द आर्कियोलॉजीकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI), जिस पर देश की धरोहरों को सहेजने की जिम्मेदारी होती है, ने अब कुछ ऐसा करने की योजना बनायी है जिससे पर्यटकों का दिल खुश हो जाएगा। ASI ने ऐतिहासिक धरोहरों के आसपास गिफ्ट शॉप खोलने की योजना बनायी है, ताकि यहां आने वाले सैलानी इन धरोहरों की यादों को अपने बैग में भरकर अपने घरों और दूसरे शहरों में ले जा सकें।

इससे ना सिर्फ लोगों का इतिहास के प्रति रुझान बढ़ेगा बल्कि धरोहरों का प्रमोशन भी होगा। इसके लिए ASI ने मेमेंटो तैयार करने की योजना बनायी है।
ASI ने भारतीय सांस्कृतिक शिल्प और विरासत में रुचि बढ़ाने के लिए www.eprocure.gov.in और www.asi.nic.in पर अभिव्यक्ति प्रकाशित की है। EOI के पास सभी 84 स्मारकों की पूरी सूची है। ASI पिछले 2 सालों से प्रमुख स्मारकों के पास गिफ्ट शॉप खोलने की योजना बना रहा है। इन गिफ्ट शॉप्स को खोलने का मुख्य उद्देश्य देश के नागरिकों को पर्यटकों से बातचीत करने का मौका मिल सकें और देश की विभिन्न धरोहरों व संस्कृतियों को समझने में मिल सकें।

ASI के गिफ्ट शॉप पर वास्तुशिल्प, महत्वपूर्ण मूर्तियां, ऐतिहासिक मूल्य के साथ एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) सहित साइट के सबसे उल्लेखनीय तत्वों की प्रतिकृतियां विभिन्न प्रकार के मेमेंटो के रूपों में उपलब्ध होंगी। प्रतिकृतियों के अलावा, ये गिफ्ट शॉप एक रचनात्मक केंद्र हो सकती हैं जहां उद्यमी, कॉर्पोरेट दिग्गज, बुटीक निर्माता और शिल्पकार भारतीय संस्कृति से जुड़े सामानों की भी बिक्री की जा सकती है।

इससे पहले, ASI ने प्रकाशन काउंटर के रूप में इस सार्वजनिक सुविधा की पेशकश की थी। आम लोगों को किसी स्मारक को समझने में मदद करने के लिए ASI अकादमिक समर्थन के साथ स्मृति चिन्हों के बारे में बताएगा। इन प्रकाशन काउंटरों को अब अधिक व्यापक पेशकश के रूप में विकसित किया जाएगा।



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