बैंगलोर में ट्रैफिक जाम की परेशानी को कम करने के लिए राज्य सरकार लगातार उपाय करती रहती है। इसी क्रम में उप-मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने हाल ही में घोषणा की है कि बैंगलोर में 100 किमी का क्षेत्र सिग्नल फ्री बनाया जाएगा। इसके लिए पूरे शहर में 17 ऐसी जगहों का चुनाव किया गया है जहां एलिवेटेड कॉरिडोर बनेंगे।
उपमुख्यमंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमने एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने के लिए 17 ऐसी जगहों का चुनाव किया है ताकि राजाजीनगर से के आर सर्किल तक सिग्नल फ्री कॉरिडोर बनाया जा सकें।

उपमुख्यमंत्री ने उक्त घोषणा अलग-अलग पार्टियों के बैंगलोर शहर के विधायकों के साथ हुई बैठक के बाद की। Deccan Herald की एक रिपोर्ट के अनुसार बृहत बैंगलोर महानगरपालिका (BBMP) ने उन सभी 17 जगहों की पहचान कर ली है, जहां ट्रैफिक काफी घना होता है और अगले कुछ सालों में यहां ट्रैफिक और भी ज्यादा होने वाला है।
इस बारे में BBMP के एक अधिकारी ने बताया कि ट्रैफिक की स्थिति की पहचान के बाद ही उन जगहों का चुनाव किया गया है। साथ ही जगहों का चुनाव करते समय विशेषज्ञों ने ऐसी जगहों की भी पहचान की है जहां साल 2044 तक लेन बनाए जाएंगे। विशेषज्ञों ने सिग्नल फ्री कॉरिडोर बनाने के लिए महत्वपूर्ण जंक्शन की सलाह भी दी है।
बताया जाता है कि अधिकांश ट्रैफिक एनालिसिस अध्ययनों में उन कॉरिडोर को ही चुना गया है जहां ट्रैफिक का बहाव सबसे ज्यादा भारी होते हैं लेकिन जाम की वजह से ट्रैफिक की गति घटकर 15 किमी प्रतिघंटा से 20 किमी प्रतिघंटा पर पहुंच जाते हैं। नतीजा न सिर्फ ट्रैफिक जाम बल्कि भारी मात्रा में इंधन भी बर्बाद होता है और काम पर पहुंचने में भी लोगों को देर होने लगती है।

मिली जानकारी के अनुसार इनमें से अधिकांश स्ट्रेच ही 8 या 6 लेन वाले हैं। लेकिन यहां वर्तमान में ट्रैफिक का जो बहाव है, उसे मद्देनजर रखते हुए कम से कम 8 लेन की जरूरत है और साल 2044 तक इन्हें 12 लेन का बनाना बेहतर होगा। लेकिन यहां लेन बढ़ाने का कोई उपाय नहीं है। तो फिर क्या होगा उपाय?
इस वजह से ही बैंगलोर में अंडरपास या एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की जरूरत महसूस हो रही है। उपमुख्यमंत्री ने अपनी घोषणा में कहा कि भविष्य में बैंगलोर के सभी मेट्रो लाइन डबल-डेकर मॉडल के तर्ज पर बनाया जाएगा। बता दें, पिछले सप्ताह ही बैंगलोर के सिल्क बोर्ड जंक्शन पर उपमुख्यमंत्री ने डबल डेकर फ्लाईओवर का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि हमें समझ में आ रहा है कि हमने अतित में जैसे भूमि अधिग्रहण किया था, भविष्य में भी उसे नहीं किया जा सकता है। इसलिए हमने डबल-डेकर फ्लाईओवर बनाने का फैसला किया है।

कहां-कहां होंगे सिग्नल फ्री कॉरिडोर?
- केआर पुरम - हालासुरु लेक-जयमहल रोड-यशवंतपुर-गोरागुंतेपलय : 23 किमी
- होसुर रोड - अनेपल्या-अदुगोडी-फोरम मॉल-सेंट जॉन्स जंक्शन-मदीवाला-सिल्क बोर्ड : 5.5 किमी
- मरेनाहल्ली- कनकपुरा रोड-तलगट्टापुरा नाइस रोड : 10 किमी
- मिनर्वा-भारत टॉकिज-शिवाजी टॉकिज-टाउन हॉल-हडसन सर्किल-कब्बन पार्क : 2.7 किमी
इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में 18 किमी लंबे टनल रोड, जो एस्टीम मॉल से सिल्क रोड जंक्शन तक होगा, के लिए सभी विधायकों ने अपनी सहमती दे दी है। इसके साथ ही इस्ट-वेस्ट आर के पुरम-मैसूर रोड कॉरिडोर बनाने की भी योजना बनायी गयी है। लेकिन इसके लिए टेंडर बाद में निकाला जाएगा पहले नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर को मंत्रिमंडल से पारित करवाकर उसका टेंडर आमंत्रित किया जाएगा।



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