़ ना होने के कारण यह जगह आपको असीम शान्ति का अनुभव कराती है।PC:Mike Prince

दूधगंगा-नीलनाग

दूधगंगा-नीलनाग

दुधगंगा झेलम नदी नदी का एक सहायक नदी है और युसमर्ग से होकर गुजरती है। इस नदी का प्रवाह काफी तेज होता है, जिसके चलते इस दूधगंगा कहा जाता है। इस नदी से कुछ ही दूरी पर स्थित नील नाग झील है, जिसके आसपास का वातावरण मन को आनन्द कर देना वाला है, यहां आप अपनी फोटोग्राफी के शौक को भी पूरा कर सकते हैं।PC:Basharat Alam Shah

मार्तंड सूर्य मंदिर

मार्तंड सूर्य मंदिर

मार्तंड सूर्य मंदिर का निर्माण 7वीं से 8वीं शताब्दी के दौरान हुआ था। सूर्य राजवंश के राजा ललितादित्य ने इस मंदिर का निर्माण जम्मू कश्मीर के छोटे से शहर अनंतनाग के पास एक पठार के ऊपर करवाया था। इसमें 84 स्तंभ हैं जो नियमित अंतराल पर रखे गए हैं। मंदिर को बनाने के लिए चूने के पत्थर की चौकोर ईंटों का उपयोग किया गया है, जो उस समय के कलाकारों की कुशलता को दर्शाता है। बर्फ से ढंके हुए पहाड़ों की पृष्ठभूमि के साथ केंद्र में यह मंदिर इस स्थान का करिश्मा ही कहा जाएगा। इस मंदिर से कश्मीर घाटी का मनोरम दृश्य भी देखा जा सकता है।PC:Gaurav Kumar

 चत्‍पाल

चत्‍पाल

दक्षिण कश्‍मीर के एक कोने में स्थित है चत्‍पाल जिसकी श्रीनगर से दूरी 90 किमी है। ये शहर इतना खूबसूरत है कि इसे शब्‍दों में बयां कर पाना बहुत मुश्किल काम है। पीले और सफेद फूलों के खूबसूरत बगीचे देखने को मिलेंगें। अगर आप प्रकृति के सौंदर्य को महसूस करना चाहते हैं और भीड़भाड़ से कहीं दूर जाने की सोच रहें हैं तो चत्‍पाल आपके लिए बिलकुल सही जगह है। अपने पार्टनर के साथ आप यहां की खूबसूरत वादियों में रोमांटिक छुट्टियां बिता सकते हैं।प्राकृतिक सौंदर्य के बीच चहलकदमी करें और हरी-भरी घाटी के सौंदर्य को अपनी नज़रों में कैद कर लें। यहां पर कश्‍मीरी चाय का मज़ा आपकी ट्रिप को मज़ेदार बना सकता है। अगर आप किसी स्‍थानीय निवासी से मिलते हैं तो उनसे बात जरूर करें। उनकी जीवनशैली और प्‍यारा स्‍वभाव आपको एक नई सादगी से रूबरू करवाएगा।

लोलाब घाटी

लोलाब घाटी

कुपवाड़ा से 9 किमी और श्रीनगर से 110 किमी की दूरी पर स्थित लोलाब घाटी को वादी-ए-लोलाब के नाम से भी जाना जाता है। इस घाटी में हरे भरे खेतों के अलावा झील और फलों के बगीचों को भी देखा जा सकता है। इस घाटी में तीन और छोटी छोटी घाटी है-पोतानी,ब्रुनाईऔर कालरूस। पर्यटक यहां कश्यप ऋषि की कुटिया देख सकते हैं, जोकि अब पर्यटकों के लिए आराम करने की जगह बन चुकी है, साथ ही यहां लवांग में स्थित तीन फीट गहरी झील को भी देखा जा सकता है। इसके अलावा यहां गौरी स्प्रिंग भी है, जिससे गर्म पानी का प्रवाह होता है।PC:Eshankaul007

हनले

हनले

हनले लद्दाख में स्थित एक छोटा सा गांव है.. इग गांव के दो प्रमुख आकर्षण ह्नले मठ और भारतीय खगोलीय वेधशाला । हालांकि इसे घूमने के लिए सरकार से परमिशन लेने की आवश्यकता होती हैं, यह जगह तिब्बत और चाइना बॉर्डर के बेहद नजदीक स्थित है। ह्नले मठ का निर्माण 17 वीं शताब्दी में हुआ था। यहां की प्राकृतिक सुन्दरता बेहद अतुलनीय है। यह जगह दुनिया की शोर शराबे से दूर आपको एक अलग ही दुनिया का एहसास दिलाएगी।अगर आप एडवेंचर लवर है, फिर तो जीवन में आपको इस जगह की सैर एकबार अवश्य करनी चाहिए।PC:Sorcerer81

दचिगम नेशनल पार्क

दचिगम नेशनल पार्क

दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान के तथ्य- दाचीगाम जम्मू और कश्मीर में श्रीनगर से 22 किमी दूर स्थित है।इस नाम का अर्थ है- दस गांव।उद्यान की स्थापना 1981 में हुई थी। समुद्र तल से उद्यान की औसत ऊंचाई 2990 मीटर है। उद्यान उच्च ऊंचाई वाले शीतोष्ण क्षेत्र में स्थित है। यह 141 किमी में फैला है। इस उद्यान से सबसे करीबी शहर श्रीनगर है।यह उद्यान हंगुल या कश्मीरी हिरण के घर के तौर पर जाना जाता है। वसंत और शरद ऋतु में नीचले इलाकों में हिमालयी काला भालू दिखाई देता है। सर्दी के मौसम में यह सो जाता है। लंबी पूंछ वाले मार्मोट गर्मी के मौसम में उपरी इलाकों में बहुत देखे जा सकते हैं।इस उद्यान के महत्वपूर्ण वन्यजीव प्रजातियां हैं- तेंदुआ, हिम तेंदुआ, काला भालू, भूरा भालू, जंगली बिल्ली, हिमालयी मार्मोट, कस्तूरी मृग, सीरो और लाल लोमड़ी (red fox)। पक्षियों में तीतर के कोकलास और मोनल, बुलबुल, मिनिवेट, बार्ड वल्चर, सुनहरे चील आम हैं।PC:Jyoti Chaurasia

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