बेंगलुरू और मैसूर के बीच पड़ती है सिल्क सिटी रामनगर। इस छोटे से शहर के बारे में बहुत कम लोगों को ही पता है। इस जगह को टीपू सुल्तान के शासनकाल के दौरान शमशेराबाद के नाम से जाना जाता था।
वर्तमान समय में इस जगह को सिल्क सिटी कहा जाता है और ये मैसूर सिल्क का प्रमुख स्रोत है। इसके साथ ही पूरे एशिया में रामनगर में ही सबसे ज्यादा कोकून सिल्क मार्केट हैं। इसके अलावा रामनगर के बारे में जानने के लिए और भी बहुत कुछ है।
शहर की ओर जाते हुए आप थट्टे इडली का नाश्ता कर सकते हैं। रास्ते में आपको हाईवे पर कई रेस्टोरेंट और ढाबे नज़र आएंगें। इसके साथ ही होटल श्री जर्नादन पर मैसूर पाक का मज़ा भी ले सकते हैं।

रामनगर आने का सही समय
सालभर इस शहर का मौसम सुहावना रहता है इसलिए आप पूरे साल में कभी भी किसी भी वक्त यहां घूमने आ सकते हैं।PC:Ian Armstrong

कैसे पहुंचे रामनगर
वायु मार्ग : रामनगर से 90 किमी की दूरी पर बेंगलुरू में स्थित केंपेगोवडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा निकटतम एयरपोर्ट है। ये एयरपोर्ट सभी प्रमुख शहरों और कस्बों से जुड़ा हुआ है। यहां विदेश से भी फ्लाइट आती हैं।
रेल मार्ग : रामनगर रेलवे स्टेशन कर्नाटक राज्य और देशभर के सभी प्रमुख शहरों और कस्बों से जुड़ा हुआ है।
सड़क मार्ग : बेंगलुरू से दक्षिण पश्चिम दिशा की ओर रामनगर लगभग 50 किमी की दूरी पर स्थित है। बेंगलुरू और माईसुरू के बीच होने के कारण इन दोनों ही जगहों से रामनगर के लिए अनेक बसें चलती हैं।
PC:Vikas Rana

रामदेवरा बेट्टा गिद्ध अभ्यारण्य
रामदेवरा बेट्टा गिद्ध अभ्यारण्य में लगभग 20 विलुप्त और दुर्लभ प्रजातियों के पक्षी रहते हैं। कई बार इन पक्षियों को रोकना काफी मुश्किल हो जाता है क्योंकि से पूरी पहाड़ी पर ही वास करते हैं।
इस अभ्यारण्य को 2012 में स्थापित किया गया था। मवेशियों द्वारा इन पक्षियों को ड्रग इंजेक्शन लगाए गए शव खिलाए जा रहे थे जिसके बाद पक्षियों की से प्रजाति विलुप्त सी होती जा रही थी। इन्हीं प्रजातियों को बचाने के लिए इस अभ्यारण्य को बसाया गया था।
यहां पर आपको पीले रंग की चोंच बाली बुलबुल और स्लोथ बियर और पक्षियों की कई प्रजातियां देखने को मिलेंगीं।PC:Vaibhavcho

रामदेवरा बेट्टा पर्वत पर ट्रैकिंग
ग्रेनाइट की सबसे प्राचीन संरचना पर ट्रैकिंग करने का मज़ा ही कुछ और है। मॉनसून के दौरान यहां आप रॉक क्लाइंबिंग नहीं कर सकते क्योंकि इस दौरान पत्थरों पर काफी फिसलन हो जाती है। इस जगह पर फिल्म शोले की शूटिंग भी हो चुकी है।PC: L. Shyamal

कोकून मार्केट
रामनगर में विशेष रूप से रेशम का उत्पादन किया जाता है। शहर के केंद्र में सरकार द्वारा प्रशासित सिल्क कोकून मार्केट चलाई जाती है। यहां पर हर दिन लगभग 50 टन कोकून बिकता है। साथ ही यहां की सरकार इस बात का भी ध्यान रखती है कि रेशम के उत्पादन में लगे किसानों को बेहतर दाम मिल रहे हैं या नहीं।
इससे कुछ दूरी पर कुछ लघु उत्पादन केंद्र भी हैं जहां कोकून को संसाधित और रेशम के कपड़े को निकाला जाता है और इनसे दुनियाभर में मशहूर मैसूर की सिल्क साडियां बुनी जाती हैं।
PC: Kiranravikumar

जनपद लोका लोक कला संग्रहालय
इस लोक कला संग्रहालय में कर्नाटक की ग्रामीण संस्कृति को देखा जा सकता है। इस संग्रहालय में खाना बनाने, कृषि, स्टोव और पशुओं के जाल जैसी 5000 से भी ज्यादा कलाकृतियां रखी हुईं हैं। इनमें से पारंपरिक नृत्य का हिस्सा रहे पप्पेट, मास्क और गुडिया आकर्षण का केंद्र हैं। समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास को प्रदर्शित करने वाली नृत्य कला यक्षगण भी लोकप्रिय है।PC: Gopal Venkatesan
सबसे खास बात तो ये है कि यहां के गाइडों को सब चीज़ों का सिर्फ ज्ञान ही नहीं है बल्कि वो लोक कलाकारों को भी अच्छी तरह से जानते हैं।



Click it and Unblock the Notifications











