अमरनाथ यात्रा ने आज 7 जुलाई को इस सीजन का एक नया रिकॉर्ड बनाया है। जम्मू बेस कैंप से छठे जत्थे में रिकॉर्ड 8,815 श्रद्धालु रवाना हुए। इस साल यात्रा शुरू होने के बाद से यह एक दिन में रवाना होने वाला श्रद्धालुओं का सबसे बड़ा जत्था है। यात्रा को सुगम बनाने के लिए रजिस्टर्ड श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे आज समय से अपनी यात्रा शुरू करें।
सुरक्षा बल दोनों मुख्य रास्तों पर उमड़ी इस भारी भीड़ को मैनेज करने में जुटे हैं। आंकड़ों की बात करें तो 5,432 श्रद्धालु पहलगाम के रास्ते निकले हैं, जबकि 3,383 लोगों ने बालटाल का छोटा रास्ता चुना है। भीड़ को देखते हुए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) नियमों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है। श्रद्धालुओं को सुबह के काफिले (convoy) में शामिल होने के लिए भगवती नगर जल्दी पहुंचने की सलाह दी गई है ताकि उनकी टाइमिंग मिस न हो।

अमरनाथ यात्रा: मौसम का हाल और काफिले की टाइमिंग
नेशनल हाईवे 44 (NH-44) पर आज सुरक्षा के लिहाज से केवल दिन में आवाजाही के सख्त नियम लागू हैं। ट्रैफिक पुलिस ने भारी भीड़ को देखते हुए खास 'कट-ऑफ' टाइम तय किया है। अगर आप इस समय सीमा को मिस करते हैं, तो सुरक्षा चेकपॉइंट्स पर आपको लंबी देरी का सामना करना पड़ सकता है। सफर को आसान बनाने के लिए ऑफिशियल रेडियो के जरिए मिल रहे अपडेट्स पर नजर रखें।
| रास्ते का नाम | श्रद्धालुओं की संख्या | डेस्टिनेशन बेस |
|---|---|---|
| पहलगाम | 5,432 | नुनवान कैंप |
| बालटाल | 3,383 | बालटाल कैंप |
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज सुबह 03:00 बजे जारी पूर्वानुमान में पहाड़ी रास्तों पर कुछ जगहों पर तेज बारिश की चेतावनी दी है। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे पवित्र गुफा तक सुरक्षित पहुंचने के लिए सुबह जल्दी निकलें। सुरक्षा के लिहाज से अब सभी यात्रियों के लिए अच्छी क्वालिटी का रेन गियर (बरसाती) साथ रखना अनिवार्य कर दिया गया है।
अमरनाथ यात्रा: बेस कैंप पर इंतजाम और सुरक्षा से जुड़ी जरूरी बातें
रिकॉर्ड भीड़ की वजह से आज बेस कैंपों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। यात्री अपनी रजिस्ट्रेशन स्लिप और आईडी कार्ड तैयार रखें, क्योंकि कई जगहों पर चेकिंग हो सकती है। हालांकि वहां UPI के जरिए डिजिटल पेमेंट की सुविधा मौजूद है, लेकिन अपने साथ थोड़ा कैश रखना समझदारी होगी। जैसे-जैसे आप ऊंचाई वाले इलाकों में बढ़ेंगे, मोबाइल नेटवर्क सिग्नल कमजोर हो सकते हैं।
सरकारी गाइडलाइंस का पालन करने से आपकी आध्यात्मिक यात्रा सुरक्षित और सुखद रहेगी। अपनी यात्रा शुरू करने से पहले हमेशा मौसम विभाग (IMD) के डेली अपडेट्स जरूर चेक करें। तय समय सीमा के भीतर सफर करना आपकी सुरक्षा के लिए जरूरी है और इससे सुरक्षा बलों को भी व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलती है। हिमालय की कठिन चुनौतियों के बावजूद, श्रद्धालुओं का यह रिकॉर्ड जत्था उनकी अटूट आस्था का प्रमाण है।



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