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एक परफेक्ट वीकेंड के लिए बैंगलोर से गोवा तक की रोड ट्रिप, रास्ते में क्या अवश्य देखें आप

By Belal Jafri

बैंगलोर का शुमार भारत के उन शहरों में है जो अपनी जलवायु और सुंदरता के चलते हर साल पर्यटकों की भारी संख्या को अपनी तरफ आकर्षित करता है। बैंगलोर ने हमेशा ही उन पर्यटकों को भी अपनी तरफ आकर्षित किया है जिन्हें घूमने में दिलचस्पी है, ऐसा इसलिए क्योंकि बैंगलोर के आसपास कर्नाटक के कुछ ऐसे डेस्टिनेशन मौजूद हैं जो बला के खूबसूरत और जिनकी सुंदरता देखने योग्य है।

आज वीकेंड गेटअवे के मामले में जहां बैंगलोर नंबर 1 पर है तो वहीं दूसरी तरफ लम्बी या छोटी दूरी की रोड ट्रिप के मामले में भी बैंगलोर का कोई जवाब नहीं है। तो इसी क्रम में आज हम आपको अवगत कराने वाले हैं बैंगलोर से भारत के सबसे लोकप्रिय डेस्टिनेशन गोवा तक की रोड ट्रिप से।

यदि आप बैंगलोर से गोवा रोड द्वारा जा रहे हैं तो आपको बताते चलें कि बैंगलोर से गोवा की दूरी 558 किलोमीटर है और इस रोड पर जाने के लिए आपको एनएच 4 लेना होगा। तो अब देर किस बात की आइये जाना जाये कैसे कर सकते हैं आप बैंगलोर से गोवा तक की रोड ट्रिप और रास्ते में पड़ने वाले ऐसे कौन से स्पॉट्स हैं जिन्हें आपको अवश्य देखना चाहिए।

आइये करें बैंगलोर से गोवा तक की रोड ट्रिप की शुरुआत।

आपको बताते चलें कि बैंगलोर से गोवा की दूरी 558 है और यहाँ तक पहुंचने के लिए आपको एनएच 4 लें लेना पड़ेगा। साथ ही आपको अपनी यात्रा की शुरुआत सुबह करनी होगी। एनएच 4 पर चलते हुए और बैंगलोर से 200 किलोमीटर की दूरी पर स्थित चित्रदुर्गा वो स्थान है जो आपको अवश्य देखना चाहिए। यहां कई ढाबे मौजूद हैं तो हमारा सुझाव है कि आप यहीं से नाश्ता करते हुए आगे की ओर प्रस्थान करें।

दावणगेरे

चित्रदुर्गा से 65 किलोमीटर दूर और कर्नाटक के पश्चिम भाग में पड़ने वाला दावणगेरे इस रूट का एक अन्य दिलकश डेस्टिनेशन है जिसकी यात्रा आपको अवश्य करनी चाहिए। आपको बताते चलें कि ये स्थान अपने प्राधिकृत कन्नड़ क्यूज़ीन के लिए जाना जाता है। कहा जाता है कि कर्नाटक की सभी प्रमुख खाने की डिशों की शुरुआत यही से हुई है। गौरतलब है कि कर्नाटक के छठें सबसे बड़े शहरों दावणगेरे में ऐसा बहुत कुछ है जो पर्यटकों का ध्यान आकर्षित करता है। यदि आप दावणगेरे में हों तो यहां स्थित दुर्गम्बिका मंदिर, लिंगेश्वर मंदिर, श्री राम और नवग्रह मंदिर, सुब्रमन्या मंदिर, अनेकोण्डा, शांति सागर जैसे प्रमुख पर्यटक स्थल देखना न भूलें।

कलघटगी

कलघटगी कर्नाटक के धारवाड़ में मौजूद एक छोटा सा तालुका और एक बेहद मनोरम स्थान है। हमारा सुझाव है कि जब आप इस रूट पर हों तो यहां अवश्य रुकें। यदि फोटोग्राफी में आपकी दिलचस्पी है तो हमारा दावा है कि आपको यहां ऐसा बहुत कुछ मिलेगा जिसकी कल्पना शायद ही आपने की हो। यदि आप कलघटगी में हैं तो हमारा सुझाव है कि आप यहां मौजूद ग्राम देवी जात्रा, सुरशेट्टीकोप्पा और महालक्ष्मी मंदिर देखना न भूलें। आपको बताते चलें कि कलघटगी स्थित महालक्ष्मी मंदिर का शुमार दक्षिण भारत के प्रमुख प्राचीन दुर्गा मंदिरों में है।

