
अपने समुद्री बीचों और मनमोहक आबोहवा के साथ गोवा भारत के चुनिंदा सबसे खास पर्यटन गंतव्यों में गिना जाता है। जहां न सिर्फ देशी पर्यटक बल्कि दुनिया के कोनों-कोनों से सैलानी शांतिपूर्ण वातावरण का आनंद उठाने के लिए आते हैं। गोवा मुख्यत : अपने आकर्षक समुद्री तटों और सी फूड्स के लिए जाना जाता है, जहां ज्यादा विदेशी पर्यटक आना पसंद करते हैं।
गोवा में घूमने फिरने के लिहाज से ढेरों जगहें मौजूद हैं, लेकिन इन चकाचौंध शहरी खूबसूरती के मध्य कुछ ऐसे भी स्थान हैं जो अपने प्रेतवाधित अनुभवों के लिए जाने जाते हैं।
इन स्थानों पर स्थानीय लोग गलती से भी नहीं जाते...लेकिन अकसर अजनबी सैलानी इन भुतहा स्थानों का शिकार बन जाते हैं। रहस्य की खोज में जानिए गोवा के उन स्थानों के बारे में जिनसे जुड़ें हैं कई अनकहे किस्से।

थ्री किंग चर्च
गोवा के कैजुअलिम गांव में स्थित थ्री किंग्स चर्च शहर के सबसे चुनिंदा प्रेतवाधित जगहों में गिना जाता है। इस चर्च का नाम तीन विद्वान-राजाओं के नाम पर रखा गया है जो प्रभु यीशु के जन्म के समय बेथलेहेम गए थे। बेथलेहेम यीशु का जन्म स्थान है। इसके अलावा इस चर्च से एक खूनी कहानी जुड़ी है, जो इस चर्च को प्रेतवाधित बनाने का काम करती है। माना जाता है कभी इस भूमि पर तीन पुर्तगाली राजाओं का राज था, सत्ता के लालच में इनमें से एक राजा ने जहर देकर बाकी दो राजाओं को मौत की नींद सुला दिया।
लेकिन उसके द्वारा किया गया यह पाप उसके गले की फांस बन गया। अपने पापों की ज्वाला में जल रहे उस राजा ने आत्महत्या कर ली। माना जाता है कि इस चर्च में नीचे उन तीन राजाओं की कब्र है जो इस गांव में मुक्ति की तलाश में भटक रही है।

इगोरिकम बंद
इसके अलावा गोवा में इगोरिकम बंद नामक एक स्थान है जो शहर के चुनिंदा प्रेतवाधित साइट्स में गिना जाता है। इगोरिकम बंद दोनों तरफ घने पेड़ों के बीच एक सीधी सड़क है, जो रायिया में पड़ती है। जो 'चर्च ऑफ अवर ऑफ स्नों से होकर गुजरती है। जानकारों का मानना है कि यह सड़क प्रेतवाधित है, जहां शाम के बाद अजीबोगरीब हादसे होते रहते हैं।
बहुत से लोगों का यह तक कहना है कि अगर कोई दोपहर के वक्त दो से तीन बजे के बीच यहां से गुजरता है तो उसका सामना किसी अदृश्य शक्ति से जरूर होता है। हांलाकि इस विषय में सटीक जानकारी उपल्ब्ध नहीं है।

भुतहा होटल
इसके अलावा गोवा में एक भुतहा होटल भी है जिसका निर्माण कभी भारत आए रूसी लोगों ने करवाया था, लेकिन कानूनी जटिलताओं के कारण होटल की इमारत पूरी न बन सकी। आज यह होटल जंगलों के बीच एक खंडहर के रूप में अकेला खड़ा है। माना जाता है कि यहां कभी इंसान तो बस नहीं सके पर रहस्यमयी ताकतों ने अपना कब्जा जमा लिया है।
यहां से गुजरने वाले सैलानियों और जानकारों का मानना है कि यहां होटल में और आसपास की जगहों में अजीबोगरीब एहसास होता है, जैसे कोई बुला रहा हो या कोई पीछा कर रहा हो। इन गतिविधियों के कारण इस जगह को प्रेतवाधित करार कर दिया गया है।

एनएच 17 मुंबई-गोवा
मुंबई को गोवा से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 17 भी गोवा के चुनिंदा प्रेतवाधित स्थानों में गिना जाता है। माना जाता है कि इस मार्ग में रात के समय चुडैलों का वास हो जाता है,जो आते जाते अजनबी मुसाफिरों को परेशान करती हैं। माना जाता है कि यह चुडैलें मृत मांस की ओर आकर्षित होती हैं।
इसलिए स्थानीय निवासी यहां से गुजरने वाले राहगीरों को कोई भी नॉन वेज चीज ले जाने से मना करते हैं। यह सारी घटनाएं शाम के बाद ही घटित होती हैं।

सलिगाओ
उपरोक्त स्थानों के अलावा गोवा में सलिगाओ नाम के एक गांव को भी प्रेतवाधित श्रेणी में रखा गया है। वैसे तो यह गांव अपने चर्चों के लिए जाना जाता है, लेकिन उससे ज्यादा अब अनहोनिओं के लिए जाना जाता है। माना जाता है कि गांव में किसी बरगद के पेड़ पर क्रिस्टलिना नाम की किसी महिला की भटकती आत्मा वास करती है।
इस बरगद के पेड़ को उस महिला का प्रजनन स्थान माना जाता है। जानकारों का मानना है कि कई वर्षों पहले इस महिला ने किसी पुर्तगाली को अपना शिकार बनाने की कोशिश की थी , लेकिन वो उससे चंगुल से भाग निकला था।



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