
उत्तर में हिमालय के अंतर्गत आना वाला भारतीय राज्य हिमाचल प्रदेश शुरू से ही प्रयटन का मुख्य केंद्र रहा है। अपनी बर्फीली चोटियों और मनमोहक घाटियों के लिए विश्व विख्यात यह राज्य देश-विदेश के सैलानियों से साल भरा रहता है। यह भारत का एक ऐसा पर्यटन गंतव्य है जो हर तरह के सैलानियों का स्वागत करता है। एक लंबा इतिहास संजोए हिमाचल प्रदेश भारत में अंग्रेजों का विश्राम स्थल रह चुका है। और आज भी विदेशी सैलानी यहां की सैर करना नहीं भूलते।
प्रकृति प्रेमियों से लेकर साहसिक एडवेंचर के शौकिनों तक यहां सब के लिए आनंद भी भरमार है। खासकर गर्मियों के दौरान सैलानी यहां आना ज्यादा पसंद करते हैं। आज इस लेख में जानिए इन गर्मियों आप हिमाचल के कौन-कौन से ऑफबीट गंतव्यों की सैर का प्लान बना सकते हैं।

छितकुल
PC- Sanyam Bahga
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित छितकुल एक खूबसूरत पहाड़ी गांव है। लगभग 3450 मीटर की ऊंचाई पर भारत-तिब्बत सीमा पर स्थित है। हिमालय की गोद में बसा यह पर्वतीय गंतव्य अपनी मनमोहक आबोहवा और पहाड़ी संस्कृति के लिए जाना जाता है। पर्यटक आमतौर पर संगला में रूककर यहां घूमने के लिए आते हैं, लगभग पूरे दिन का भ्रमण कर सैलानी वापस संगला की तरफ लौट जाते है। संगला से छितकुल तक के सफर में यहां की बसपा नदी एक आनंदित अनुभव देने का काम करती है। बर्फीली पहाड़ियों से भरा यह स्थान किसी जन्नत सा प्रतीत होता है।
यह स्थान सेब के बागानों, सरसों औ साग-सब्जियों की खेते के लिए भी काफी प्रसिद्ध है। यहां ज्यदातर आलुओं और मटर की खेती की जाती है। इसके अलावा यहां छितकुल की देवी का एक मंदिर भी है जो 500 साल पुराना बताया जाता है। गर्मियों के दौरान यहां घूमने का प्लान बनाया जा सकता है।

पब्बर घाटी
PC- Sunil Sharma
हिमाचल प्रेदश की पब्बर घाटी भी बहुत हद तक दूर-दराज के सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करती है। प्रकृति के खूबसूरत मिश्रण के लिए विख्यात यह पहाड़ी स्थल गर्मियों लिए आदर्श विकल्प है। यहां का एक-एक दृश्य देखने लायक है जो आत्मिक और मानसिक शांति देने का काम करते हैं। हिमालय वनस्पति के अलावा आप यहां सेब के बागान भी देख सकते हैं, जो काफी लंबे समय से यहां मौजूद हैं।

थानेदार
हिमाचल प्रदेश का थानेदार पहाड़ी गंतव्य भी अपनी कुदरती सौंदर्यता के लिए काफी ज्यादा प्रसिद्ध है। यह पहाड़ी स्थल खासकर अपने सेब और चेरी के बागानों के लिए जाना जाता है। दूर-दूर तक फैले सेब के लच्छे सैलानियों को काफी ज्यादा आनंदित करते हैं। ताजे सेब और चेरी की खुशबू से पूरा वातावरण ऐसा लगता है जैसे किसी न हवाओं में शहद घोल दिया हो। यहां सेबों की चेरी की पैदावार ज्यादा है, अच्छी क्वालिटी के फलों को यहां देश के अन्य भागों और विदेश में निर्यात किया जाता है।
यहां स्थित बंजारा ऑर्चर्ड रिट्रीट पर्यटकों के बीच काफी ज्यादा लोकप्रिय है। इसके अलावा आप यहां अन्य स्थलों की सैर भी कर सकते हैं। तानी-जुबबर झील के पास बसा नाग देवता का मंदिर भी देखने और दर्शन करने योग्य स्थान है। इसके अलावा आप यहां सेंट मैरी चर्च भी देख सकते हैं जो काफी पुरानी बताई जाती है।

बरोट
PC- Ashish Gupta
हिमाचल प्रदेश का यह पहाड़ी गंतव्य अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के अलावा एडवेंचर गतिविधियों के लिए काफी ज्यादा प्रसिद्ध है। यहां की उहल नदी न केवल वन्य जीवन को दर्शाने का काम करती है बल्कि यह नदी ट्रोट ब्रीडिंग सेंटर और फिश फार्म के लिए भी काफी ज्यादा प्रसिद्ध है। इसके अलावा यह स्थान ट्रेकिंग के लिए भी जाना जाता है, यहां से एक ट्रेक रूट अभयारण्य से कुल्लू के लिए जाता है।
यहां का पूरा जंगल क्षेत्र देवदार के पेड़ों से भरा हुआ है। जंगल के बीच ट्रेकिंग करना काफी रोमांच का अनुभव कराता है। इसके अलावा यहां एक देव पश्कोत का मंदिर भी है जिन्हें बारिश देवता कहा जाता है। कुछ अलग अनुभव प्राप्त करने के लिए यह स्थान एक आदर्श विकल्प है।

गुशैणी
PC- Ramwik
उपरोक्त स्थलों के अलावा आप हिमाचल प्रदेश के गुशैणी पर्यटन गंतव्य की सैर का प्लान बना सकते हैं। गुशैणी राज्य के कुल्लू जिले में स्थित है जो तीर्थन नदी के काफी ज्यादा नजदीक है। गुशैणी को ट्रोट कंट्री के नाम से भी संबोधित किया जाता है जिसका कारण यहां ट्रोट फिशिंग किया जाना। यह स्थान उन सैलानियों के लिए खास है जो टेंट लगाकर प्रकृति के करीब अपना समय बिताना चाहते हैं।
आप चाहें तो यहां के आसपास बसे स्थलों की सैर भी कर सकते हैं। यहां से लगभग 20 किमी की दूरी पर ग्रेट हिमालय नेशनल पार्क है जो अपनी हिमालय वन्य जीवन के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। यहां स्तनधारी जीवों की 30 और पक्षियों की 300 प्रजातियां निवास करती हैं। ये थे हिमाचल प्रदेश के ऑफबीट डेस्टिनेशन जहां का प्लान आप इन गर्मियों बना सकते हैं।



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