
हिमालय की तलहटी में बसे ऋषिकेश और हरिद्वार देवभूमि उत्तराखंड के दो पवित्र नगर माने जाते हैं। साल भर यहां देश-विदेश से सैलानियों और श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है। पवित्र गंगा की गोद में बसे ये दो शहर अपने प्राकृतिक और आध्यात्मिक महत्व के लिए ज्यादा जाने जाते हैं। इन दो शहरों के बीच का फासला लगभग 20 किमी का है लेकिन सामान्य विशेषताओं के चलते इन्हें जुड़वा शहर कहा जा सकता है। मुख्य तौर पर ये शहर आध्यात्मिक-यौगिक क्रियाएं, गंगा घाटों, आश्रम और मंदिरों के लिए प्रसिद्ध हैं।
यहां योग प्रशिक्षण देने वाले कई विश्वविद्यालय और संस्थाएं भी मौजूद हैं। योगासन, प्राणायाम, प्राकृतिक चिकित्सा, नेचुरल हीलिंग व अन्य विधियां यहां सिखाई जाती हैं और साथ ही इनके माध्यम से उपचार भी किया जाता है। ये था इन दो शहरों का संक्षिप्त विवरण आगे हमारे साथ इस विशेष लेख में जानिए इन गर्मियों आप हरिद्वार और ऋषिकेश में कौन-कौन सी गतिविधियों का आनंद उठा सकते हैं।

गंगा के पवित्र जल में स्नान
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हरिद्वार अपनी हर की पैड़ी के लिए सबसे ज्यादा जाना जाता है। ये वो गंगा घाट है जहां सालभर लाखों श्रद्धालु आकर पवित्र स्थान ग्रहण करते हैं। यूं कहे कि हरिद्वार का मुख्य आकर्षण ये विशेष स्थान ही है। हरिद्वार को विश्व स्तर पर प्रदर्शित करता ये स्थान कई छोटे बड़े धार्मिक स्थानों से घिरा हुआ है। रोजाना आप यहां भक्तों का जमावड़ा देख सकते हैं।
हरिद्वार आने वाला सैलानी या श्रद्धालु यहां गंगा के पवित्र जल का स्पर्श करने जरूर आता है। इन गर्मियों आप हरिद्वार आकर गंगा के पवित्र जल में स्नान करने का सौभाग्य प्राप्त कर सकते हैं। यहां का धार्मिक वातावरण आत्मिक और मानसिक शांति प्रदान करता है।

आश्रमों और गंगा घाटों की सैर
हरिद्वार अपने मंदिरों के साथ-साथ विभिन्न गंगा घाटों और आश्रमों के लिए भी जाना जाता है। यहां आपको नए पुराने कई आश्रम दिख जाएंगे जहां आकर आप अद्भुत आत्मिक और मानसिक शांति की प्राप्ति कर सकते हैं। भारत माता मंदिर, शांतिकुंज आश्रम, संतोष पुरी आश्रम, शांति पुरी आश्रम, सप्तऋषि आश्रम, सोहम आश्रम, भोलागीरी आश्रम आदि यहां के प्रसिद्ध आश्रम हैं।
इन सब में शांतिकुंज आश्रम में सबसे ज्यादा सैलानियों और श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगता है। पंडित श्रीराम शर्मा द्वारा बनाया गया ये आश्रम काफी बड़े क्षेत्र में फैला है। यहां श्रद्धालुओं के रूकने व खाने पीने की अच्छी व्यवस्था है। इसके अलावा आप यहां भारत माता मंदिर के भी दर्शन कर सकते हैं। साथ ही यहां मौजूद कई-कई छोटे-छोटे गंगां घाट भी मौजूद हैं आप वहां भी जा सकते हैं।

पक्षी विहार और ट्रेकिंग
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आध्यात्मिक गतिविधियों के अलावा अगर आप चाहें तो काफी बड़े क्षेत्र में फैले राजाजी नेशनल पार्क की रोमांचक सफारी का आनंद भी ले सकते हैं। 820 वर्ग किमी में फैला ये राष्ट्रीय उद्यान अंसख्य जीव जन्तुओं और वनस्पतियों का निवास स्थान है। आप यहां हाथियों के बड़े परिवार को देख सकते हैं साथ ही अगर आप की किस्मत अच्छी रही तो आप यहां बाघ को भी देख सकते हैं।
राजाजी नेशनल पार्क कई पक्षी प्रजातियों को भी सुरक्षित आश्रय प्रदान करता है। आप यहां पक्षी विहार का आनंद भी उठा सकते हैं। साथ ही एक रोमांचक ट्रेकिंग का अनुभव भी ले सकते हैं। हरिद्वार का प्लान आप परिवार और दोस्तों के साथ आसानी से बना सकते हैं।

ऋषिकेश - एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद
हरिद्वार से ऋषिकेश लगभग 20 किमी की दूरी पर स्थित है। उत्तराखंड का ये प्रसिद्ध शहर अपनी आध्यात्मिक गतिविधियों के साथ-साथ अपनी एडवेंचर के लिए भी जाना जाता है। गर्मियों के दौरान पूरा ऋषिकेश देश-विदेश के सैलानियों से भरा रहता है। वाटर एडवेंचर के लिए ऋषिकेश एक आदर्श गंतव्य है। यहां आप रिवर राफ्टिंग, रिवर क्रॉसिंग का रोमांचक आनंद ले सकते हैं।
इसके अलावा एक शानदार ट्रेकिंग, रॉक क्लाइंबिंग जैसे एडवेंचर का भी आनंद उठा ले सकते हैं। ऋषिकेश का मुख्य आकर्षण यहां बहने वाली गंगा नदी है, आप गंगा के पवित्र जल में स्नान का आनंद ले सकते हैं।

ध्यान और यौगिक क्रियाएं
ऋषिकेश को उत्तराखंड की आध्यात्मिक नगरी कहा जा सकता है। सालभर यहां आपको देशी-विदेशी ट्रैवलर्स यौगिक क्रियाओं का आनंद लेते दिख जाएंगे। गंगा की गोद और हिमालय की छाया में बसा ये दिव्य स्थान अपने आध्यात्मिक महत्व के लिए सबसे ज्यादा जाना जाता है।
इतिहास गवाह है कि यहां देश-विदेश से आए बड़ी-बड़ी हस्तियों ने आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त कर अपने जीवन को बेहतर बनाया है। यहां कई छोटे-बड़े आश्रय और योगशालाएं मौजूद हैं जिसने जुड़कर आप आत्मिक और मानसिक शांति का अद्भुत अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।

लजीज व्यंजनों का आनंद
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उपरोक्त गतिविधियों के अलावा आप ऋषिकेश में लजीज शाकाहारी व्यंजनों का लुत्फ उठा सकते हैं। यहां कई ऐसे शानदार होटल और रेस्तरां मौजूद हैं जहां आप नाना प्रकार के व्यंजनों और पकवानों का आनंद ले सकते हैं। यहा के समोसे, मसाला चाय, छोले-कुलचे और शुद्ध शाकाहारी थाली काफी मशहूर हैं। रेस्तरां के अलावा यहां कई छोटे-छोटे ढाबे मौजूद हैं जहां आप कम कीमत पर पेट भर स्वादिष्ट भोजन का लुत्फ उठा सकते हैं।



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