Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »क्या आप हम्पी से जुड़े इन 6 सबसे रोचक तथ्यों के बारे में जानते हैं ?

क्या आप हम्पी से जुड़े इन 6 सबसे रोचक तथ्यों के बारे में जानते हैं ?

कर्नाटक स्थित हम्पी एक विश्व धरोहर स्थल है, जो अपनी ऐतिहासिक संरचनाओं के लिए जानी जाती है। यह पुरातात्विक स्थल राज्य के पूर्व-मध्य क्षेत्र में स्थित है।

कर्नाटक, दक्षिण भारत का एक महत्वपूर्ण राज्य है, जो ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक रूप से काफी समृद्ध है। स्वतंत्रता से पहले यह मैसूर राज्य के नाम से जाना जाता था, लेकिन बाद में इसका नाम कर्नाटक रख दिया गया। इस राज्य में ऐतिहासिक धरोहरों का एक बड़ा संग्रह मौजूद है, इतिहास पर नजर डालें तो पता चलता है कि यहां कई शक्तिशाली राजवंशों का शासन रहा है, जिन्होंने अपने समय में कई संरचनाओं का निर्माण करवाया था, जो आज कर्नाटक पर्यटन का अभिन्न हैं। यहां सातवाहन, चालुक्य, बादामी, राष्ट्रकूट, कल्याण, हौसला, विजयनगर, बहमनी सुल्तान, बीजापुर के सुल्तान, केलादी के नायक, मैसूर के वाडियार आदि ने राज्य किया है।

इन राजवंशों ने कर्नाटक को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाने का काम किया। आज इस लेख में हम आपको राज्य के ही एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल हम्पी से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों को सामने रखने जा रहे हैं , जिनके बारे में अधिकांश पर्यटकों को नहीं पता, एक ट्रैवलर होने के नाते आपको बताए जा रहे तथ्यों के विषय में पता होना चाहिए।

एक विश्व धरोहर स्थल

एक विश्व धरोहर स्थल

PC-G41rn8

कर्नाटक स्थित हम्पी एक विश्व धरोहर स्थल है, जो अपनी ऐतिहासिक संरचनाओं के लिए जाना जाता है। यह पुरातात्विक स्थल राज्य के पूर्व-मध्य क्षेत्र में स्थित है। यहां मौजूद प्राचीन अवशेष लगभग 4.100 हेक्टेयर के क्षेत्र में फैले हुए हैं। यूनेस्को द्वारा इस स्थल को एक महत्वपूर्ण स्थल के रूप में चिह्नित किया गया है। यहां लगभग 1600 से ज्यादा प्राचीन अवशेष प्राप्त किए गए हैं, जिनमें किले, मंदिर, मंडप, सभागार, जलाशय, आदि शामिल हैं।

पौराणिक काल से संबंध

पौराणिक काल से संबंध

PC- Dey.sandip

इस स्थल का संबंध पौराणिक काल से भी बताया जाता है, रामायण के अनुसार सीता की तलाश में भगवान राम के भाई लक्ष्मण का इस स्थल पर आगमन हुआ था। वो इस स्थल पर बाली और सुग्रीव की मदद लेने के लिए आए थे, जो यहां राज किया करते थे। माना जाता है वानर राज सुग्रीव यहीं रहा करते थे। किवदंतियो के अनुसार यह वही स्थल है, जहां सीता ने चिह्न के तौर पर अपने गहने फेंके थे, जब रावण उनका हरण कर अपने साथ लंका ले जा रहा था। जानकारी के अनुसार यहां एक पत्थर मौजूद है, और स्थानीय लोगों को मानना है कि इस पर मौजूद आकृति माता सीता की साड़ी से मेल खाती है।

संगीत स्तंभ

संगीत स्तंभ

PC-P4psk

हम्पी के मुख्य आकर्षणों में यहां का विट्ठल मंदिर भी आता है, यह प्राचीन मंदिर अपनी अद्भतु वास्तुकला के लिए जाना जाता है। यह मंदिर अपनी कई और खासियतों की वजह से भी लोकप्रिय है। मंदिर परिसर में 56 संगीत स्तंभ मौजूद हैं, माना जाता है कि इन स्तंभों पर हल्की चोट करने से संगीत ध्वनी निकलती है। और सबसे चौकाने वाली बात यह है कि ये स्तंभ भारी पत्थर के बने हैं, और अंदर से खोखले नहीं हैं। विट्ठल मंदिर के इन स्तंभों को सारेगामापा स्तंभ भी कहा जाता है।

भगवान गणेश की अद्भुत प्रतिमा

भगवान गणेश की अद्भुत प्रतिमा

PC- Jonathan Freundlich

भगवान गणेश को भोजन से काफी प्यार था, माना जाता है कि एक दिन उन्होंने हद से ज्यादा खाना खा लिया था कि उनको लगा कि कहीं उनका पेट फट न जाए, इसलिए उन्होंने एक सांप को कमरबंद की तरह अपने पेट से बांध लिया था, ताकी उनका पेट फटे न। गणेश की इसी अवस्था में पेट से लिपटे सांप वाली एक मूर्ति हम्पी में मौजूद है।

इस प्रतिमा में भगवान गणेश ने एक फंदा और टूटा हुआ दांत पकड़ा हुआ है। उनके एक हाथ में मोदक है, लेकिन मोदक वाला हाथ टूटा हुआ है, जिसका पुननिर्माण नहीं किया गया है। यह एक मोनोलिथिक मूर्ति है, जिसे एक बड़ी चट्टान से तराश कर बनाया गया है।

हम्पी का नाम

हम्पी का नाम

PC-Baluhema

हम्पी का नाम पंपा शब्द से लिया गया है, जो तुंगभद्रा नदी का पुराना नाम है, जिसके दक्षिणी तट पर शहर बसा हुआ है। हम्पी परंपरागत रूप से पंपा क्षेत्र के नाम से जाना जाता है। हिन्दू धर्मशास्त्र के अनुसार देवी पार्वती का एक नाम पंपा भी है।

शिव - पार्वती और कामदेव

शिव - पार्वती और कामदेव

PC- Rajeshodayanchal

पौराणिक किवदंती के अनुसार देवी पार्वती भगवान शिव से विवाह करना चाहती थीं लेकिन उनके माता-पिता इसके विरुद्ध थे, वो नहीं चाहते थे, कि उनकी बेटी शिव से शादी करे। लेकिन पार्वती किसी भी हाल में भोलेनाथ के साथ विवाह बंधन में बंधना चाहती थी, लेकिन भोलेनाथ संसार की मोह माया से दूर अपने ध्यान में ही मग्न रहते थे, इसलिए पार्वती ने देवों से प्रार्थना की वे उनकी मदद करे। शिव का ध्यान तोड़ने के लिए इंद्र ने कामदेव को उनके पास भेजा ताकि शिव का ध्यान टूट सके। कामदेव शिव पास गए, और कामुक इच्छा का बाण उनकी तरफ फेंका लेकिन तभी महादेव ने अपनी तीसरी आंख खोली और कामदेव को जलाकर राख कर दिया।

माना जाता है कि घटना हम्पी के क्षेत्र में आने वाले हेमकूट पर्वत पर घटी थी। माना जाता है हेमकूट पर्वत पर ही पार्वती भगवान शिव की दिनचर्या का पालन करने लगी थीं, वे योगिनी बनकर रहने लगी थी, बाद में भगवान शिव उनसे विवाह के लिए मान गए थे।

More News

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+