हुबली

हुबली दक्षिण भारत का प्रमुख शहर है और इसे अक्सर धारवाड़ के जुड़वा शहर के नाम से जाना जाता है जोकि कर्नाटक के धारवाड़ जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है। हुबली उत्तरी कर्नाटक का वाणिज्यिक केन्द्र है और बैंग्लोर के बाद राज्य का विकासशील औद्यौगिक, ऑटोमोबाइल और शैक्षणिक केन्द्र है। बात यदि हुबली के पर्यटन बिन्दुओं पर हो तो आपको बता दें कि हाल के सालों में हुबली एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण के रूप में उभरा है। हुबली के सबसे प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों में भवानीशंकर मन्दिर, असार, सिद्धरूधा मठ, उन्कल झील, नृपटूँगा बेट्टा और ग्लास हाउस शामिल हैं। हुबली में धारवाड़ के जुड़वा शहरों, नविलतीर्थ, सथोडा, सोगल्ला और मथोडा झरने, इस्कॉन मन्दिर, स्काइस पॉइन्ट और उलाविया की यात्रा पर भी पर्यटक जा सकता हैं। बीजापुर, बिदर, बादामी, ऐहोल, पतादकल और हम्पी जैसे स्थलों पर भी यात्री जा सकते हैं।

दांदेली

दांदेली कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में स्थित एक छोटा सा कस्बा है। पश्चिमी घाट के घने पतझड़ जंगलों सो घिरा दांदेली दक्षिण भारत के साहसिक क्रीड़ा स्थल के रूप में जाना जाता है। यह शान्त शहर राज्य में एक शैक्षणिक और औद्यौगिक केन्द्र के रूप में विख्यात है और कागज उत्पादन तथा कई कागज की मिलों (वेस्ट कोस्ट पेपर मिल्स) के लिये जाना जाता है, जो पूरे दांदेली के भूभाग को घेरे हैं। दांदेली एक प्रमुख पर्यटक स्थल भी है क्योंकि यह भारत के मशहूर सफेद पानी के राफ्टिंग स्थानों में से एक है। इसके अलावा ये स्थान अपने वन्य जीवन के लिए भी प्रसिद्ध है।

दांदेली के मुख्य आकर्षण

काली नदी

दांदेली शहर की यात्रा पर आये पर्यटकों को काली नदी, जिसे कालिन्दी भी कहते हैं, को बी देखने की सलाह दी जाती है। यह नदी एक छोटे से गाँव दिग्गी से निकलती है जोकि लगभग 4 लाख लोगों की जीवनरेखा है। काली नदी पर विद्युत उत्पादन के लिय कई बाँधों का निर्माण किया गया है। गणेशगुडी में स्थित सूपा बाँध इस नदी पर बने बाँधों में सबमें सबसे प्रमुख है। पर्यटक यहाँ भैंस के चमड़े और बाँस से बनी प्यालीनुमा नावों में नौकायन का मजा ले सकते हैं। यहाँ पहुँचने पर पर्यटक वीवर बर्ड, एगरेट, पाइड किंगफिशर जैसे पक्षियों को भी देख सकते हैं।

दांदेली वन्यजीव अभ्यारण्य

दांदेली की यात्रा पर आये पर्यटकों को दांदेली वन्यजीव अभ्यारण्य अवश्य आना चाहिये जो कि इस शहर का प्रमुख आकर्षण है। एक चयनित वन क्षेत्र को 10 मई 1956 में दांदेली वन्यजीव अभ्यारण्य माना गया जिसे सन् 2006 में दांदेली अन्शी टाइगर रिज़र्व के रूप में घोषित किया गया। इस अभ्यारण्य में पहुँचने पर पर्यटकों को खड़ी चढ़ाइयों, गहरी घाटियों और पहाड़ी वन क्षेत्रों को देखने का मौका मिलता है। यह अभ्यारण्य 834.16 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैला है और 100 से 970 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। यह अभ्यारण्य काले तेंदुए जैसे कई अनोखे और दुर्लभ प्रजातियों का घर है। पर्यटक यहाँ पर भौंकने वाले हिरन, साँभर, चित्तीदार हिरन जैसे जंगली जानवरों के साथ-साथ पीले पैर वाले कबूतरों, ग्रेट पाइड हॉर्नबिल, क्रेस्टेड सर्पेन्ट ईगल और पीफाउल जैसे पक्षियों को देख सकते हैं।

गोवा

गोवा दांदेली से 95 किलोमीटर दूर है और आप एनएच 4 ए पर यात्रा करते हुए आसानी से दांदेली से गोवा पहुंच सकते हैं। गोवा के प्रमुख पर्यटक आकर्षण।

अब जाएं बैंगलोर से गोवा बाय रोड

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