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ताजमहल, लालकिला ही नहीं ये भी है भारत की ऐतिहासिक इमारते

Written By: Goldi

भारत में कई ऐसे स्मारक मौजूद हैं जिनको यदि आप ध्यान से देखें तो आपको भारत के गौरवशाली इतिहास का पता चल जायगा। भारत की धरती पर मौजूद ये ईमारत ऐसे हैं जिनको सिर्फ देखने मात्र से ही खुद-ब-खुद वाह निकल जायगा और आप अपने और अपनी धरोहरों पर गर्व करेंगे।

एक टूरिस्ट के अलावा विकिपीडिया भी रखता है इन इमारतों से लगाव करता है इश्क़

ऐतिहासिक स्मारकों और शाही अवशेषों को देखकर परंपराओं को समझना आसान और भी रोमांचक हो जाता है। भारत के इतिहास को जानने और समझने के लिए यहां कई अनगिनत स्थान है..जैसे आगरा, दिल्ली और हम्पी आदि। लेकिन आज हम आपके लिए कुछ ऐसे ऐतिहासिक जगहों की सूची लायें हैं, जो ज्यादा लोकप्रिय नहीं है..लेकिन हमारे भारत के इतिहास को बखूबी दर्शाता है।

वैशाली, बिहार

वैशाली, बिहार

वैशाली, बिहार का एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल है, क्योंकि यह ऐसा स्थान है जहां भगवान बुद्ध ने अपना अधिकांश समय बिताया है; यह भगवान महावीर का जन्म स्थान भी है इसलिए, वैशाली को जैन और बौद्ध भक्तों के लिए भी धार्मिक महत्व है। वैशाली में पर्यटक रु विश्व शांति स्तूप, अशोक स्तंभ आदि देख सकते हैं।PC:Neil Satyam

पट्टडकल, कर्नाटक

पट्टडकल, कर्नाटक

पट्टडकल, कर्नाटक भारतीय स्थापत्यकला की वेसर शैली के आरम्भिक प्रयोगों वाले स्मारक समूह के लिये प्रसिद्ध है। ये मंदिर आठवीं शताब्दी में बनवाये गये थे। चालुक्य वंश के राजाओं ने सातवीं और आठवीं शताब्दी में यहाँ कई मंदिर बनवाए। पत्तदकल शहर उत्तरी कर्नाटक राज्य में बागलकोट जिले में मलयप्रभा नदी के तट पर बसा हुआ है।PC:Ashwin Kumar

चित्तौड़गढ़ किला, राजस्थान

चित्तौड़गढ़ किला, राजस्थान

भारत के सबसे बड़े किलों में से एक होने के नाते, राजस्थान में चित्तौड़गढ़ किला कई किले, महलों, स्तंभों आदि का एक परिसर है, जिसे यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है। 692 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैले हुए, चित्तौड़गढ़ किला एक उदारतापूर्ण संरचना है जो माना जाता है कि मौर्य शासकों द्वारा निर्मित किया गया था। किले ने कई शक्तिशाली राजवंशों का शासन देखा है, जैसे दिल्ली सल्तनत, गुजरात के सुल्तानों, मुगलों, आदि। किला पर्यटकों के लिए सुबह 9.30 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहता है।PC:lensnmatter

लोथल, गुजरात

लोथल, गुजरात

प्राचीन सिंधु घाटी सभ्यता के शहरों में से एक बहुत ही महत्वपूर्ण शहर है। लगभग 2400 ईसापूर्व पुराना यह शहर भारत के राज्य गुजरात के भाल क्षेत्र में स्थित है और इसकी खोज सन 1954 में हुई थी। खुदाई के दौरान जल निकासी नहरों, कुओं, शहर संरचनाओं आदि का प्रदर्शन किया गया, जो पिछले युग में कार्यात्मक थे। लोथल प्रत्येक इतिहास प्रेमी के लिए एक परफेक्ट जगह है क्योंकि यह सिंधु घाटी सभ्यता के बारे में बहुत अधिक जानकारी देता है।PC:Emmanuel DYAN

नालंदा, बिहार

नालंदा, बिहार

नालंदा को हाल ही में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में स्वीकार किया गया, नालंदा दुनिया में सबसे बड़ा बौद्ध मठ के परिसर में से है। बिहार की राजधानी पटना से 90 किमी दूर स्थित नालंदा को वास्तुशिल्प का एक अद्भुत नमूना माना जाता है। इसे नालंदा पर्यटन द्वारा अच्छी तरह से संरक्षित किया गया है। लाल ईंटों से बना हुआ यह परिसर 14 हेक्टेयर में फैला हुआ है। इसमें मंदिर, कक्षाएं ध्यान लारने के लिए हॉल, झीलें और बगीचे हैं। यहाँ का पुस्तकालय एक नौ मंजिला इमारत में स्थित है जहाँ शास्त्रों और ग्रन्थों को बड़ी मेहनत से लिखा गया है और संरक्षित किया गया है।PC:Agnibh Kumar

उनाकोटी

उनाकोटी

उनाकोटी त्रिपुरा में स्थित एक ऑफ डेस्टिनेशन है, जोकि जिसमें रॉक-कट वाले नक्काशी, भित्ति-चित्र और विभिन्न पौराणिक आंकड़ों की पत्थर की प्रतिमाएं हैं जोकि सातवीं से नौंवी शताब्दी की है। बहुत से पत्थरों पर गणेशा की प्रतिमा को देखा जा सकता है।यहां अशोकष्ट्मी मेला यहां हर वर्ष अप्रैल के महीने में आयोजित किया जाता है,जहां हजारो की तादाद में श्रदालु आते हैं।PC:Atudu