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अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर बनेगा Dome फॉरेस्ट : AI करवाएगा बेमौसम बारिश, कोहरा और घनी हरियाली

अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट पर बनेगा ऐसा वर्षावन जहां होगी बेमौसम की बरसात, छाएगा घना कोहरा और इतना घना जंगल और गहरी हरियाली कि अमेजॉन का वर्षावन भी एक पल के लिए फीका पड़ जाए। अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट पर सिंगापुर के विश्व प्रसिद्ध Gardens by the Bay के तर्ज पर बनाया जाएगा Dome फॉरेस्ट।

मीडिया रिपोर्ट में किये गये दावे के अनुसार अहमदाबाद और साबरमती रिवरफ्रंट पर इस डोम फॉरेस्ट को बनाने का उद्देश्य पर्यटकों को वास्तविक उष्णकटिबंधीय घने जंगलों में घुमने का अनुभव शहर के बीचोबीच करवाना है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि अहमदाबाद की साबरमती रिवरफ्रंट पर कुछ ऐसा बनने वाला है जो भविष्य में भले ही सामान्य लगे लेकिन आज के समय में इसे देखकर लोग रोमांचित जरूर होंगे।

ahmedabad dome forest

कहां पर बनेगा Dome फॉरेस्ट?

अहमदाबाद में Dome फॉरेस्ट को साबरमती नदी के पश्चिमी तट पर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के पास बनाने का फैसला लिया गया है। इस उष्णकटिबंधीय डोम फॉरेस्ट को लगभग 7000 वर्ग मीटर के क्षेत्र में बनाया जाएगा, जहां लगभग 1600 वर्ग मीटर के गुंबज के अंदर इस जंगल को बनाया जाएगा जो जमीन से थोड़ा ऊपर रहेगा।

Times of India की मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह उष्णकटिबंधीय जंगल अहमदाबाद के शहरी डिजाइन और रिवरफ्रंट के पूरे Look को बदल देगा। उम्मीद की जा रही है कि यह जंगल अहमदाबाद में रहने वाले स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों को भी खूब पसंद आएगा।

dome forest ahmedabad

AI की मदद से सब कुछ होगा मैनेज

बताया जाता है कि यह जंगल कृत्रिम रूप से बनाया जाएगा लेकिन यह सिर्फ पेड़-पौधों और घास से बना जंगल ही नहीं होगा बल्कि इस जंगल का पूरे प्रबंध में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद ली जाएगी। यहां कृत्रिम रूप से सूर्य की रोशनी आने से लेकर जलापूर्ति तक, सब कुछ AI की मदद से ही प्रबंधित होगी।

इस स्मार्ट तकनीक की मदद से विशेष उष्णकटिबंधिय पेड़-पौधों जैसे ऑर्किड, हेलीकोनियस और एलोकैसिया आदि को यहां विकसित होने में मदद मिलेगी। हालांकि यह Dome फॉरेस्ट साबरमती रिवरफ्रंट के विशाल विस्तार योजना का एक हिस्सा मात्र है।

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो इस Dome फॉरेस्ट को ₹22 करोड़ की लागत से विकसित करने की योजना बनायी गयी है। इस उष्णकटिबंधीय जंगल में एक ओर जहां AI की मदद से बेमौसम बरसात होगी। वहीं किसी घने जंगल में जब कोहरा छाता है, तब कैसा महसूस होता है, यहां आपको यह भी महसूस करने का मौका मिलेगा।

lush green forest

इसके साथ ही घने पेड़ों के बीच से छनकर आती सूरज की रोशनी कितनी तेज या कितनी हल्की होती है, अहमदाबाद के AI पावर्ड Dome फॉरेस्ट में आपको यह भी जानने का मौका मिल जाएगा। ठीक वैसे ही जैसे सिंगापुर के Dome फॉरेस्ट में होता है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों ही गुजरात सरकार ने सिंगापुर की एक कंपनी को साबरमती रिवरफ्रंट पर फेज 4 से 6 तक के निर्माण की देखरेख करने की जिम्मेदारी सौंपी है। साबरमती रिवरफ्रंट के आने वाले चरणों में नर्मदा मेन कैनल से चिलोदा ब्रिज तक और गांधीनगर तक विस्तार किया जाएगा।

एक बार पूरी तरह से बन जाने के बाद साबरमती रिवरफ्रंट की कुल लंबाई करीब 38 किमी होने वाली है। इससे पहले वर्ष 2019 में गुजरात हाउसिंग बोर्ड की परियोजनाओं को पूरा करने की जिम्मेदारी सिंगापुर की उक्त कंपनी को ही सौंपी गयी थी।

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