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अहमदाबाद की प्रेतवाधित गलियां, दिन में भी नहीं भकटता कोई

अहमदाबाद गुजरात का सबसे बड़ा और प्रसिद्ध शहर है। साबरमती नदी के किनारे बसा यह शहर कभी 'कर्णावती' के नाम से भी जाना जाता था। आज इस शहर की गिनती भारत के चुनिंदा विकसित शहरों में होती है। यह शहर असंख्य उत्पाद ब्राडों और व्यवसायों का घर भी माना जाता है।

घूमने-फिरने के लिहाज यह शहर एक आदर्श विकल्प माना जाता है। साबरमती आश्रम, जामा मस्जिद, सरखेज रोजा, तीन दरवाजा, नल सरोवर पक्षी विहार, अक्षरधाम मंदिर, अडालज बावड़ी आदि यहां के चुनिंदा खास स्थान हैं।

लेकिन इनके अलावा भी अहमदाबाद शहर में कुछ ऐसे भी स्थान हैं जहां कोई गलती से भी नहीं जाता, इन स्थानों को शहर के सबसे प्रेतवाधित स्थानों की श्रेणी में जगह दी गई है। इस लेख में जानिए अहमदाबाद के चुनिंदा सबसे भुतहा स्थानों के बारे में।  

सिग्नेचर फार्म

सिग्नेचर फार्म

अहमदाबादके प्रेतवाधित स्थानों में सिग्नेचर फार्म का भी नाम शामिल है, यह शहर का वो डरावना कोना है जिसके बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां अजीबोगरीब घटनाएं घटती रहती है।

यह स्थान तब ज्यादा चर्चा में आया जब इस फार्म पर कुछ युवा लड़कों का समुह शाम को घूमने के लिए आया, उन्हे पता था कि यहां अनहोनियां घटती रहती है। माना जाता है यहां किसी अदृश्य शक्ति ने उन लड़कों को अपना शिकार बना लिया था।

जिस वजह से कोई इंसान यहां शाम के वक्त रूकने की हिम्मत नहीं करता। लोगों का मानना है कि यहां शाम के बाद अजीबोगरीब आवाजें आती हैं, जिसकी वजह से आसपास का पूरा मंजर काफी डरावना हो जाता है।

गुजरात टेक्निकल विश्वविद्यालय कैंपस

गुजरात टेक्निकल विश्वविद्यालय कैंपस

अहमदाबाद स्थित राज्य का प्रसिद्ध 'गुजरात टेक्निकल विश्वविद्यालय' कैंपस भी शहर के चुनिंदा प्रेतवाधित स्थानों में गिना जाता है। माना जाता है कि यहां किसी भटकती रूह का साया है, जो आधी रात के दौरान जीटीयू कैंपस के कॉरिडोर में दिखाई देती है।

कई छात्रों ने यहां कई डरावने अनुभव किए हैं, जैसे अपने आप दरवाजा खुलना, अचानक खिड़कियां बंद हो जाना, यहां तक की टेबल-चेयर का अपने आप हिलना।

माना जाता है कि कैंपस में मौजूद कई लिफ्ट में छात्र व कर्मचारियों ने डरावने अनुभव किए हैं। यह अनहोनियां अबतक एक रहस्य बनी हुईं हैं, जिसपर अभी तक पार पाया नहीं गया है।

चांदखेड़ा

चांदखेड़ा

अहमदाबाद के पास स्थित चांदखेडा शहर का एक प्रसिद्ध स्थान है, जो साबरमती नदी के किनारे बसा है। माना जाता है यहां कोई एक पेड़ है जिसपर किसी प्रेत का साया है। जानकारों के अनुसार अगर कोई उस पेड़ के नजदीक जाने की कोशिश करता है, उसे रात में पेड़ पर बसी आत्मा के बुरे सपने आने लगते हैं। यह पेड़ देखने में काफी डरावना लगता है।

अबतक यह बात एक रहस्य बनी हुई है क्यों इस पेड़ से पास से गुजरने से बुरे ख्वाब आते हैं।

आकाशगंगा, सोला रोड

आकाशगंगा, सोला रोड

अहमदाबाद की सोला रोड शहर की सबसे व्यस्त रोड मानी जाती है। इसी रोड पर आकाश गंगा नाम का एक बंगला है, जहां प्रेत-आत्माओं के होने की बात कही जाती है। कहा जाता है कि कुछ सालों पहले इस बंगले को किसी ने खरीदा था, बंगला थोड़ा पुरानी अवस्था में था तो उस व्यक्ति ने बंगले की मरम्मत करवाई।

और जब वो इस बंगले में रहने के लिए आया तो उसे रात में अजीबोगरीब आवाजें सुनाई देने लगीं, जैसा किसी के रोने-चीखने की आवाजे। रोने की आवाजें बहुत तेज-तेज आती थीं, इतनी की उस आवाजों को पड़ोसी भी सुन नहीं पाते थे।

इन अनहोनियों के बाद वो आदमी उस बंगले को छोड़कर चला गया । उस दिन से लेकर आजतक कोई उस बंगले में रहने के लिए नहीं आया।

अर्हम बंगला

अर्हम बंगला

अर्हम जिसे बाद में अर्हम बंगला कहा जाने लगा, कभी बेहद शांतिप्रिय स्थानों में गिना जाता था। अर्हम शब्द की उत्पत्ति जैन शब्दावली से हुई है जिसका अर्थ शांती और ईश्वरत्व से है। यह स्थान अब अहमदाबाद शहर के चुनिंदा प्रेतवाधित स्थानों में गिना जाता है, जिसके पीछे इस स्थान का खूनी इतिहास जुड़ा है।

माना जाता है कि इस स्थान पर किसी परिवार की हत्या कर दी गई थी। जहां आज भी डरावनी आवाजों को सुनी जा सकती हैं। माना जाता है यहां उस परिवार की आत्मा भटकती है, जो लोगों को अपना शिकार बनाती है।

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