दिल्ली दिलवालों का शहर है....जहां कोई बोर नहीं हो सकता क्यों कि यहां घूमने के ऐतिहासिक इमारतों से लेकर एडवेंचर स्पोर्ट्स तक मौजूद है...लेकिन आज मै आपको ले जाने वाली हूं बचपन के दिनों में। आप सोच रहें होंगे कैसे...
बचपन में हम सब के लिए ट्रेन किसी अजूबे से कम नहीं होती थी..एक लम्बी सी छुक-छुक ट्रेन हमारे लिए हमेसा ही कौतहुल का दृश्य बनी रही। अब हम सब बड़े हो गये हैं, और जब किसी बच्चे को खेलते देखते हैं तो अपने
बचपन की यादें ताजा हो जाती हैं। आपने अभी तक पूरी दिल्ली घूमी होगीं लेकिन इस वीकेंड एक बार फिर से वापस लौट कर पहुंच जाइए अपने बचपन में और सैर कीजिये ट्रेन की। जी हां ट्रेन..दरअसल हम बात कर रहें है राष्ट्रीय रेलवे संग्रहालय की...जहां आप अपमे इस वीकेंड को बना सकते हैं और भी मजेदार

PC: Abhisheks 91
दिल्ली में कहां है राष्ट्रीय रेलवे संग्रहालय ?
राष्ट्रीय रेलवे संग्रहालय दिल्ली चाणक्यपुरी में स्थित है एवं इसकी स्थापना 1 फरवरी 1977 में हुई थी। इस संग्रहालय में भारतीय रेलवे से सम्बंधित 100 से अधिक वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं। इसमें स्थिर एवं चालित मॉडल, सिगनल उपकरण,
पुरातन फर्नीचर, ऐतिहासिक चित्र एवं इससे संबंधित साहित्य इत्यादि रखे हैं।
इस म्यूजियम में यहां आने वाले पर्यटक कई तरह की पुरानी और नई ट्रेन देख सकते हैं।जैसे रेल के डिब्बों जिसमें वेल्स के राजकुमार का सैलून एवं मैसूर के महाराजा का सैलून शामिल है, के लिए भी जाना जाता है। इस संग्रहालय के अन्य
मुख्य आकर्षण हैं फेयरी क्वीन, पटियाला राज्य के मोनोरेल ट्रेनवेज़, अग्निशामक इंजन, क्रेन टैंक, कालका शिमला रेल बस, अग्निरहित वाष्प लोकोमोटिव, बेट्टी ट्रामवे।

PC:Sandeep Suresh
फेयरी क्वीन दुनिया की सबसे पुरानी चलने वाली वाष्प चालित लोकोमोटिव है। यह गिनीस बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में भी दर्ज है। पूरे म्यूजियम को घूमने के लिए आप टॉय ट्रेन की भी सवारी कर सकते हैं..जो यकीनन आपको आपका बचपन
याद दिला देंगी।
कब तक खुला रहता है?
यह संग्रहालय सोमवार के अलावा सप्ताह के प्रत्येक दिन सुबह 10 बजे से लेकर सायं 6 बजे तक खुला रहता है।
PC:wikimedia.org

टिकट
दस रूपये (बच्चो के लिए 3-12 वर्ष)
20 रूपये(युवा)
100-(विडियोग्राफी)
टॉय ट्रेन टिकट चार्ज
पांच रूपये (बच्चो के लिए 3-12 वर्ष)
दस रूपये(युवा)



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