शिवरात्रि के दिन इस साल कब केदारनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे, उस तारीख का ऐलान कर दिया गया है। इस साल केदारनाथ धाम के कपाट 10 मई को सुबह 7 बजे खोल दिये जाएंगे। हर साल अक्षय तृतिया के दिन हर-हर महादेव के जयघोष के साथ केदारनाथ धाम के कपाट खोले जाते हैं।
अगले 6 महीने तक मंदिर के कपाट खुले रहते हैं और लाखों की संख्या में भक्त केदारनाथ पहुंचकर द्वादश ज्योतिर्लिंग और पंचकेदार में से एक बाबा केदारनाथ के दर्शन करते हैं। उसके बाद भाईदूज के दिन केदारनाथ धाम के कपाट को शीतकाल के लिए बंद कर दिया जाता है। जिसके बाद बाबा केदारनाथ शीतकालिन गद्दी को ऊखीमठ में ओंकारेश्वर मंदिर में स्थापित किया जाता है।

यहां से केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने के समय बाबा केदार की डोली को मंदिर पहुंचाया जाता है। इस साल कब ओंकारेश्व से निकलेगी बाबा केदार की डोली? किस दिन और किन पड़ावों से होकर बाबा केदार की डोली केदारनाथ धाम मंदिर पहुंचने वाली है?
सबसे पहले आपको बता देते हैं, कि आखिर बाबा केदार की डोली क्या होती है? बाबा केदार की डोली उनकी चल विग्रह को कहा जाता है, जिसमें चांदी से बनी पंचमुखी केदारनाथ की मूर्ति स्थापित होती है। भाईदूज के दिन जब केदारनाथ मंदिर के कपाट को शीतकाल के लिए बंद कर दिया जाता है, तब मंदिर में स्थापित बाबा केदार की चल विग्रह को डोली में बैठाकर ऊखीमठ में स्थित ओंकारेश्वर मंदिर लाया जाता है।

यहीं मंदिर के कपाट फिर से खुलने तक डोली को स्थापित किया जाता है, जिसे केदारनाथ की शीतकालिन गद्दी कही जाती है। बताया जाता है कि पहले केदारनाथ की चल विग्रह लकड़ी की बनी हुई थी, जिसे बाद में चांदी से बनवाया गया।
कब से शुरू होगी केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने की प्रक्रिया
10 मई को केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलेंगे। इसलिए किसी भी परिस्थिति में 10 मई को बाबा केदार की डोली को केदारनाथ धाम में पहुंचना ही होगा। बाबा केदार की पंचमुखी विग्रह 6 मई को पंचकेदार की गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ से रवाना होगी, जो विभिन्न पड़ावों से गुजकर केदारनाथ धाम पहुंचेगी। इसे एक प्रकार से केदारनाथ धाम मंदिर के खुलने की प्रक्रिया का शुरू होना कहा जा सकता है।

कब-कौन से रास्ते से गुजरेगी बाबा केदार की डोली
- 6 मई को बाबा केदार का विग्रह ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ से चलकर गुप्तकाशी पहुंचेगा।
- 7 मई को बाबा केदार की डोली गुप्तकाशी से रवाना होकर फाटा पहुंचेगी।
- 8 मई को केदारनाथ की डोली फाटा से रवाना होगी और गौरीकुंड पहुंचेगी।
- 9 मई को केदारनाथ की डोली गौरीकुंड से केदारनाथ धाम के लिए रवाना हो जाएगी।
- 10 मई की सुबह केदारनाथ धाम को सुबह 7 बजे पूरे परंपरागत रूप से खोल दिया जाएगा।
अगर कोई भक्त चाहे तो बाबा केदारनाथ की डोली यात्रा के किसी भी पड़ाव पर उनका दर्शन कर सकता है या फिर ऊखीमठ से शुरू हुई डोली-यात्रा का केदारनाथ धाम तक हिस्सा बन सकता है।



Click it and Unblock the Notifications














