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पुणे से बनाएं इन खूबसूरत वन्यजीव अभयारण्यों का प्लान

महाराष्ट्र का पुणे शहर केवल ऐतिहासिक धरोहरों के लिए ही नहीं बल्कि प्राकृतिक खूबसूरती के लिए भी काफी प्रसिद्ध है। आईटी सेक्टर, शैक्षणिक संस्थानों के अलावा यह शहर अपने खूबसूरत वन्यजीव अभयारण्यों के लिए भी खूब जाना जाता है। जहां आपको दुर्लभ वनस्पतियों के साथ-साथ दुर्लभ जीवों को देखने का अवसर भी मिलता है। 

शहर की भागदौड़ और व्यस्त जीवनशैली के बीच ये प्राकृतिक कोने घूमने-फिरने के लिए शानदार गंतव्य माने जाते हैं। बता दें कि कुछ समय पहले राज्य के पर्यावरण और वन मंत्रालय द्वारा 60 वनस्पतियों को दुर्लभ घोषित किया गया है। आइए जानते हैं पर्यटन के लिहाज से ये अभयारण्य आपके लिए कितने खास हैं। 

कटराज स्नेट पार्क

कटराज स्नेट पार्क

अगर आपको सांपों कि विभिन्न प्रजातियों को देखने का शौक है, तो आप कटराज स्नेक पार्क आ सकते हैं। कटराज स्नेट पार्क पुणे स्थित एक स्नेक रिजर्व है, जो पुणे-सतारा राजमार्ग पर पड़ता है। यह पार्क सांपों की 22 प्रजातियों को सरंक्षण प्रदान करता है। इसके अलावा आप यहां अन्य जलीय जीवों को भी देख सकते हैं। 1999 में इस स्नेक पार्क को राजीव गांधी उद्यान के साथ जोड़ दिया गया था, जिसके बाद से अब यह उद्यान का भी भाग बन चुका है।

यह पार्क समय समय पर जीव संबंधी जागरूकता अभियान भी चलाता है जिससे सांप और अन्य रेंगने वाले जीवों को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़े।

मयुरेश्वर वन्यजीव अभयारण्य

मयुरेश्वर वन्यजीव अभयारण्य

पुणे स्थित मयुरेश्वर वन्यजीव अभयारण्य एक खूबसूरत वन्य जीव संरक्षित क्षेत्र है, जो असंख्य वनस्पतियों और जीवों को संरक्षण प्रदान करता है। यह अभयारण्य मुख्य शहर से 72 किमी की दूरी पर बारामती तहसील में स्थित है। यह अभयारण्य बारामती तहसील के सूखाग्रस्त क्षेत्रों की जैव-विविधता का प्रतिनिधित्व करता है।

यह संरक्षित क्षेत्र मुख्य तौर पर खैर, हिवर, सिसो करवांड के पेड़ों, घास के मैदान, और पर्णपाती जंगलों से बना है। मयूरेश्वर वन्यजीव अभ्यारण्य उन दुर्लभ अभ्यारण्यों में गिना जाता है जो चिंकारा जैसे जीवों को भी सुरक्षा प्रदान करता है।

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भीमाशंकर वन्यजीव अभयारण्य

भीमाशंकर वन्यजीव अभयारण्य

भीमाशंकर वन्यजीव अभयारण्य, मुख्य तौर पर "भारतीय विशालकाय गिलहरी" की सुरक्षा के लिए सरंक्षित क्षेत्र है, जो पुणे शहर के आंबेगांव और खेद तालुका में बनाया गया है। यह अभयारण्य लगभग 2100 के लेकर 3800 फीट की ऊंचाई पर बना हुआ है। यह वन्यजीव अभयारण्य विभिन्न वनस्पतियों के साथ जीवों की असंख्य प्रजातियों के लिए जाना जाता है।

आप यहां हिरण, तेंदुआ, जंगली सूअर, सांबार, लंगुर आदि जीवों को देख सकते हैं। इसके अलावा आप यहां विभिन्न पक्षी प्रजातियों को भी देख सकते हैं।

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पेशवे पार्क पुणे

पेशवे पार्क पुणे

पेशवे पार्क पुणे शहर के चुनिंदा सबसे खास वन्यजीव उद्यानों में गिना जाता है। जो प्रसिद्धसरस बाग गणपति के पास बसा है। यह पार्क शहर वासियों के लिए एक आदर्श स्थान माना जाता है। वीकेंड पर यहां लोग आना पसंद करते हैं। यह पार्क उसी स्थान पर बना हुआ है जहां माधवराव पेशवा ने 1870 में एक निजी चिड़ियाघर का निर्माण करवाया था। यह स्थान हर उम्र के पर्यटकों का स्वागत करता है। इस पार्क का मुख्य आकर्षण यहां का चिड़ियाघर है।

यह चिड़ियाघर कई जीवों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करने का काम करता है, जिसमें एक पुरुष और दो महिलाएं सफेद बाघ, हिरण, हाथी और रंगीन पक्षियों की विभिन्न प्रजातियां शामिल हैं।

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कोयना

कोयना

कोयना वन्यजीव अभयारण्य महाराष्ट्र के सतारा जिले में स्थित है। जो पुणे से लगभग 158 किमी की दूरी पर बसा है। कोयना वन्यजीव अभयारण्य पश्चिमी घाट का भी शानदार वन्यजीव क्षेत्र माना जाता है। यहां एक शानदार झील भी मौजूद है।

यह अभयारण्य विभिन्न भारतीय जीवों की प्रजातियों जैसे बंगाल टाइगर, तेंदुआ आदि को संरक्षण प्रदान करता है। वीकेंड पर आप चाहें तो पुणे शहर से निकल इस अभयारण्य की सैर का प्लान बना सकते हैं।

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