जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने आज, 5 जुलाई को अमरनाथ यात्रा के लिए एक जरूरी ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सभी श्रद्धालुओं से सरकारी नियमों और प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की है। अब केवल वही यात्री अपनी यात्रा जारी रख पाएंगे, जिनके पास वैलिड रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टैग होगा। प्रशासन ने यह कदम सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने और यात्रियों की संख्या को सही तरीके से मैनेज करने के लिए उठाया है।
नेशनल हाईवे 44 पर सुरक्षा काफिले (कन्वॉय) के लिए समय सीमा तय कर दी गई है और इसे सख्ती से लागू किया जा रहा है। सभी तीर्थयात्रियों को जम्मू बेस कैंप से सुबह जल्दी निकलने वाले सुरक्षा काफिले में शामिल होना होगा। भारी सुरक्षा के बीच ये काफिले बालटाल और पहलगाम रूट की ओर बढ़ेंगे। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए गुलमर्ग और अन्य रास्तों पर शाम के समय आवाजाही पर पाबंदी लगाई गई है।

अमरनाथ यात्रा: रजिस्टर्ड श्रद्धालुओं के लिए जरूरी गाइडलाइंस
यात्रा क्षेत्र में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति के लिए अब एडवांस रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। संकरे रास्तों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यात्रियों की दैनिक संख्या भी तय की गई है। श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) के अधिकारी कई स्तरों पर सुरक्षा जांच कर रहे हैं। यात्रा के दौरान अपने साथ आधिकारिक परमिट और एक वैध पहचान पत्र (ID Card) रखना बेहद जरूरी है।
पहाड़ों पर अचानक होने वाली बारिश और भूस्खलन की वजह से यात्रा को बीच-बीच में रोकना पड़ सकता है। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे इस हफ्ते श्रीनगर, सोनमर्ग या पहलगाम में रुकने के लिए अतिरिक्त समय (बफर स्टे) लेकर चलें। ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े और अच्छी क्वालिटी के रेनकोट साथ रखना जरूरी है। इसके अलावा, ऊंचाई पर होने वाली बीमारी (एल्टीट्यूड सिकनेस) और थकान के लिए जरूरी दवाएं भी अपने पास रखें।
| कैटेगरी | नियम या समय |
|---|---|
| एक्सेस परमिट | SASB के साथ एडवांस रजिस्ट्रेशन अनिवार्य |
| ट्रैकिंग डिवाइस | हर समय एक्टिव RFID टैग जरूरी |
| हाईवे कट-ऑफ | केवल सुबह के सुरक्षा काफिले के साथ रवानगी |
| जरूरी सामान | रेनकोट, आईडी कार्ड और मजबूत जूते |
ऊंचाई वाले इलाकों में सेहत का ख्याल रखना यात्रियों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। यात्रा मार्ग के विभिन्न पॉइंट्स पर मेडिकल कैंप लगाए गए हैं, जहां ऑक्सीजन सपोर्ट और चेकअप की सुविधा उपलब्ध है। श्रद्धालु समय-समय पर पानी पीते रहें और अपनी क्षमता के अनुसार एक समान गति से चलें। किसी भी तरह की देरी या कन्फ्यूजन से बचने के लिए स्थानीय पुलिस के निर्देशों का पालन करें।
रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट और अन्य जानकारियों के लिए SASB के आधिकारिक मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करें। प्रशासन ने यात्रियों की मदद के लिए समर्पित हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। 3,888 मीटर की इस कठिन चढ़ाई के लिए सही प्लानिंग आपकी यात्रा को सुखद और आध्यात्मिक बनाएगी। इन नियमों का पालन करने से न केवल यात्रा की पवित्रता बनी रहेगी, बल्कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित भी रहेंगे।



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