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निज़ामों के शहर हैदराबाद में कहां ले जाएं अपने बच्चों को घुमाने

By Super

अनूठी संस्कृति लिए अपने में विविधता और विशेषता समेटे हुए भारत का शुमार दुनिया के उन चुनिंदा देशों में है जहां साल भर पर्यटक घूमने आया करते हैं। आज भारत का शुमार विश्व के उन देशों में हैं जहां और देशों के अनुपात में अधिक विदेशी पर्यटक आते हैं। बात जब भारत में पर्यटन की हो और ऐसे में हम दक्षिण भारत का वर्णन न करें तो बात अधूरी रह जाती है। इसी के मद्देनज़र आज हम आपको अवगत कराएंगे हैदराबाद से। दक्षिण भारत का एक बहुचर्चित पर्यटन स्थल हैदराबाद, वर्तमान आंध्र प्रदेश और तेलेंगाना की संयुक्त राजधानी है।

Read in English: 5 Places to Visit in Hyderabad with Kids

आपको बताते चलें कि इस बेपनाह सुन्दर शहर की स्थापना कुतुब शाही वंश के शासक मोहम्मद कुली कुतुब शाही ने 1591 में की थी। मूसी नदी के किनारे बसे इस खूबसूरत शहर में आपको एक साथ कई संस्कृतियों की झलक देखने को मिलेगी। आज हम अपने इस आर्टिकल के जरिये आपको अवगत कराएंगे हैदराबाद के उन स्थानों से जो केवल बच्चों के लिए हैं।

अगर दूसरे शब्दों में कहा जाये तो आज का हमारा ये लेख उन बच्चों को समर्पित है जो हैदराबाद घूमना चाहते हैं। तो अब देर किस बात की आइये जानें कि हैदराबाद में आप अपने बच्चों को लेकर कहां कहां घूमने जा सकते हैं। पाएं सभी घरेलू उड़ानों पर 15% का कैशबैक - क्लिक करें

रामोजी फिल्म सिटी

रामोजी फिल्म सिटी हैदराबाद के बाहरी क्षेत्र मे स्थित है। यहां सिर्फ फिल्म और सीरियल्स की शूटिंग ही नहीं होती है, बल्कि यह पिकनिक मनाने, थीम आधारित पार्टी, कार्पोरेट इवेंट, भव्य विवाह, ऐडवेंचर कैंप, कांफ्रेंस और हनीमून के लिए भी आदर्श स्थान है। ज्ञात हो कि फिल्म मेकिंग के अलावा ये स्थान पर्यटकों को मनोरंजन के कई साधन उपलब्ध कराता है। यहां जॉय राइड, फन इवेंट, म्यूजिक आधारित प्रोग्राम, गेम शो और डांस का आयोजन नियमित रूप से किया जाता है। फिल्म सेंटर में आप खाने और शॉपिंग का भी आनंद उठा सकते हैं।

Photo Courtesy: ShashiBellamkonda

नेहरू जूलॉ​जीकल पार्क

हैदराबाद में मीर आलम तालाब के पास बना नेहरू जूलॉजीकल पार्क शहर का एक चर्चित आकर्षण है। देखा जाए तो इस जू का शुमार हैदराबाद के तीन सर्वाधिक चर्चित पर्यटन स्थलों में होता है। पार्क को बनाने की मान्यता 1959 में मिली थी और 1963 में इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया था। इस जू में जानवर, सरीसृप और पक्षियों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें बाघ, चीता, एशियाई शेर, अजगर, वनमानुष, मगरमच्छ, चिकारा, हिरन और भारतीय गेंडे प्रमुख हैं। यहां इस बात का पूरा ध्यान रखा जाता है कि जानवरों और पक्षियों को प्राकृतिक आवास जैसा माहौल उपलब्ध कराया जाए। यहां सफारी और हाथी की सवारी का नियमित आयोजन किया जाता है। आपको बताते चलें कि जू के परिसर में एक म्यूजियम भी है।

Photo Courtesy: Ramesh NG

रॉक वॉक

प्रायः ये देखा गया है कि अधिकांश बच्चे अपना ज्यादातर समय टीवी देखते, वीडिओ गेम खेलते या फिर कार्टून फिल्म देखते हुए बिताते हैं। यदि आपका भी बच्चा यही सब करता है तो इस वेकेशन उसे हैदराबाद शहर के बाहर मौजूद पहाड़ों की सैर पर ले जाइए। ऐसा करके आप जहां एक तरफ अपने बच्चे को प्रकृति के करीब रख सकते हैं तो वहीं दूसरी तरफ ऐसी गतिविधियों से आपका बच्चा बोर भी नहीं होगा। यदि आप अपने बच्चों को यहां ले जाते हैं तो हमारा दावा है कि उनके अंदर पर्यावरण संरक्षण की भावना का भी संचार होगा।

Photo Courtesy: Nagarjun Kandukuru

स्नो वर्ल्ड

हैदराबाद का स्नो वर्ल्ड देश में अपने तरह का पहला अम्यूजमेंट पार्क था। इसे 2004 की शुरुआत में आम लोगों के लिए खोल दिया गया था। यह एक समय में 2400 लोगों के एक साथ अंदर रहने की व्यवस्था कर सकता है। जैसे कि नाम से ही जाहिर है, आप यहां मानवनिर्मित बर्फ और बर्फबारी का आनंद ले सकते हैं। इस इंडोर पार्क में बर्फ की परतें बिछाई गई हैं और आप यहां एक दूसरे पर बर्फ के गोले फेंक सकते हैं और इससे बर्फ के इंसान भी बना सकते हैं। बर्फ को फिल्टर किए हुए पानी से तैयार किया जाता है। इसलिए अगर बच्चे इन बर्फ को खा भी लें तो भी कोई नुकसान नहीं होगा। आपको बताते चलें कि पार्क में घुसने से पहले आपको ठंड से बचने के लिए भारी भरकम ऊनी कपड़े पहनने होंगे। अंदर प्रवेश करने के साथ ही गर्माहट के लिए आपको गर्म सूप पीने को दिया जाएगा।

Photo Courtesy: Sistak

शिल्परमम शीलो और कला गांव

माधापुर में हाईटेक सिटी के पास स्थित शिल्परमम एक जाना माना कला और शिल्प का गांव है। हैदराबाद से 20 किमी दूर बसा यह गांव पूरी तरह से कला और शिल्प को समर्पित है, जिससे यह न सिर्फ आंध्र प्रदेश में बल्कि पूरे देश में जाना जाता है। इस गांव को बसाने का उद्देश्य भारत की परंपरागत शिल्प को संरक्षण प्रदान करना था। इस बात को ध्यान में रखते हुए शिल्परमम में पूरे साल उत्सवों का आयोजन किया जाता है। इस गांव की शुरुआत 1992 में हुई थी और तब से इसने उत्सवों के आयोजन से पूरे देश में पहचान स्थापित की। इन उत्सवों में न सिर्फ आपको भारत के विभिन्न हस्तशिल्प के बारे में जानने को मिलेगा बल्कि आप चाहें तो इसे खरीद भी सकते हैं। आप यहां से परंपरागत गहने, जरी के कपड़े, हाथ से बने फर्नीचर और बहुत कुद खरीद सकते हैं।

बच्चों संग कहां घूमें हैदराबाद में

Photo Courtesy: Diham

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